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दिल्‍ली यूनिवर्सिटी चुनाव-4 में से 3 सीटों पर ABVP जीती:आर्यन मान प्रेसिडेंट, NSUI के राहुल झांसला वाइस प्रेसिडेंट; वोट चोरी का भी लगाया आरोप नई दिल्ली2 मिनट पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी स्‍टूडेंट्स यूनियन यानी DUSU इलेक्‍शन की वोट काउंटिंग पूरी हो गई। ABVP के आर्यन मान प्रेसिडेंट बने हैं। 4 में से 3 पद ABVP को प्रेसिडेंट: ABVP के आर्यन मान ने NSUI की जोसलीन नंदिता चौधरी को 16,196 वोटों से हराया। वाइस प्रेसिडेंट: NSUI के राहुल झांसला ने 29,339 वोट के साथ ABVP के गोविंद तंवर को हराया। सचिव: ABVP के कुनाल चौधरी ने 23,779 वोट पाकर NSUI के कबीर को हराया। संयुक्त सचिव: ABVP की दीपिका झा ने लवकुश भदाना को मात दी। NSUI ने कहा-वोट चोरी हुई NSUI के नेशनल प्रेसिडेंट वरुण चौधरी ने X पर पोस्ट कर हार स्‍वीकर की। हालांकि, उन्‍होंने चुनावों में धांधली का भी आरोप लगाया। कल 18 सितंबर को 2 शिफ्ट में वोटिंग हुई थी। प्रेसिडेंट पद के लिए ABVP से आर्यन मान, NSUI से जोशलिन नंदिता चौधरी और लेफ्ट यूनियन से अंजलि मैदान में थे। कुल 21 कैंडिडेट्स प्रेसिडेंट के पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। पिछले 5 साल में 3 प्रेसिडेंट ABVP के थे साल 2024 इलेक्‍शन में DUSU प्रेसिडेंट का पद NSUI के रौनक खत्री ने जीता था। हालांकि, पिछले 5 इलेक्‍शंस में प्रेसिडेंट पद पर ABVP का दबदबा रहा है। इसके अलावा, वाइस प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी पद पर भी 5 में 3 बार ABVP ने बाजी मारी है। साल 2020 से 2022 तक कोरोना महामारी के चलते इलेक्‍शन नहीं हुए। साल 2020 से 2022 तक कोरोना महामारी के चलते इलेक्‍शन नहीं हुए। इस साल केवल हाथ से बने पोस्‍टर्स से प्रचार इस साल यूनिवर्सिटी ने पोस्‍टर बांटने के नियम में बदलाव किया है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि प्रचार में केवल हाथ से बने पोस्टर्स ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। प्रिंटेड पोस्टर या होर्डिंग इस्‍तेमाल नहीं होंगे। इसके अलावा दीवारों, सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर चिपकाने या दीवारों पर ग्रैफिटी बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। दरअसल, साल 2024 में चुनाव के दौरान छपे हुए पोस्‍टर्स से कैंपस गंदा होने के चलते दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव के नतीजों पर रोक लगा दी थी। स्‍टूडेंट्स के सफाई करने के बाद चुनाव के नतीजे जारी किए गए थे। 2024 में DUSU चुनाव के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। 2024 में DUSU चुनाव के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। कल वोटिंग में हुई मारपीट वोटिंग के दौरान किरोड़ीमल कॉलेज में NSUI और ABVP के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। ABVP ने आरोप लगाया कि DUSU के अध्यक्ष रौनक खत्री बाहरी लोगों के साथ कॉलेज में घुसे और छात्रा के साथ मारपीट की। दूसरी तरफ NSUI ने ABVP पर धांधली और वोट की हेराफेरी करने का आरोप लगाया। NSUI प्रत्याशी जोशलिन नंदिता चौधरी ने आरोप लगाया- सभी EVM पर ABVP अध्यक्ष कैंडिडेट आर्यन मान के नाम के आगे स्याही लगाई गई है। NSUI प्रत्याशी जोशलिन नंदिता चौधरी की हंसराज कॉलेज में मतदान अधिकारी और शिक्षकों से बहस भी हुई। NSUI प्रत्याशी जोशलिन नंदिता चौधरी की हंसराज कॉलेज में मतदान अधिकारी और शिक्षकों से बहस भी हुई। छात्रा बोलीं- रौनक खत्री ने मारपीट की छात्रा ने आरोप लगाया, ‘रौनक खत्री और उनके साथ बाहर से आए लोग किरोड़ीमल कॉलेज में घुसे। मैंने और साथियों ने जब उनसे इसपर प्रश्न किया तो उन्होंने मुझे धक्का मारकर नीचे गिरा दिया और फिर पैर मारकर निकल गए। इस दौरान उन्होंने मेरी साथी छात्राओं से भी धक्कामुक्की की।’ छात्रा ने पुलिस पर भी रौनक खत्री को न रोकने का आरोप लगाया है। छात्रा ने पुलिस पर भी रौनक खत्री को न रोकने का आरोप लगाया है। NSUI बोली- ABVP वोटों में धांधली कर रही NSUI प्रत्याशी जोशलिन नंदिता चौधरी ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन और ABVP चुनाव में धांधली करना चाहते हैं, सभी EVM में ABVP अध्यक्ष प्रत्याशी आर्यन मान के नाम के आगे स्याही लगाई गई है। साथ ही उन्होंने ABVP कार्यकर्ताओं पर NSUI कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप लगाया है। NSUI की ओर से EVM की फोटो भी जारी की गई है, इसमें ABVP प्रत्याशी मान के नाम के आगे स्याही लगी है।

