दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी उमर का नया वीडियो-फोटो सामने आया:फरीदाबाद में दुकान पर फोन चार्ज करता दिखा; अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ 2 FIR
दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर नबी का शनिवार को एक और CCTV फुटेज सामने आया है। ये वीडियो दिल्ली ब्लास्ट से 12 दिन पहले का है। 29 अक्टूबर को फरीदाबाद में एक शॉप पर मौजूद आतंकी उमर अपना फोन चार्जिंग के लिए दुकानदार को देता नजर आ रहा है।
25 सेंकेंड के इस वीडियो में नजर आ रहा है कि बेंच पर बैठा उमर अपने साथ साइड बैग लिए हुआ है। वो बैग से मोबाइल निकालता, दुकानदार को देता है। उसके पास एक और मोबाइल और नजर आ रहा है। उमर बेंच पर ही बैठा रहता है। वो नर्वस नजर आ रहा है।
इधर दिल्ली पुलिस ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ 2 FIR दर्ज की हैं। जो यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) के एक्शन के बाद की गईं। पहली FIR सेक्शन 12 के उल्लंघन के मामले में हुई। दूसरी यूनिवर्सिटी की फर्जी मान्यता के क्लेम से जुड़े हैं।
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग के पास 10 नवंबर की शाम 6.52 पर i20 कार में ब्लास्ट हुआ था। कार उमर चला रहा था। घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। 20 से ज्यादा घायल हैं। उनका दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर भी है।
ब्लास्ट के कारण 40 फीट नीचे मेट्रो स्टेशन हिल गया, 2 तस्वीरें
मैप से समझिए धमाके की लोकेशन
दिल्ली धमाके से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े 4 अपडेट्स…
- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव में आतंकी उमर नबी का घर गिरा दिया गया।
- अल-फलाह यूनिवर्सिटी से दो डॉक्टर, दो स्टाफ सहित 5 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है।
- जांच एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से 2019 से अब तक के रिकॉर्ड मांगे हैं। फंडिंग की जांच होगी।
- आतंकियों ने नूंह में दुकानों से 20 लाख रुपए में बम बनाने के लिए फर्टिलाइजर और अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था।
दिल्ली ब्लास्ट में भास्कर की 2 इन्वेस्टिगेशन
1. तीसरी तक पढ़े मौलवी ने डॉक्टरों को आतंक पढ़ाया
कश्मीर के जिस मौलाना मोहम्मद इरफान की वजह से आतंकियों के वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ, वो तीसरी कक्षा तक ही पढ़ा था। लेकिन, वो डॉक्टरों को आतंक का पाठ पढ़ा चुका था। इरफान शोपियां का रहने वाला है। नौगाम में मदरसे में पढ़ाने जाता था। 17 अक्टूबर को उसने ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का धमकी भरा पोस्टर लिखा। फिर उसे प्रिंटिंग कराने ले गया। पोस्टर में सेना के खिलाफ धमकी भरी बातें लिखी थीं।
जवानों ने पोस्टर देखा और आसपास पता लगाया तो मौलवी का सुराग मिला। अगले ही दिन जवान शोपियां पहुंच गए और उसे दबोच लिया। जांच सूत्रों ने भास्कर को बताया कि नौगाम में इरफान जिस मस्जिद में रहता था, उस कमरे को खोला गया। वहां कुछ और पोस्टर मिले। इसके बाद पहला केस दर्ज हुआ। कुछ दिन मामला शांत रहा, लेकिन 27 अक्टूबर को नौगाम में और पोस्टर लगे मिले। ये प्रिंटेड थे। सीसीटीवी फुटेज से इन्हें लगाने वाली की पहचान कुलगाम के वांपोरा निवासी डॉ. अदील मोहम्मद के रूप में हुई।
2. जहां से चार आतंकी निकले, वहां 40% डॉक्टर कश्मीरी
