संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा किया और कई सांसद वेल तक पहुंच गए। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा में नए सभापति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया गया। पीएम ने उनका अभिवादन किया।
सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने मीडिया से 10 मिनट बात की। उन्होंने कहा, ‘भारत ने यह सिद्ध किया है कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवर। इसलिए यह सत्र विकसित भारत के प्रयास में और ऊर्जा भरने का अवसर है। विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकलकर आए और मजबूत मुद्दे उठाए।
उन्होंने कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। राष्ट्रनीति पर बात होनी चाहिए।
सत्र के पहले दिन से ही हंगामा होने के आसार हैं। विपक्षी दल SIR, आंतरिक सुरक्षा और लेबर कोड पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, सरकार चाहती है कि वंदे मातरम् पर चर्चा हो।
शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिन के सत्र में 15 बैठकें होंगी। इस दौरान एटॉमिक एनर्जी बिल समेत 10 नए बिल पेश हो सकते हैं।