6 साल से चुनाव न लड़ने पर 474 पार्टियां डीलिस्ट:359 पर एक्शन शुरू; चुनाव आयोग ने 2 महीने में 808 पार्टियों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए

नई दिल्ली40 मिनट पहले

चुनाव आयोग (ECI) ने शुक्रवार को 474 रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त पॉलिटिकल पार्टियों को डीलिस्ट कर दिया है। इन पार्टियों ने पिछले छह साल से कोई चुनाव नहीं लड़ा था।

इस कार्रवाई के बाद पिछले दो महीने में अब तक 808 पार्टियों को लिस्ट से बाहर किया जा चुका है। आयोग ने बताया कि इससे पहले 9 अगस्त को भी 334 पार्टियों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए थे।

इसके अलावा आयोग ने 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 359 पार्टियों को भी चिन्हित किया है। इन पार्टियों ने तीन साल (2021-22, 2022-23 और 2023-24) से अपने ऑडिटेड अकाउंट्स और चुनावी खर्च की रिपोर्ट जमा नहीं की।

ये पार्टियां चुनाव में उतरी थीं, लेकिन जरूरी रिपोर्ट समय पर दाखिल नहीं की, जिसकी वजह से अब उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

EC ने कहा- पार्टियों को पक्ष रखने का मौका मिलेगा

चुनाव आयोग ने कहा है कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को इन पार्टियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा और सुनवाई के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

गुजरात के 10 गुमनाम दलों ने तीन चुनाव में सिर्फ 43 प्रत्याशी उतारे, ₹4300 करोड़ चंदा

26 अगस्त को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात में रजिस्टर्ड 10 गुमनाम से राजनीतिक दलों को 2019-20 से 2023-24 के पांच साल में ₹4300 करोड़ चंदा मिला। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान गुजरात में हुए तीन चुनावों (2019, 2024 के दो लोकसभा और 2022 का विधानसभा) में इन दलों ने महज 43 प्रत्याशी उतारे और इन्हें कुल 54,069 वोट मिले।

इन दलों और इनके प्रत्याशियों की निर्वाचन आयोग में जमा रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। इन्होंने चुनाव रिपोर्ट में खर्च महज ₹39.02 लाख बताया, जबकि ऑडिट रिपोर्ट में ₹3500 करोड़ रुपए खर्च दर्शाया है

गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की आय 223% बढ़ी

देश में नाममात्र के वोट पाने वाली रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों (RUPP) की आय 2022-23 में 223% बढ़ गई। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2764 गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां हैं। इनमें से 73% से ज्यादा (2025) ने अपना फाइनेंशियल रिकॉर्ड सार्वजनिक ही नहीं किया है। बाकी 739 रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों ने अपना रिकॉर्ड साझा किया है। रिपोर्ट में इन्हीं पार्टियों का एनालिसिस किया गया है।

रिपोर्ट से पता चलता है कि गुजरात की ऐसी 5 पार्टियों की कुल आय ₹2316 करोड़ रही। इनमें एक साल की आमदनी ₹1158 करोड़ थी। जबकि बीते 5 सालों में हुए 3 चुनावों में इन्हें सिर्फ 22 हजार वोट मिले।

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