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बिहार चुनाव से वोटों की गिनती का नया सिस्टम:जब तक सभी पोस्टल बैलट न गिने जाएं, तब तक EVM के आखिरी राउंड की काउंटिंग नहीं होगी

बिहार चुनाव से वोटों की गिनती का नया सिस्टम:जब तक सभी पोस्टल बैलट न गिने जाएं, तब तक EVM के आखिरी राउंड की काउंटिंग नहीं होगी

नई दिल्ली7 घंटे पहले
चुनाव आयोग ने गुरुवार को एक नोटिफिकेशन जारी करके नियमों में बदलाव की जानकारी दी।

चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के नियमों में बदलाव किया है। अब पोस्टल बैलट की गिनती में अगर देरी होती है तो EVM काउंटिंग रोक दी जाएगी। साथ ही बैलट ज्यादा होने पर काउंटिंग टेबल भी बढ़ाई जाएंगी।

दरअसल काउंटिंग के दिन बैलट की गिनती सुबह 8:00 बजे शुरू होती है, जबकि EVM काउंटिंग 8:30 बजे की जाती है। अभी तक यह होता था कि कई सेंटर पर मशीन से काउंटिंग जल्दी पूरी हो जाती थी, जबकि बैलट में समय लगता था।

अब चुनाव आयोग के नए नियम के अनुसार, बैलट की गिनती बाकी होने पर EVM के सेकेंड लास्ट राउंड की काउंटिंग को रोक दिया जाएगा। तब तक बैलट की काउंटिंग को पूरा करना होगा। इलेक्शन कमीशन ने गुरुवार को प्रेस नोट जारी करके इसकी जानकारी दी। नए नियम की शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव से होगी।

आसान भाषा में समझिए….

मान लीजिए किसी बूथ पर ईवीएम मशीनों में 10 हजार वोट डाले गए हैं। इन्हें 5 राउंड में पूरा गिना जा सकता है। लेकिन बैलट वोट 1 हजार हैं और उनकी काउंटिंग में समय लग रहा है। तो ईवीएम काउंटिंग को चौथे राउंड पर रोक दिया जाएगा। जब तक कि बैलट के वोटों की गिनती पूरी न हो जाए।

चुनाव आयोग बोला- इससे पारदर्शिता आएगी चुनाव आयोग ने कहा कि यह कदम काउंटिंग प्रोसेस में समानता और ज्यादा पारदर्शिता लाएगा। खासतौर से उन सेंटर्स पर जहां पोस्टल की गिनती की जाती है। इस बदलाव से यह तय होगा कि सभी वोटों की गिनती सही तरीके से और बिना किसी पक्षपात के पूरी हो सके।

एक दिन पहले वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने-हटाने का प्रोसेस बदला वोटर लिस्ट से नाम हटाने-जोड़ने के लिए अब ई-वेरिफिकेशन जरूरी होगा। इसके लिए चुनाव आयोग (EC) ने अपने पोर्टल और एप पर एक नया ‘ई-साइन’ फीचर शुरू किया है।

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा।

इससे सुनिश्चित होगा कि आवेदन करने वाला वही व्यक्ति है, जिसका नाम या नंबर इस्तेमाल किया गया है।यह मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 सितंबर से पहले ई-वेरिफिकेशन जरूरी नहीं था

राहुल की वोट चोरी पर पिछली 2 प्रेस कॉन्फ्रेंस…

18 सितंबर: राहुल ने ECI प्रमुख पर लगाए वोट चोरों की रक्षा करने के आरोप

राहुल ने 18 सितंबर को दिल्ली में ‘वोट चोरी’ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति को भी मंच पर बुलाया, जिसका दावा था कि उसका नाम हटाया गया है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 सितंबर को कहा था- ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को नष्ट करने वालों और वोट चोरों को बचा रहे हैं।’ राहुल ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां कांग्रेस समर्थकों के वोट योजनाबद्ध तरीके से हटाए गए।

7 अगस्त- राहुल ने वोटर लिस्ट में अवैध नाम जोड़ने के आरोप लगाए राहुल गांधी ने 7 अगस्त को वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर 1 घंटे 11 मिनट तक 22 पेज का प्रेजेंटेशन दिया। राहुल ने स्क्रीन पर कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में संदिग्ध वोटर मौजूद हैं।उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के नतीजे देखने के बाद हमारा शक पुख्ता हुआ कि चुनाव में चोरी हुई है

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