PK बोले-सम्राट चौधरी 6 लोगों की हत्या के अभियुक्त:उनकी गिरफ्तारी हो; डिप्टी CM का जवाब-1997-98 में ही कोर्ट ने मुझे बरी किया है
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा, ‘सम्राट चौधरी 6 लोगों की हत्या के अभियुक्त हैं। बिहार के राज्यपाल, बिहार सरकार और केंद्र सरकार से मेरा अनुरोध है कि ये हत्या के आरोपी हैं। इनको पद से हटा कर गिरफ्तार किया जाए।’
पीके ने कहा कि, ‘तारापुर केस नंबर 44/1995 इनके खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट का डॉक्यूमेंट है, जो सम्राट चौधरी ने दिया है। नाबालिग होने के नाम पर इनको जेल से निकाला गया था। इनका जो इलेक्शन डॉक्यूमेंट है, जो उन्होंने 2020 में दिया है। उसके अनुसार इनकी उस समय उम्र 26 साल होनी चाहिए।’
‘सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी होनी चाहिए वरना बिहार में जितने लोग हत्या के अभियुक्त हैं, उनको भी जेल से रिहा कीजिए। अगर पुलिस अरेस्ट नहीं करती है, तो हमलोग कोर्ट जाएंगे।’
सम्राट बोले- कोर्ट ने बरी किया
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने आरोपों पर जवाब देते हुए कहा, ‘1997-1998 में ही मुझे कोर्ट ने बरी किया है। उनके आरोपों में दम नहीं है। उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। पीके परसेप्शन का खेल खेल रहे हैं।’
अशोक चौधरी बताएं 100 करोड़ की प्रॉपर्टी कैसे खरीदी
प्रशांत किशोर ने ग्रामीण निर्माण मंत्री अशोक चौधरी की प्रॉपर्टी और उनके 100 करोड़ की नोटिस पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी की शादी के बाद 100 करोड़ की प्रॉपर्टी न्यास बोर्ड की और से खरीदी गई है।’
‘वैभव विकास ट्रस्ट से पिछले 1 साल में 100 करोड़ की प्रॉपर्टी कैसे खरीदी गई है।’
‘जियालाल आर्य, अनीता कुणाल, किशोर कुणाल की पत्नी, प्रत्यय अमृत की सासू मां। ये तीनों बताएं कि, 100 करोड़ की प्रॉपर्टी कहां से खरीदी। प्रॉपर्टी में इन तीनों का नाम है।’
शांभवी बोली- ट्रस्ट में कुछ भी नहीं हुआ है
वहीं समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने प्रशांत किशोर के आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। शांभवी ने कहा कि प्रशांत किशोर ने आज अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझ पर पर्सनल अटैक किया है। मेरे ससुर जी और सासू मां का भी नाम उन्होंने लिया है। ट्रस्ट के बारे में भी उन्होंने बोला है।
हमारे ससुर जी सासू मां राजनीतिक परिवार से नहीं है, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के सफाई देंगे। ट्रस्ट में कुछ भी गलत नहीं हुआ है। बोलने के लिए तो मैं भी बहुत कुछ बोल सकती हूं। लेकिन हम इधर से बोलेंगे और वो उधर से, इसका कोई अंत नहीं होगा।
संजय जायसवाल बोले- PK पर 132 करोड़ 24 लाख का मानहानि मुकदमा दायर करेंगे
इधर, सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने सोमवार को नगर के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने PK पर पलटवार किया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे दो गंभीर आरोपों का खंडन किया है। सांसद ने कहा, प्रशांत मुझसे माफी मांगे नहीं तो उनपर 132 करोड़ 24 लाख रुपए का मानहानि मुकदमा दायर करेंगे।
उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि छावनी ओवरब्रिज के अलाइनमेंट को बदलने और नगर निगम में पेट्रोल-डीजल घोटाले के आरोप पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
सांसद ने आगे बताया, दो दिन पहले मेयर गरिमा देवी सिकारिया के पति रोहित सिकारिया उनके पास आए और सभी कागजात दिखाए। उन्होंने बताया कि मेयर ने आठ बिंदुओं की जांच के लिए पत्र लिखा था। जब पटना से सीनियर आईएएस मनोज कुमार जांच करने आए, तो उन्होंने पेट्रोल पंप पर डीजल चोरी का आरोप लगाया। इसके साथ ही 15 गाड़ियों में डीजल भराई में अनियमितता पर सवाल उठाए गए।
