मथुरा-वृंदावन के आधे इलाके में बाढ़:हरियाणा के घग्गर ड्रेन में दरार, 300 एकड़ फसल डूबी; रायपुर एयरपोर्ट का नेविगेशन सिस्टम फेल
देश के उत्तरी राज्यों में बारिश के कारण हालात अभी भी खराब हैं। हरियाणा के सिरसा में हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन में बुधवार को फिर कटाव शुरू हो गया। ड्रेन में करीब 50 फीट चौड़ी दरार आ गई, जिससे 300 एकड़ फसल डूब गई।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद गंगा, यमुना समेत नदियों में पानी बढ़ गया है। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मथुरा और वृंदावन में 50% इलाका बाढ़ की चपेट में है। राधा वल्लभ मंदिर में पानी भर गया।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में बिजली गिरने की वजह से एयरपोर्ट पर नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया था। इसके कारण 5 फ्लाइट डायवर्ट करनी पड़ीं।
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती घेरा अगले 4–5 दिन रहेगा। इसका असर केवल तटीय और मध्य भारत तक सीमित रहेगा। इसलिए मौसम विभाग ने ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर में आज और कल भारी बारिश का अनुमान जताया है।
पीएम नरेंद्र मोदी उत्तराखंड में बाढ़ और लैंड स्लाइड की स्थिति की समीक्षा करने के लिए देहरादून पहुंचे। उन्होंने उत्तराखंड के लिए 1,200 करोड़ रुपए के वित्तीय पैकेज की घोषणा की।
बाढ़-बारिश से जुड़ी तस्वीरें…
राज्यों में बारिश का डेटा, मैप से समझिए…
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अपडेट्स
मोदी ने उत्तराखंड के लिए 1200 करोड़ रुपए के वित्तीय पैकेज का ऐलान किया
पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में बाढ़ और लैंड स्लाइड की स्थिति देखने के लिए हवाई सर्वे किया। सर्वे के बाद मोदी ने देहरादून एयरपोर्ट पर समीक्षा बैठक की। मोदी ने उत्तराखंड के लिए 1,200 करोड़ रुपए वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा की। मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की मदद दी जाएगी। हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन में अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन के तहत मदद दी जाएगी। मोदी ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा राहत स्वयंसेवकों से भी बातचीत की और उनके प्रयासों की सराहना की। टूटे घरों को फिर से बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत एक विशेष परियोजना शुरू की जाएगी। केंद्र सरकार सड़कों, स्कूलों और अन्य बुनियादी ढांचे को फिर से बनाने के लिए पूरा सहयोग देगी। केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं और उनकी रिपोर्ट के बाद आगे की सहायता दी जाएगी। मोदी ने आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश उत्तराखंड के साथ मजबूती से खड़ा है। इस मानसून में उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन ने तबाही मचाई है, जिनमें उत्तरकाशी में धराली-हरसिल, चमोली में थराली, रुद्रप्रयाग में छेनागाड़, पौड़ी में सैंजी, बागेश्वर में कपकोट और नैनीताल जिले के कुछ हिस्से शामिल हैं। अप्रैल से अब तक उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं में 85 लोगों की जान जा चुकी है, 128 लोग घायल हुए हैं और 94 लोग लापता हैं।
मोदी उत्तराखंड के आपदा प्रभावित जिलों का हवाई सर्वे करने पहुंचे
पीएम नरेन्द्र मोदी उत्तराखंड के आपदा प्रभावित जिलों का हवाई सर्वे करने के लिए देहरादून पहुंच गए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया।
गुजरात: गांधीनगर से 700 टन राहत सामग्री लेकर पंजाब रवाना हुई ट्रेन
बाढ़ से जूझ रहे पंजाब को गुजरात सरकार ने राहत सामग्री भेजी है। CM भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार सुबह 700 टन राहत सामग्री से भरी ट्रेन पंजाब रवाना की। साथ ही पंजाब सरकार को 5 करोड़ रुपए का राहत चेक भी सौंपा है। राहत सामग्री में पानी, खाने के पैकेट्स, कपड़े, दवाइयां शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता भी पंजाब के लिए रवाना हुए हैं। ये लोग पंजाब में राहत टीम के साथ मिलकर लोगों की मदद करेंगे।
उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद में हाईवे पर बाढ़ में युवक बहा,
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बदायूं स्टेट हाईवे पर तीन जगह करीब डेढ़ फीट बाढ़ का पानी बह रहा है। जमापुर डिप में हाईवे पर एक युवक बाढ़ में बहने लगा। वहां मौजूद लोगों ने बहते युवक को किसी तरह बचा लिया।
गुजरात के बनासकांठा में 16 इंच बारिश से दर्जनों गांव डूबे
गुजरात में बनासकांठा जिले के थराद-वाव और सुईगाम तालुका में पिछले तीन दिनों में 16 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। अब बारिश थम गई है, लेकिन गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है। सुईगाम और वाव तालुका के दर्जनों गांवों में 4 से 5 फीट तक पानी भरा हुआ है। यह ड्रोन वीडियो वाव के भाकरी गांव का है, जिसमें बारिश से हुई तबाही साफ देखी जा सकती है।
कर्नाटक: कलबुर्गी में लगातार बारिश,सड़कों पर भरा पानी
बॉर्डर पर चौकियां-फेंसिंग डूबीं, फिर भी BSF डटी रही, गश्त में तैराक उतारे
पंजाब की बाढ़ ने भारत-पाकिस्तान की सरहद को भी बुरी तरह प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में 12 से 14 फीट तक पानी भरा। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की चौकियां इतने पानी में जवानों ने तिहरी जिम्मेदारी निभाई। पानी बढ़ने पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने तुरंत अपनी चौकियां खाली कर दीं, लेकिन BSF ने एक मिनट के लिए भी चौकी नहीं छोड़ी।
