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वैष्णोदेवी मेडिकल इंस्टीट्यूट की MBBS सीट का विरोध:पहले बैच में 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख; हिंदू संगठनों की मांग- लिस्ट रद्द करें

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) में MBBS एडमिशन को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोमवार को कई हिंदू संगठनों ने एक साथ विरोध प्रदर्शन किया और एडमिशन वाली सीट अलॉटमेंट की पहली लिस्ट तुरंत रद्द करने की मांग की।

इस साल संस्थान को 50 MBBS सीटें मिली हैं। 2025-26 के पहले बैच में 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख छात्र का नाम सीट अलॉटमेंट लिस्ट में है। हिंदू संगठनों का कहना है कि सीट बंटवारे में भेदभाव किया गया है। इसमें हिंदू छात्रों की अनदेखी की गई है।

इसके विरोध में युवा राजपूत सभा, राष्ट्रीय बजरंग दल और कल्कि आंदोलन जैसे हिंदू संगठन जम्मू में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण वैष्णो देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के दान से हुआ है, इसलिए इसका इस्तेमाल हिंदू समुदाय के हित में होना चाहिए।

प्रदर्शन की 2 तस्वीरें…

यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका।
युवा राजपूत सभा, राष्ट्रीय बजरंग दल और कल्कि आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारी।

हिंदू संगठनों की 4 प्रमुख मांग…

  1. पहली एडमिशन लिस्ट रद्द की जाए।
  2. एडमिशन की नई प्रक्रिया लागू की जाए।
  3. नियमों की दोबारा जांच हो, ताकि हिंदू छात्रों को पर्याप्त आरक्षण मिल सके।
  4. संस्थान को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने पर विचार हो।

बजरंग दल ने कहा- हिंदुओं को आरक्षण मिले

राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा कि 50 सीटों में सिर्फ 7 हिंदू और 1 सिख छात्र हैं। यह हमें स्वीकार नहीं। हम हिंदुओं के लिए पर्याप्त आरक्षण की गारंटी मांगते हैं।

युवा राजपूत सभा के पूर्व अध्यक्ष विक्रम सिंह ने चेतावनी दी कि यदि उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड अध्यक्ष मनोज सिन्हा तुरंत हस्तक्षेप नहीं करते, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में समुदाय आधारित पक्षपात गंभीर मुद्दा है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन में युवाओं ने आरोप लगाया कि सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुईं हैं। पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया गया, कट-ऑफ और मेरिट लिस्ट भी स्पष्ट नहीं है और कथित रूप से एक विशेष समुदाय को ज्यादा सीटें दी गईं।

संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि एडमिशन पूरी तरह योग्यता (मेरिट) के आधार पर हुए हैं। संस्थान को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं मिला, इसलिए धर्म के आधार पर कोई आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका

प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय के पास इकट्ठा हुए और नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट की ओर बढ़े। उन्होंने विश्वविद्यालय का गेट जबरदस्ती खोल दिया, लेकिन पुलिस समय पर पहुंच गई और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

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