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हिमाचल में पहली बार अक्टूबर में बर्फ देख सकेंगे टूरिस्ट:3 फीट तक स्नोफॉल, पहले दिसंबर-जनवरी का करना पड़ता था इंतजार

हिमाचल में पहली बार अक्टूबर में बर्फ देख सकेंगे टूरिस्ट:3 फीट तक स्नोफॉल, पहले दिसंबर-जनवरी का करना पड़ता था इंतजार

शिमला4 घंटे पहलेलेखक: देवेंद्र हेटा
लाहौल स्पीति के दारचा में बर्फ के बीच मस्ती करते टूरिस्ट, सिस्सू में बिछी बर्फ की सफेद चादर।

हिमाचल में टूरिस्ट इस बार अक्टूबर में भी बर्फ देख सकेंगे। आमतौर पर बर्फबारी के लिए दिसंबर जनवरी का इंतजार करना पड़ता है। मगर इस बार अर्ली स्नोफॉल से न केवल टूरिस्ट, बल्कि हिमाचल के पर्यटन कारोबारियों को भी अच्छे कारोबार की आस बंध गई है।

राज्य के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी टूरिस्ट से हिमाचल आने की अपील की है। टूरिस्टों के लिए भी अच्छी बात यह है कि कमरों की बुकिंग पर प्राइवेट होटलों में 20 से 50 प्रतिशत तक डिस्काउंट दिया जा रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया- इससे पहले 11 अक्टूबर 2018 को केलांग में अर्ली स्नोफॉल 6 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया था। मगर इस बार 6 अक्टूबर को ही करीब एक फीट बर्फबारी हुई है। यह आज तक का सबसे अर्ली स्नोफॉल है।

प्रदेश में बीते तीन दिनों के दौरान कुल्लू, लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा, मंडी, कांगड़ा और शिमला जिला के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। मगर कई जगह एक-दो दिन में बर्फ पिघल जाएगी। अब बात करेंगे उन 10 पर्यटन स्थलों की जहां टूरिस्ट अगले 4-5 दिन या फिर पूरे विंटर सीजन में बर्फ देख सकेंगे।

10 पर्यटन स्थल, जहां टूरिस्ट बर्फ देख सकेंगे..

