Headlines

विंग कमांडर नमांश का कांगड़ा में अंतिम संस्कार:चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी, दुबई एयर शो में तेजस क्रैश होने से मौत हुई थी

विंग कमांडर नमांश का कांगड़ा में अंतिम संस्कार:चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी, दुबई एयर शो में तेजस क्रैश होने से मौत हुई थी

शिमलाकुछ ही क्षण पहले
पैतृक गांव पटियालकर में शहीद विंग कमांडर नमांश को मुखाग्नि देते चचेरे भाई।

दुबई एयर शो में लड़ाकू विमान तेजस क्रैश में जान गंवाने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल का रविवार को अंतिम संस्कार हुआ। हिमाचल के कांगड़ा जिले में पैतृक गांव पटियालकर में चचेरे भाई निशांत ने उन्हें मुखाग्नि दी।

दोपहर में उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा था। इससे पहले दोपहर 1 बजे गग्गल एयरपोर्ट पर कैबिनेट मंत्री यादवेंद्र गोमा, नगरोटा बगवां से विधायक आरएस बाली और शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।

शहीद विंग कमांडर नमांश के अंतिम संस्कार के PHOTOS…

विंग कमांडर नमांश के शव के अंतिम संस्कार की तैयारी करते पारिवारिक सदस्य।
श्मशान घाट में लोगों ने ‘विंग कमांडर अमर रहे’ के नारे लगाए।
गांव पहुंचा विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर, शोक में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पटियालकर में विंग कमांडर नमांश को श्रद्धांजलि देते विधायक विपिन सिंह परमार और एयरफोर्स के अधिकारी।

दुबई एयर शो में तेजस क्रैश हुआ था जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार को दुबई एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान एक फ्लाइंग एक्सरसाइज के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में कांगड़ा निवासी विंग कमांडर नमांश स्याल (34) शहीद हो गए थे।

भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे, तेजस विमान हवा में करतब दिखा रहा था कि अचानक नियंत्रण खो बैठा और दर्शकों के सामने जमीन से जा टकराया। टक्कर के कुछ ही क्षण बाद आग का बड़ा गोला और धुएं का गुबार उठता नजर आया। हादसा इतना तेज था कि पायलट खुद को बचा नहीं सके।

शहीद नमांश के ताऊ जोगिंदर नाथ स्याल ने बताया कि उन्हें शाम करीब 3 बजे हादसे की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि वे सिधवाड़ी में रहते हैं और उनके किरायेदार, जिनके कोई परिचित दुबई में रहते हैं, ने शुरुआत में घटना की पुष्टि कराई। उन्होंने बताया कि विमान क्रैश हो गया है और पायलट की मौत हो चुकी है।

एयरफोर्स के अधिकारियों ने पत्नी और बेटी को बंधाया ढांढस।

पत्नी आईआईएम कोलकाता में अंडर ट्रेनिंग

जोगिंदर नाथ ने बताया कि नमांश स्याल सेलूर एयरबेस पर तैनात थे। उनकी पत्नी इस समय IIM कोलकाता में अंडर ट्रेनिंग हैं। उनकी एक बेटी है, जो पहली कक्षा में पढ़ती है। नमांश के माता पिता दोनों बहू और नमांश की बेटी के साथ रह रहे थे।

भाई लगभग एक महीने पहले ही घर आए थे और करीब 10–12 दिन पहले फिर वहां गए थे। उन्होंने बताया कि शहीद की एक बहन है। जिसकी शादी हमीरपुर में हुई है।

शहीद विंग कमांडर और उनकी पत्नी (फाइल फोटो)

सैनिक स्कूल से मिली थी देशसेवा की राह नमांश स्याल कांगड़ा जिले की पटियालकर पंचायत के रहने वाले थे। उनके पिता जगन्नाथ स्याल भारतीय सेना में अधिकारी रहे। बाद में वे हिमाचल शिक्षा विभाग में स्कूल प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुए।

नमांश ने सुजानपुर स्थित सैनिक स्कूल से पढ़ाई की और 2005 बैच से पासआउट थे। बाद में उन्होंने ग्रेजुएशन के साथ एयरफोर्स में शामिल होने की तैयारी की। शहीद नमांश के परिवार में उनकी पत्नी अफसान, एक बेटी और माता-पिता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024