जुबीन के साथी का दावा- उन्हें मैनेजर-ऑर्गनाइजर ने जहर दिया:हत्या को हादसा दिखाने की साजिश रची; सिंगर हांफ रहे थे, फिर भी तैरने भेजा
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में गिरफ्तार उनके बैंडमेट (साथी सिंगर) शेखर ज्योति गोस्वामी ने अपने बयान में चौंकाने वाले खुलासे किए। शेखर ने दावा किया है कि सिंगर के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और इवेंट ऑर्गनाइजर श्यामकनु महंत ने उन्हें जहर दिया था। दोनों ने हत्या को हादसा दिखाने की साजिश रची थी।
शेखर जुबीन गर्ग की मौत के समय उनके साथ सिंगापुर में था। उसने पुलिस को बताया कि मैनेजर शर्मा पैन पैसिफिक होटल में उसके साथ रह रहा था और जुबीन की मौत से पहले उसका व्यवहार अजीबोगरीब था।
शेखर ने बताया मैनेजर शर्मा ने समुद्र के बीचोंबीच याट (नाव) के चालक को हटाकर उसका कंट्रोल अपने हाथों में लिया। जुबीन समुद्र में जाने के बाद हांफ रहे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके बावजूद शर्मा कह रहा था- जाबो दे, जाबो दे (उसे जाने दो, उसे जाने दो)।
बैंडमेट गोस्वामी के आरोप, कहा- जुबीन की मौत डूबने से नहीं हुई
- हम सभी 19 सितंबर को समुद्र में एक याट पर गए थे। शर्मा के कंट्रोल में लेने के बाद याट समुद्र में खतरनाक तरीके से हिलने लगी थी।। सभी की जान जोखिम में पड़ गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि शर्मा ने असम एसोसिएशन (सिंगापुर) के सदस्य और NRI तन्मॉय फुकन को ड्रिंक की व्यवस्था न करने को कहा और खुद ही सभी ड्रिंक्स देने की बात कही।
- जब जुबीन को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और वो लगभग डूब रहे थे, तब शर्मा चिल्लाते हुए सुने गए, ‘जाबो दे, जाबो दे’ (जाने दो, जाने दो)।
- जुबीन ट्रेंड स्विमर था। उसने मुझे और शर्मा को भी तैरना सिखाया था, इसलिए उनकी मौत डूबने से नहीं हो सकती।
- शर्मा और महंत दोनों ने सिंगर को जहर दिया और साजिश छुपाने के लिए सिंगापुर को चुना। शर्मा ने मुझे याट के किसी भी वीडियो को किसी के साथ शेयर न करने के लिए कहा था।
असम सरकार जुबीन की मौत की जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाएगी
असम सरकार ने जुबीन के मौत के मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश सौमित्र सैकिया करेंगे। CM हेमंत सरमा ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया था।
उन्होंने कहा था, “हम कल आयोग बनाएंगे। अब हम सभी लोगों से अनुरोध करते हैं जिनके पास जुबीन गर्ग की मौत से संबंधित कोई जानकारी या वीडियो है, वे आगे आएं और आयोग के सामने अपना बयान दें।”
एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) और इनकम टैक्स (I-T) विभाग असम पुलिस के साथ मिलकर श्यामकनु महंत की इनकम सोर्स और संपत्ति खरीद की जांच करेगी।
SIT ने अब तक 60 से ज्यादा FIR दर्ज कीं
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बताया कि जुबीन की मौत के मामले में अब तक राज्य में 10 लोगों के खिलाफ 60 से ज्यादा FIR दर्ज की गई हैं। स्पेशल DGP गुप्ता ने बताया कि सिंगापुर में की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्रोटोकॉल के अनुसार परिवार को दी जाएगी। सिंगापुर की जांच टीम ने भी काम किया। उन्होंने परिवार से संपर्क भी किया है।
वहीं, गुवाहाटी में किए गए दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार है। विसरा सैंपल को डिटेल जांच के लिए दिल्ली के सेंट्रल फोरेंसिक लैब भेजा गया है। गुप्ता ने कहा कि विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार और हमारे पास उपलब्ध हो जाएगी।
मृत्यु की असली वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर के आंतरिक अंगों जैसे आंत, लिवर, किडनी से लिए जाने वाले नमूने विसरा सैंपल (Viscera sample) कहलाते हैं।
SIT को हादसे के पहले की मोबाइल रिकॉर्डिंग मिली
न्यूज एजेंसी PTI के सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार देर रात कहा था कि हमें आरोपियों के खिलाफ कुछ सबूत मिले हैं। इसलिए आगे जांच के लिए उनकी गिरफ्तारी जरूरी थी। SIT सूत्रों के मुताबिक, वीडियो में गोस्वामी गर्ग के बहुत करीब तैरते दिखाई दिए, जबकि अमृतप्रभा ने पूरी घटना को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया था।
जुबीन गर्ग का निधन सिंगापुर में 19 सितंबर को हुआ था। सिंगर 20 सितंबर को होने वाले नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के लिए सिंगापुर गए हुए थे, जहां उन्होंने वाटर एडवेंचर एक्टिविटी में हिस्सा लिया था। दावा किया गया कि उनकी मौत स्कूबा डाइविंग के दौरान एक हादसे में हुई।
हालांकि, जुबीन की पत्नी गरिमा ने बताया था कि उनकी मौत दौरा पड़ने से हुई। उन्होंने बताया था कि इससे पहले भी सिंगर को कई बार दौरे पड़ चुके हैं। इससे पहले भी सिंगर को सिंगापुर में ही दौरा पड़ा था। उनकी पत्नी ने बताया था कि एक बार और इसी तरह की स्थिति बन गई थी। तब सभी दोस्त उनकी तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल ले गए थे, जिससे उनकी जान बच गई थी।
जुबीन ने 38 हजार गाने गाए थे
जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे असमिया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायक, संगीतकार, गीतकार, एक्टर और डायरेक्टर रहे। उन्होंने असमिया, हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी भाषा में गाने गाए हैं।
इसके अलावा सिंगर ने बिष्णुप्रिया मणिपुरी, आदि, बोरो, अंग्रेजी, गोलपारिया, कन्नड़, कार्बी, खासी, मलयालम, मराठी, मिसिंग, नेपाली, उड़िया, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, तिवा सहित 40 भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाने गए। जुबीन असम के हाईएस्ट पेड सिंगर थे।