  • अटल टनल रोहतांग: अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल पर 4 से 5 सेंटीमीटर ताजा स्नोफॉल हुआ है। यहां पर टूरिस्ट अगले तीन से चार दिन तक बर्फ देख सकेंगे। अटल टनल पहुंचने के लिए पहले मनाली पहुंचना जरूरी है।टूरिस्ट कीरतपुर-मनाली फोरलेन से मनाली पहुंच सकते हैं। मनाली से अटल टनल की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। मनाली से अटल टनल पहुंचने में लगभग सवा घंटे का वक्त लग जाता है।
अटल टनल रोहतांग में गिरी बर्फ। जहां टूरिस्ट पहुंच रहे हैं।
  • रोहतांग दर्रा: रोहतांग दर्रा में 2 फीट से ज्यादा बर्फबारी हो चुकी है। यहां पर अब अगले साल मई-जून तक बर्फ देखने को मिलेगी। इससे आने वाले दो से ढाई महीने तक जब तक रोहतांग दर्रा वाहनों के लिए बंद नहीं हो जाता, तब तक टूरिस्ट का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल रहने वाला है। यहां पर हर साल हजारों टूरिस्ट बर्फ देखने पहुंचते हैं। रोहतांग दर्रा मनाली से लगभग 62 किलोमीटर है। मनाली से यहां पहुंचने में तीन से साढ़े तीन घंटे लग जाते हैं।
  • सिस्सू: लाहौल स्पीति के सिस्सू में लगभग 6 से 7 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है। सिस्सू में टूरिस्ट अगले 4 से 5 दिन तक बर्फ देख सकेंगे। मनाली से सिस्सू की दूरी लगभग 40 किलोमीटर में है। इस दूरी को तय करने में सवा एक घंटे का वक्त लगेगा।
लाहौल स्पीति के सिस्सू में बर्फबारी के बाद का खूबसूरत नजारा।
  • कोकसर: कोकसर में भी लगभग 6 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। यहां पर भी तीन-चार दिन बाद बर्फ पिघल जाएगी। इसके बाद टूरिस्ट को बर्फ देखने के लिए लाहौल स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों का रुख करना होगा। कोकसर भी मनाली से लगभग 41 किलोमीटर दूर है।
  • शिंकुला दर्रा: शिंकुला दर्रा में तीन फीट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। यहां पर भी टूरिस्ट अब पूरे विंटर सीजन में बर्फ देख सकंगे। यह मनाली से लगभग 140 किलोमीटर दूर है। अटल टनल को पार करने के बाद यहां दारचा सड़क से पहुंचा जा सकता है। शिंकुला की यात्रा मौसम की स्थिति को देखते हुए करनी चाहिए, क्योंकि यहां कभी भी बर्फबारी शुरू हो जाती है। ऐसे में खराब मौसम में यहां जाने से बर्फ में फंसने का डर रहता है।
लाहौल के सिस्सू में बर्फ में फंसी गाड़ी।
  • बारालाचा: बारालाचा में तीन फीट बर्फ गिरी है। यहां पर भी अगले साल मई-जून तक बर्फ देखने को मिलेगी। मनाली से बारालाचा की दूरी लगभग 144 किलोमीटर है और यहां पहुंचने में चार घंटे का वक्त लग जाता है
  • साचपास: चंबा के साचपास में दो फीट से ज्यादा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। यहां पर भी अगले साल मई-जून तक बर्फ देखने को मिलेगी। यहां ज्यादातर पंजाब से टूरिस्ट पहुंचते हैं। यह चंबा जिला मुख्यालय से लगभग 130 किलोमीटर दूर है। बाहरी राज्य से आने वाले टूरिस्ट पठानकोट-चंबा नेशनल हाईवे होते हुए यहां पहुंच सकते हैं।
  • मणिमहेश: धार्मिक पर्यटन स्थल मणिमहेश में भी दो फीट तक बर्फबारी हो चुकी है। मगर यहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि इस मानसून सीजन में मणिमहेश के रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां पर भी अब मई-जून तक बर्फबारी देखने को मिलेगी। मणिमहेश भी पठानकोट-चंबा एनएच से पहुंचा जा सकता है। चंबा से भरमौर की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है।
  • पदरी जोत: पदरी जोत चंबा का खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यह जम्मू कश्मीर के साथ लगता क्षेत्र है। यहां पर एक फीट तक बर्फ गिरी है। पदरी जोत में टूरिस्ट अगले 15 से 20 दिन तक बर्फ देख सकेंगे। यह चंबा से 96 किलोमीटर दूर है।
  • छितकुल: किन्नौर जिला में चीन से साथ लगते बॉर्डर एरिया छितकुल में एक फीट तक बर्फ गिरी है। यहां पर टूरिस्ट 8 से 10 दिन तक बर्फ देख सकेंगे। छितकुल पहुंचने के लिए टूरिस्ट को पहले चंडीगढ़-शिमला-किन्नौर एनएच से कड़छम पहुंचना पड़ता है। कड़छम से छितकुल लगभग 75 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचा जा सकता है।
लाहौल घाटी में चारो तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी।

HPTDC के होटलों में करवाचौथ पर 10% डिस्काउंट हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) ने अपने होटलों में करवाचौथ पर कपल के लिए 10% डिस्काउंट का ऐलान किया है। यह छूट 9 और 10 अक्टूबर को दी जाएगी। इस दौरान पूजा की ‘सरगी’ होटल द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

बर्फबारी के PHOTOS…

सिस्सू में फंसे टूरिस्ट को गाइड करते हुए पुलिस अधिकारी।
लाहौल घाटी में बर्फ के बीच फिसलन बढ़ने से फंसी कार को दूसरी गाड़ी से खींचकर निकाला गया।

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