दिल्ली ब्लास्ट- आमिर ने उमर को सुरक्षित ठिकाने दिए:IED बनाने में मदद की; जूता बम इस्तेमाल का शक, जांच में खतरनाक TATP विस्फोटक मिला
दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी डॉ. उमर के साथी आमिर राशिद अली ने ही उमर को सेफ हाउस (सुरक्षित ठिकाना) उपलब्ध कराया था। साथ ही IED बनाने में भी मदद की थी। सोमवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने स्पेशल NIA कोर्ट में आरोपी की कस्टडी पाने के लिए ये दलील दीं।
रविवार को दिल्ली से गिरफ्तार आमिर को आज कोर्ट में पेश किया गया था। पूरी सुनवाई बंद कमरे में हुई। यहां केवल मामले से जुड़े अधिकारी और वकील मौजूद रहे। NIA ने लंबी हिरासत की डिमांड की थी। दिल्ली ब्लास्ट में उपयोग कार आमिर के ही नाम है।
वहीं, इस ब्लास्ट में सुरक्षा एजेंसियों को शू बम (जूता बम) के इस्तेमाल का शक है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को विस्फोट वाली कार से एक जूता मिला है। इसकी जांच में अमोनियम नाइट्रेट और TATP के ट्रेस मिले, जिन्हें शुरुआती सुराग माना जा रहा है।
TATP एक बेहद खतरनाक और सेंसेटिव विस्फोटक माना जाता है, जिसे आतंकी अक्सर इस्तेमाल करते हैं। यह मामूली झटके, रगड़ या थोड़ी सी गर्मी से भी फट सकता है। इसी वजह से इसे आतंकी दुनिया में ‘Mother of Satan’ यानी ‘शैतान की मां’ कहा जाता है।
NIA ने रविवार को बताया कि कार चला रहा डॉ. उमर नबी एक आत्मघाती हमलावर (सुसाइड बॉम्बर) था। यह पहली बार है, जब किसी सुरक्षा एजेंसी ने ऑफिशियल तौर पर इसकी पुष्टि की है। इससे यह तय हो गया है कि ब्लास्ट सुसाइड अटैक ही था। 10 नवंबर को दिल्ली धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी, 24 से ज्यादा लोग जख्मी हैं।
अब तक 8 लोग अरेस्ट, इनमें 5 डॉक्टर हैं
उमर कब-कहां गया, रूट रीक्रिएट करने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक अब सुरक्षा एजेंसियां उमर के पूरे मूवमेंट को रीक्रिएट करने की तैयारी में हैं। इसके लिए ब्लास्ट से पहले आतंकी का पूरा रूट मैप तैयार करेगी। इसमें वह ब्लास्ट से पहले कब और कहां-कहां गया था, इसे शामिल किया जाएगा।
रूट मैप को 50 से ज्यादा CCTV कैमरों में कैद हुई i20 कार के फुटेज के आधार पर क्रिएट किया जाएगा। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि फरीदाबाद से दिल्ली पहुंचने तक, क्या कोई व्यक्ति उससे मिला, उसका पीछा किया या उसकी मदद की। सूत्र ने बताया कि उमर ने NCR में कितने घंटे बिताए, यह समझने के लिए सभी बिंदुओं को जोड़ना बेहद जरूरी है।
धमाके वाली जगह के पास 9 एमएम की 3 गोलियां मिली
वहीं धमाके वाली जगह के पास मलबे से पुलिस को 9 एमएम की 3 गोलियां मिली हैं, जिनमें से दो जिंदा कारतूस हैं। एक सूत्र ने रविवार को बताया कि मौके से कोई हथियार नहीं मिला। जली हुई कार के पास सिर्फ गोलियां कैसे पहुंचीं, इसकी जांच की जा रही है।
यह गोलियां सिर्फ विशेष सुरक्षा यूनिट्स या परमिशन मिलने वाले लोग ही अपने पास रख सकते हैं। आम नागरिकों को इसे रखने की इजाजत नहीं है। सूत्र के अनुसार, मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी उनके हथियारों की जांच करने को कहा गया, लेकिन कोई भी कारतूस गायब नहीं मिला।
मैप से समझिए धमाके की लोकेशन
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लाइव अपडेट्स
दिल्ली ब्लास्ट में मरने वालों का आंकड़ा 15 हुआ
दिल्ली ब्लास्ट में मरने वालों का आंकड़ा सोमवार को 15 हो गया। आज दो लोगों की मौत हुई, जिनका इलाज जारी था। आज जिनकी मौत हुई उनमें लुकमान (50) और विनय पाठक (50) शामिल हैं।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी का पोर्टल शुरू
