पहलगाम हमले के आतंकियों को मोबाइल चार्जर दिया:चार बार मुलाकात की; 11 दिन पहले पकड़े गए मददगार का खुलासा
पहलगाम हमला करने वाले आतंकियों के मददगार मोहम्मद यूसुफ कटारी ने कई खुलासे किए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को बताया कि कटारी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने आतंकियों से चार बार मुलाकात की थी। उन्हें मोबाइल चार्जर भी दिया था।
दरअसल पुलिस ने कटारी को 24 सितंबर को अरेस्ट किया था। 26 साल का कटारी कुलगाम का रहने वाला है। कटारी ने हमले को अंजाम देने वाले द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) के आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया था।
ऑपरेशन महादेव की वजह से हुई गिरफ्तारी
कटारी की गिरफ्तारी ऑपरेशन महादेव के दौरान जब्त हथियारों की जांच की वजह से हुई। इससे पहले जून में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद जोथर को गिरफ्तार किया था।
जांच में पता चला कि तीन आतंकियों लश्कर कमांडर सुलेमान शाह, अफगान और जिबरान ने यह हमला किया था। 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में इन तीनों आतंकियों को मार गिराया गया था।
23 जून- NIA ने 2 मददगार को गिरफ्तार किया
पहलगाम हमले के दो महीने बाद 23 जून को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पहलगाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि इन दोनों ने हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों को पनाह दी थी।
NIA के मुताबिक, परवेज और बशीर ने हमले से पहले इन तीनों आतंकियों को हिल पार्क स्थित एक अस्थायी ढोक (झोपड़ी) में जानबूझकर ठहराया था। उन्होंने उन्हें खाना और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई थीं।
पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी
22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। आतंकियों ने पर्यटकों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर चुन-चुनकर निशाना बनाया था। घटना पहलगाम शहर से 6 किलोमीटर दूर बायसरन घाटी में हुई थी।
पहलगाम हमले के खिलाफ भारत का ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं।