जांच में 15 गाड़ियों के डीजल भुगतान के लिए बिल और जीएसटी की मांग की गई। इस मामले में नगर निगम ने 5 बार बैठक कर पेट्रोल पंप बदलने की मांग की, जबकि सांसद ने कहा कि आरोप झूठे हैं और राजनीतिक साजिश के तहत लगाए गए हैं।
3 साल में फीस के 241 करोड़ जमा किए
प्रशांत किशोर ने पार्टी जनसुराज की फंडिंग को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘पार्टी की फंडिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि प्रशांत किशोर पैसा कहां से लाते हैं। हमारे पास लक्ष्मी हमारी सरस्वती के कारण आती है। जिनकी मदद की, उन्होंने हमें फीस दी।’
उन्होंने कहा, ‘3 साल में मैंने अपनी फीस के 241 करोड़ रुपए जमा किए। इस रकम पर 30 करोड़ 95 लाख जीएसटी भी दी है। 20 लाख रुपए इनकम टैक्स भरे।’
पूरा बिहार जानता है राजद चोर है
तेजस्वी यादव भी भ्रष्टाचारी नेताओं की सूची बना रहे हैं, इसपर पीके ने कहा, ‘इसमें तो सबसे पहले उनको अपने मामा का नाम लिखना पड़ेगा। उसके बाद अपने माता पिता का नाम लिखना होगा। उनके माता पिता ने कितने लोगों की जमीन ले ली।’
‘RJD तो जाने हुए चोर हैं। पूरा बिहार जनता है। राजद चोर है। इसलिए हम इनपर कुछ नहीं बोलते हैं।’
अब प्रशांत किशोर के मंत्री-विधायक पर पहले लगाए गए आरोप जानिए….
1. अशोक चौधरीः दो साल में 200 करोड़ की खरीदी जमीन
अशोक चौधरी, नीतीश सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री हैं। प्रशांत किशोर का आरोप है कि चौधरी और उनके परिवार ने पिछले दो साल में करीब 200 करोड़ रुपए की जमीन खरीदी है। इसको लेकर प्रशांत किशोर ने 4 जमीन के सौदे की एक लिस्ट जारी की है:
- 12 मई 2022ः करीब 3.40 करोड़ रुपए में पहली जमीन खरीदी गई।
- 12 मई 2022ः लगभग 8.89 करोड़ रुपए में दूसरी जमीन खरीदी गई।
- 20 मई 2022ः लगभग 3.44 करोड़ रुपए में तीसरी जमीन खरीदी गई।
- 14 जुलाई 2022ः लगभग 7.20 करोड़ रुपए में चौथी जमीन खरीदी गई।
- 18 जुलाई 2022ः लगभग 15.50 करोड़ रुपए में 5वीं जमीन खरीदी गई।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि अशोक चौधरी ने अपने PA योगेंद्र दत्त के नाम पर 2019 में पटना के बिक्रम में 23 कट्ठा जमीन खरीदी थी। योगेंद्र ने दो साल बाद उस जमीन को चौधरी की बेटी शांभवी के नाम पर 34 लाख में ट्रांसफर कर दिया। लेकिन, योगेंद्र के खाते में सिर्फ 10 लाख रुपए भेजे गए।
इस पर इनकम टैक्स ने नोटिस भेजा। इसके बाद 27 अप्रैल 2025 को योगेंद्र के खाते में 25 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए।
इससे एक दिन पहले यानी 26 अप्रैल को PK ने आरोप लगाया था कि अशोक चौधरी ने चिराग पासवान को पैसा देकर बेटी के लिए लोकसभा का टिकट दिलवाया है। इस आरोप पर चौधरी ने मानहानि का नोटिस भेजा था।
चौधरी ने भेजा 100 करोड़ की मानहानि का नोटिस
नए आरोप लगने के 4 दिन बाद 23 सितंबर को मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर को 100 करोड़ रुपए के मानहानि का दूसरा नोटिस भेजा है।
चौधरी ने कहा है कि प्रशांत किशोर पहले के मानहानि केस पर घबराहट में आरोप लगा रहे हैं। मैंने कोई गड़बड़ी नहीं की है। मेरा सब कुछ पब्लिक डोमेन में है। सालाना आईटी रिटर्न दाखिल करता हूं। प्रशांत किशोर 7 दिन के अंदर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर माफी मांगे नहीं तो मानहानि का मुकदमा करूंगा।
2. मंगल पांडेयः पत्नी के खाते में 2.12 करोड़ रुपए कहां से आए
मंगल पांडेय, नीतीश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। 19 सितंबर को प्रशांत किशोर ने दावा किया कि मंगल पांडेय की पत्नी उर्मिला पांडेय के पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट में 2019 और 2020 में 2.12 करोड़ रुपए जमा हुए।
प्रशांत किशोर ने पूछा कि मंगल पांडेय की पत्नी के अकाउंट में पैसा कहां से आया और इस पैसे को घोषित क्यों नहीं किया?
