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लेह हिंसा- सोनम वांगचुक अरेस्ट:दो दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने BJP ऑफिस फूंका था; लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू, स्कूल-कॉलेज भी बंद

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लेह हिंसा- सोनम वांगचुक अरेस्ट:दो दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने BJP ऑफिस फूंका था; लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू, स्कूल-कॉलेज भी बंद

लेह2 मिनट पहले
यह तस्वीर 24 सितंबर की है, जब हिंसा के बाद वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।

लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शुक्रवार को अरेस्ट कर लिया गया। सरकार ने वांगचुक पर लेह में दो दिन पहले हुई हिंसा का जिम्मेदार माना था।

हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी गिरफ्तारी किस मामले में हुई है। वांगचुक की अरेस्टिंग के बाद लेह में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू जारी है। स्कूल-कॉलेज शनिवार तक बंद हैं।

लेह में पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी। इसमें 4 युवाओं की मौत हुई थी। 80 घायल हो गए थे, इनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं। अब तक 60 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

लेह हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी ऑफिस फूंक दिया था। CRPF की गाड़ी में आग लगा दी थी।

लेह हिंसा के बाद अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई…

  • गृह मंत्रालय ने वांगचुक की एक संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। विदेशी अनुदान या दान के लिए एनजीओ को विदेशी अशंदान (विनियमन) एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। जिसमें पाया गया कि संस्था ने फंडिंग का गलत इस्तेमाल किया।
  • CBI ने वांगचुक की एक और NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के खिलाफ भी विदेशी फंडिंग (FCRA) मामले में भी जांच शुरू कर दी है। HIAL पर भी विदेशी चंदा कानून (FCRA) के उल्लंघन का आरोप है। सीबीआई टीम एनजीओ के अकाउंट्स और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

CBI जांच पर वांगचुक ने कहा…

  • CBI को केवल 2022 से 2024 तक के खातों की जांच करनी थी, लेकिन अब वे 2020 और 2021 के रिकॉर्ड भी देखने लगे हैं। यहां तक कि शिकायत से बाहर के स्कूलों से भी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।
  • पहले स्थानीय पुलिस ने उन पर राजद्रोह का केस लगाया। एक पुरानी चार साल पहले की शिकायत भी दोबारा खोली गई है, जिसमें मजदूरों को वेतन न देने का आरोप था।
  • सरकार ने HIAL को दी गई जमीन का पट्टा यह कहकर रद्द कर दिया कि लीज की रकम जमा नहीं की गई, जबकि उनके पास दस्तावेज हैं कि सरकार ने ही फीस न लेने की बात कही थी।
  • आयकर विभाग से भी नोटिस आया और अब सीबीआई जांच चल रही है। लद्दाख में तो टैक्स ही नहीं है, फिर भी मैं स्वेच्छा से टैक्स देता हूं। इसके बावजूद नोटिस भेजे जा रहे हैं।

अब जानिए 24 सितंबर को हिंसा कैसे भड़की, 2 पॉइंट में…

  • सोशल मीडिया से भीड़ जुटाई: आंदोलनकारियों ने 23 सितंबर की रात 24 सितंबर को लद्दाख बंद बुलाने का आह्वान किया था। भीड़ जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया। लोगों से लेह हिल काउंसिल पहुंचने की अपील की। इसका असर दिखा और बड़ी तादाद में लोग पहुंचे।
  • पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प: लेह हिल काउंसिल के सामने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा रखे थे। जब आंदोलन कारी आगे बढ़े तो पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, लेकिन भीड़ ने पुलिस की गाड़ी जलाई और तोड़फोड़ की।

6 अक्टूबर को सरकार के साथ बैठक

इन मांगों को लेकर सरकार के साथ बैठक दिल्ली में 6 अक्टूबर को होगी। साल 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाते समय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे। सरकार ने उस समय ही राज्य के हालात सामान्य होने पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया था।

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