भोपाल के बंगरसिया के सीआरपीएफ कैम्प में रहने वाले एक सिपाही ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। उनका शव शुक्रवार तड़के पत्नी ने फंदे पर लटका देखा। गुरुवार की रात को पढ़ाई को लेकर उन्होंने बच्चों को फटकार लगाई थी। इस बात से उनकी पत्नी भी उनसे नाराज हो गई थी। सुसाइड नोट नहीं मिलने से खुदकुशी के सही कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
एएसआई अमोल शर्मा ने बताया कि मूलत: गुणगांव हरियाणा निवासी महेश कुमार पुत्र बाबूलाल(43) सीआरपीएफ में आरक्षक(बिगुलर) थे और इन दिनों जालंधर में पदस्थ थे। बंगरसिया स्थित सीआरपीएफ कैम्प में अपनी पत्नी, बेटा और बेटी के साथ रहते थे।
इन दिनों वह अपने परिवार के पास आए हुए थे। गुरुवार की रात उन्होंने शराब के नशे में 12वीं में पढ़ने वाले बेटे और कक्षा सातवीं में पढ़ाई करने वाले बेटी को पढ़ाई-लिखाई को लेकर जमकर डांट लगाई।
आज बच्चों का एग्जाम था
डांटने की बात को लेकर पत्नी ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया, क्योंकि अगली सुबह शुक्रवार को बच्चों को पेपर था। इसके साथ ही पत्नी ने अपनी सास को कॉल कर पति द्वारा बच्चों की पिटाई की शिकायत की थी।
इस पर मां ने भी कॉल पर महेश से नाराजगी जताई थी। रात करीब साढ़े दस बजे आरक्षक महेश अपने कमरे में चले गए। तड़के सुबह उठी पत्नी ने फंदे पर उनके शव को लटका देखा। शुक्रवार की दोपहर को पीएम के बाद बॉडी परिजनों को सौंप दी गई है।