- इससे पहले 8 अगस्त को प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया था कि जब 2020 में पूरा बिहार कोविड-19 महामारी से जूझ रहा था तब मंगल पांडेय ने दिल्ली में 86 लाख में फ्लैट खरीदा।
- फ्लैट खरीदने में दिलीप जायसवाल ने मदद की। पैसा लेते ही मंगल पांडे ने दिलीप जायसवाल के कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया।
3. सम्राट चौधरीः मैट्रिक का सर्टिफिकेट जारी करें
प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी नाम बदलने में मास्टर आदमी हैं। वे कांग्रेस नेता सदानंद सिंह को बम मारकर हत्या करने के केस में आरोपी हैं।
नकली आयु प्रमाण पत्र बनाकर खुद को नाबालिग घोषित कर 6 माह में जेल से आ गए। इनका पहले नाम राकेश कुमार था, जो बाद में राकेश कुमार उर्फ सम्राट चौधरी हो गया। बिहार बोर्ड के मुताबिक, मैट्रिक में वे फेल हो गए थे। 2010 में खुद को 7वीं पास बताया था। वे बताएं कि कब मैट्रिक किया?
4. संजय जायसवाल: फर्जी बिल बनाकर पेट्रोल चोरी की
भाजपा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल पर प्रशांत किशोर ने तेल चोरी के अपने पुराने आरोप को 19 सिंतबर को भी दोहराया।
PK ने कहा कि बेतिया मेयर गरिमा देवी ने 14 अगस्त, 2024 को स्थायी समिति की बैठक में नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखी थी। इसमें छावनी स्थित पेट्रोल पंप के पेमेंट को रोकने का निर्देश दिया था। आरोप था कि तेल से ज्यादा बिल दिया गया।
- इससे पहले 13 सितंबर को आरा में प्रशांत ने आरोप लगाया था कि संजय जायसवाल तेल चोर हैं। वो पेट्रोल चोरी करते हैं। अपने फायदे के लिए 10 साल तक फ्लाईओवर नहीं बनने दिए। यह बात बेतिया की जनता कह रही है। इस पर संजय जायसवाल ने PK को नोटिस भेजा है।
संजय जायसवाल ने मेयर को घेरा
प्रशांत के आरोपों पर संजय जायसवाल ने कहा कि गरिमा देवी सिकारिया ही डीजल चोरी मामले की असली नायिका हैं। 19 सितंबर को लिखित निर्देश देने के बावजूद नगर निगम की बैठक में डीजल चोरी की जांच का एजेंडा शामिल नहीं किया गया।
- जायसवाल ने दावा किया कि डीजल भरने के बाद सभी गाड़ियां वार्ड पार्षद रोहित सिकारिया के गोदाम में भेजी जाती थीं, जहां से तेल निकालकर बेचा जाता था और फिर गाड़ियां पार्किंग में लौटाई जाती थीं।
- सांसद ने सवाल उठाया कि क्या यही कारण है कि मेयर इस घोटाले को सार्वजनिक नहीं करना चाहती, जबकि सभी सबूत सशक्त समिति के पास है।
5. दिलीप जायसवालः मेडिकल कॉलेज हड़पने का आरोप
दिलीप जायसवाल बिहार भाजपा अध्यक्ष हैं। 6 जुलाई को पटना में प्रशांत ने आरोप लगाया था कि दिलीप जायसवाल ने पिछले 25 साल से किशनगंज में एक मेडिकल कॉलेज पर अवैध कब्जा कर रखा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि बिहार में कानून व्यवस्था और राजनीतिक गठजोड़ का मामला है। इस पर दिलीप जायसवाल ने PK को नोटिस भेजा है।
