अयोध्या में घर में धमाका, युवक की मौत:2 गंभीर घायल; एक मकान जमींदोज; एक किलोमीटर तक सुनाई दी आवाज
अयोध्या में एक घर में जोरदार विस्फोट हो गया। हादसा बीकापुर कोतवाली से महज 100 मीटर की दूरी पर हुआ। यह जगह राममंदिर से करीब 28 किलोमीटर दूर है। इस हादसे में एक घर जमींदोज हो गया। वहीं, मलबे में दबने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं, 2 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके से आसपास के 3-4 घरों की दीवारों में भी दरारें आई हैं। धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। फिर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। धमाका कैसे हुआ, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। टीम मौके से सैंपल एकत्र कर रही है। पुलिस टीम भी मौके पर है।
जिस घर में विस्फोट हुआ, वह विवेकानंद पांडेय का है। वह नगर पंचायत कर्मी हैं। घायल विवेकानंद की मां उषा देवी ने बताया- हम घर पर नहीं थे। मेरा बेटा घर पर था। बहुत चोट लगी है। उसे अस्पताल लेकर गए हैं। पता नहीं क्या दग गया? कैसे विस्फोट हुआ?
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अयोध्या विस्फोट के बारे में जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाइए
अपडेट्स
धमाके के बाद 50 मीटर दूर मिले मांस के टुकड़े
सूचना मिलने पर फोरेंसिक टीम के प्रभारी गौतम अपनी टीम के साथ पहुंचे।
धमाका इतना तेज था कि घटनास्थल से 50 मीटर दूर तक मांस के टुकड़े और घर में लगी खिड़कियों की रेलिंग जा गिरी।
विवेकानंद के घर आए सरवन की मौत
जिस घर में धमाका हुआ, वहां पर सरवन आया था।जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह घटना के सिर्फ 10 मिनट पहले ही वहां पहुंचे थे।
CFO बोले- बिना सरिया बनी बिल्डिंग गिरने से हुआ हादसा
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया- टीम जब मलबा हटाते हुए अंदर गई तो एक डेड बॉडी और दो लोग गंभीर रूप से घायल मिले। तुरंत तीनों को अस्पताल भेजा गया।
बाद में मलबे हटाकर देखा गया, तो ऐसा कोई एविडेंस नहीं मिला कि सिलेंडर फटा हो या पटाखा फटा हो। हमारे हिसाब से ये बिल्डिंग बहुत पुरानी थी। लेंटर में सरिया नहीं था। इसी वजह से हादसा हुआ। बिल्डिंग गिरेगी, तो आवाज जोरदार होगी ही। ये कोई धमाका नहीं था। बिल्डिंग गिरने से हादसा हुआ।
पड़ोसी बोले- काफी तेज धमाका हुआ
पड़ोस में रहने वाले रामशंकर यादव ने बताया- विस्फोट जिस समय हुआ, हम अपने घर पर ही थे। तेज आवाज सुनकर हम बाहर आए। तो देखा विस्फोट हुआ है।
धुआं हटने पर हम पुलिस के साथ घर के अंदर गए थे तो वहां से दो लड़के घायल और एक लड़का मृत निकाला गया। उसके चेहरे के चीथड़े उड़ गए थे। आंतें बाहर थीं। हाथ काट हुआ था। एक पैर अलग हो गया था।
घटना 1 बजे के आसपास की है। धमाका इतना तेज था मानो कोई लोडेड ट्रक जा रही हो, दग गई हो। उस समय कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
घर की मालकिन बोलीं- नहीं पता कैसे विस्फोट हुआ
जिस घर में विस्फोट हुआ, वो विवेकानंद पांडे है। यहां विवेकानंद ने अपना ऑफिस बनाया हुआ था। जहां वो तहसील के कागजात बनाता था।
धमाके में घायल विवेकानंद पांडे की मां उषा देवी ने बताया- हम घर पर नहीं थे। मेरा बेटा घर पर था। बहुत चोट लगी है। उसे अस्पताल लेकर गए हैं। पता नहीं क्या दग गया? कैसे विस्फोट हुआ?
अयोध्या में विस्फोट के बारे में बता रहे हैं भास्कर रिपोर्टर केके शुक्ला
घायल बोला- छत गिरी और हम उसके नीचे दब गए
घायल नगर पंचायत कर्मी विजय यादव ने बताया कि हम किसी कागज के सिलसिले में विवेकानंद के घर गए थे। आगे के कमरे में बैठे थे। 10 मिनट ही हुए थे, पानी पी रहे थे। तभी अचानक से धमाके की आवाज आई और छत गिर गई। हम सब उसी में दब गए।
विस्फोट में नगर पंचायत ऑपरेटर की मौत
बीकापुर नगर पंचायत के वॉर्ड नंबर- 11 में विवेकानंद का घर है। वहां पर नगर पंचायत के ऑपरेटर विजय यादव आए थे। उसी समय धमाका हो गया। धमाके में विजय गंभीर रूप से घायल हो गए।
धमाके में सरवन की मौत हो गई। वहीं, विजय और विवेकानंद को जिला चिकित्सालय में रेफर किया गया है।
अभी ये नहीं पता चल पाया है कि किस चीज से विस्फोट हुआ। सिलेंडर से हुआ या किसी दूसरे विस्फोटक से?
लोग बोले- यह गैस सिलेंडर का धमाका नहीं
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि धमाका गैस सिलेंडर से नहीं, बल्कि किसी अन्य विस्फोटक सामग्री से हुआ है, क्योंकि धमाके की आवाज और प्रभाव सामान्य सिलेंडर ब्लास्ट से कहीं अधिक था। धमाके में घायल हुए विवेकानंद पांडेय और विजय यादव को गंभीर चोटें आईं।
फिलहाल दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कारण
घटना में शेरपुर पारा के रहने वाले सरवन (28) की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि विवेकानंद पांडेय और विजय यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
सीओ बीकापुर पीयूष ने बताया- शुरुआती जांच में गैस सिलेंडर विस्फोट की सूचना सामने आई है। लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमाका गैस सिलेंडर से हुआ या किसी अन्य विस्फोटक सामग्री के कारण हुआ है।
खिड़कियां और दरवाजे तक हिल गए
स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक हिल गए। विस्फोट के बाद धुएं का गुबार उठते ही क्षेत्र में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
फिलहाल प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए सतर्क है और जांच में जुटा है।