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का पोर्टल 3 दिन बाद सोमवार से शुरू हो गया। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से डॉक्टर दिल्ली ब्लास्ट में शामिल हैं। यूनिवर्सिटी के चांसलर के भाई को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने वाले लौटने लगे
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने वाले लोग अब यहां से जाने लगे हैं। इनसे भी जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल में हावड़ा-सियालदह रेलवे स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा
दिल्ली और नौगाम धमाकों के बाद पश्चिम बंगाल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सिक्योरिटी बढ़ाई गई है। हावड़ा और सियालदह रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
महबूबा बोलीं- कश्मीर की गूंज लाल किले तक सुनाई दी
PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर की गूंज लाल किले तक सुनाई दी है। उन्होंने कहा- यह घटना देश में बढ़ती असुरक्षा और जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र की विफल नीतियों का नतीजा है।
उन्होंने कहा- आपने दुनिया को बताया कि कश्मीर में सब ठीक है, लेकिन कश्मीर की परेशानियाँ लाल किले के सामने तक गूंज उठीं।
महबूबा ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित बनाने का वादा किया था, लेकिन नीतियों की वजह से दिल्ली असुरक्षित हो गई है। अगर एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर RDX बांधकर खुद को और दूसरों को मार देता है, तो इसका मतलब है कि देश सुरक्षित नहीं है।
हरियाणा के नूंह में जांच जारी
हरियाणा पुलिस का बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड हरियाणा के नूंह जिले के हिदायत कॉलोनी में पहुंचा है। यहां दिल्ली आतंकी विस्फोट मामले में जांच जारी है।
TATP क्या होता है?
TATP का फुल फॉर्म Triacetone Triperoxide (ट्राएसीटोन ट्राइपेरऑक्साइड) है। यह दुनिया के सबसे खतरनाक और बेहद अस्थिर विस्फोटकों में से एक माना जाता है। आतंकी इसे इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसे एसीटोन, हाइड्रोजन पेरऑक्साइड और एसिड जैसे आसान और घरेलू केमिकल्स से बनाया जा सकता है। यह वजन में बहुत हल्का होता है, लेकिन धमाका इतना ताकतवर करता है कि भारी नुकसान पहुंचा देता है। इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें धातु नहीं होती, इसलिए इसे स्कैनर और मेटल डिटेक्टर से पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
TATP की सबसे भयावह बात यह है कि यह मामूली झटके, रगड़ या थोड़ी सी गर्मी से भी फट सकता है। इसी वजह से इसे आतंकी दुनिया में “Mother of Satan” यानी ‘शैतान की मां’ कहा जाता है। इसका इस्तेमाल कई बड़े हमलों में हुआ है, जैसे 2005 के लंदन ब्लास्ट और 2016 ब्रसेल्स एयरपोर्ट अटैक। कई बार ISIS जैसे संगठनों ने भी इसी विस्फोटक का उपयोग किया है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर का भाई हैदराबाद से गिरफ्तार
दिल्ली कार ब्लास्ट से सुर्खियों में आई फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। महू निवासी जवाद के भाई हमूद सिद्दीकी को पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। उसे 16 नवंबर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
आरोप है कि हमूद ने चिटफंड कंपनी खोलकर पैसा दोगुना करने का झांसा दिया, फिर लोगों से निवेश करवाया। इसके बाद रुपए लेकर भाग गया। इस मामले में पुलिस उसको 25 साल से तलाश रही थी।
जवाद फरीदाबाद की उस अल फलाह यूनिवर्सिटी का संस्थापक चेयरमैन है, जिसमें धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी पढ़ाता था। वह अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट का संचालक भी है