फरीदाबाद के धौज गांव में बनी जिस अलफलाह यूनिवर्सिटी से चार आतंकी डॉक्टर निकले, वहां 40% डॉक्टर कश्मीरी हैं। नाम न छापने की शर्त पर मेडिकल कॉलेज में तैनात एक महिला डॉक्टर ने भास्कर को बताया कि 2021 में लेडी आतंकी डॉ. शाहीन बतौर प्रोफेसर जुड़ी।
उसे प्रबंधन ने कॉलेज की 6 सदस्यीय फार्माको विजिलेंस कमेटी में अहम पद दिया। उसने ही 2022 में पुलवामा के आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल गनी, डॉ. उमर नबी, डॉ. सज्जाद अहमद को नौकरी दिलाई। सज्जाद को कॉलेज कमेटी का सदस्य बनवाया। शाहीन और सज्जाद का यूनिवर्सिटी में काफी प्रभाव था।
अल-फ्लाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दिल्ली में FIR
दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) की कार्रवाई के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं।
पहली FIR सेक्शन 12 के उल्लंघन के मामले में दर्ज की गई है, जबकि दूसरी FIR यूनिवर्सिटी द्वार किए गए फर्जी मान्यता (accreditation) के दावे से संबंधित है। अधिकारियों ने बताया कि समीक्षा के दौरान UGC और NAAC ने गंभीर अनियमितताएं पाई थीं, जिसके बाद ये मामले दर्ज किए गए।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी कथित बड़े षड्यंत्र की जांच के लिए एक अलग FIR दर्ज की है।
पुलिस ने ब्लास्ट हुई i20 कार के आस-पास के वाहनों का पता लगाया
10 नवंबर की शाम 6.52 बजे लाल किले के पास हुए धमाके में 13 लोगों की मौत के बाद जांच एजेंसियों ने घटनास्थल के आसपास खड़ी दर्जनों गाड़ियों का पता लगा लिया है। अधिकारियों के अनुसार जांचकर्ता इन वाहनों के ड्राइवरों और मालिकों से पूछताछ कर रहे हैं, ताकि घटनाक्रम को शुरुआत से अंत तक जोड़ा जा सके।
पुलिस ने उन तीन घंटों का लॉग तैयार किया है, जिन दौरान विस्फोट हुआ हुआ। i20 कार सुनहरी मस्जिद पार्किंग में खड़ी रही। इस लॉग में हर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, एंट्री टाइम, एग्जिट टाइम और मालिकाना डिटेल है।
दिल्ली पुलिस की एक टीम, बम स्क्वॉड के साथ मिलकर इन वाहनों की जांच कर रही है, जिन कारों को धमाके के समय पार्किंग में पाया गया था, उन्हें चेक किया जा रहा है। जांच पूरी होने पर वे गाड़ियां उनके मालिकों को वापस सौंपी जा रही हैं।
आतंकियों ने डेड ड्रॉप ईमेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पता चला कि दिल्ली ब्लास्ट में शामिल आतंकियों ने बातचीत और साजिश के लिए डेड ड्रॉप ईमेल तकनीक का इस्तेमाल किया था। इसमें ईमेल को ड्राफ्ट फोल्डर में सेव किया कर दिया जाता है। इसके बाद दूसरा शख्स उसे पढ़ने के लिए मेल आईडी में लॉग इन करते हैं।
इससे डिजिटल फुटप्रिंट का पता लगाना बहुत मुश्किल है। जांच में सामने आया है कि टेरर मॉड्यूल में शामिल डॉक्टरों ने एक दूसरे को कोई ईमेल नहीं भेजा।
दिल्ली पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के 2 डॉक्टरों समेत 3 लोगों को हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को हरियाणा की अल फलाह विश्वविद्यालय के दो डॉक्टरों मोहम्मद और मुस्तकीम समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। ये डॉक्टर लाल किले के पास विस्फोट करने वाली कार के चालक डॉ. उमर नबी को जानते थे।
उन्होंने कई लोगों से पूछताछ की, जिनमें एक चाय विक्रेता भी शामिल है जिसकी दुकान पर उमर कुछ देर के लिए रुका था। इसके अलावा पुलिस ने उस मस्जिद का भी दौरा किया जहां उसने विस्फोट वाले दिन नमाज पढ़ी थी।
NIA की टीम जांच के लिए फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची
