मणिपुर हिंसा में करीब आठ महीने पहले मारे गए दो स्टूडेंट्स के शव अभी तक उनके परिजन को नहीं मिले हैं। सितंबर में उनकी लाश की तस्वीर सामने आने के बाद से दोनों के परिवार शव ढूंढ़ने में लगे हैं और मदद की गुहार कर रहे हैं।
इन स्टूडेंट्स की पहचान 17 साल की हिजाम लिनथोइंगंबी और 20 साल का फिजाम हेमजीत के तौर पर हुई थी। लिनथोइंगंबी के पिता कुलजीत ने मंगलवार को मणिपुर विधानसभा की कैबिनेट मीटिंग में इस मद्दे को उठाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले 8 महीनों से उन्हें बच्चों के कपड़े तक नहीं मिले हैं। हमें दोनों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
पिछले साल 6 जुलाई को 17 साल की लिंथोईगंबी कोचिंग क्लास के लिए निकली थी, लेकिन घर वापस नहीं लौटी थी। उसके साथ हेमजीत भी तभी से लापता था। घटना के दो महीने बाद सोशल मीडिया पर दोनों के मरने की सूचना सामने आई थी। मणिपुर सरकार की ओर से दोनों की हत्या की पुष्टि की गई थी। इसके बाद से दोनों स्टूडेंट्स के परिजन शव की तलाश कर रहे हैं।
23 सितंबर को वायरल हुई थी स्टूडेंट्स की तस्वीर
23 सितंबर को मोबाइल इंटरनेट से बैन हटने के बाद दो स्टूडेंट्स के शवों की फोटो सामने आई थी। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। फोटो में दोनों की बॉडी जमीन पर पड़ी हुई नजर आ रही है। साथ ही लड़के का सिर कटा हुआ है। हालांकि, दोनों स्टूडेंट्स के शव अभी तक नहीं मिले हैं। दोनों स्टूडेंट्स आखिरी बार जुलाई में एक दुकान में लगे CCTV कैमरे में दिखाई दिए थे।
सोशल मीडिया पर ये दो तस्वीरें वायरल हुईं…
पहली तस्वीर- इसमें दो स्टूडेंट्स 17 साल की हिजाम लिनथोइंगंबी और 20 साल का फिजाम हेमजीत बैठे हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में छात्रा एक सफेद टी-शर्ट में है, जबकि हेमजीत चेक शर्ट में है और बैकपैक पकड़े हुए है। उनके पीछे दो बंदूकधारी भी नजर आ रहे हैं।
