राजस्थान में इतिहास की दूसरी सबसे ज्यादा बारिश:कुल्लू में लैंडस्लाइड, 4 की मौत; अहमदाबाद में करंट से पति-पत्नी की मौत
राजस्थान में इस मानसून सीजन राज्य के इतिहास की दूसरी सबसे ज्यादा बारिश 693.1mm हुई है। 108 साल पहले 1917 में 844.2mm बारिश दर्ज हुई थी। अब तक राज्य के 63% बांध फुल हाे चुके हैं।
बीते तीन महीने की बात करें तो जून में 125.3mm, जुलाई में 290mm और अगस्त में 184mm बारिश रिकॉर्ड हुई।
हिमाचल के कुल्लू में सोमवार देर रात एक घर पर लैंडस्लाइड हुई। इसमें एक ही परिवार के 8 लोग दब गए। जिनमें से 4 लोगों की मौत हो गई। 3 लोग बचाए गए हैं, एक की तलाश जारी है।
यूपी में गंगा, यमुना समेत सभी बड़ी नदियां उफान पर हैं। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मथुरा के वृंदावन में हालात बिगड़ गए हैं। 50% इलाका बाढ़ प्रभावित है। राधा वल्लभ मंदिर में पानी भर गया।
वृंदावन का परिक्रमा मार्ग पूरी तरह डूब चुका है। बांके बिहारी मंदिर से यमुना की दूरी 600 मीटर है, लेकिन अब महज 100 मीटर रह गई। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 48 जिले बाढ़ की चपेट में है।
गुजरात के अहमदाबाद में सोमवार रात बाइक सवार कपल पानी भरी सड़क से गुजर रहा था। रास्ते में गड्डे में करंट का तार था, जिसकी चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
राज्यों में बाढ़ बारिश की तस्वीरें…
राज्यों में बारिश का डेटा, मैप से समझिए…
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अपडेट्स
हिमाचल प्रदेश: प्रदेश में 136 बड़े लैंडस्लाइड, 1204 घर ढहे
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन लैंडस्लाइड की 136 घटनाएं सामने आईं। बाढ़ की 95 और बादल फटने की 45 घटनाएं हुईं। बाढ-बारिश से 1204 घर पूरी तरह जमींदोज हुए हैं। 5140 घर ऐसे हैं जो आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं।
उत्तर प्रदेश: इटावा में यमुना उफान पर, गांव 3 फीट पानी भरा
इटावा में यमुना नदी उफान पर है। जसवंतनगर के कीरतपुर गांव में 3 फीट तक बाढ़ का पानी भर गया है। गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। गांव की सड़कों पर नाव चल रही है।
स्कूल में पानी भरा है। छात्र और शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। घरों में पानी चले जाने से लोग घर की छतों पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण बोले- पशुओं के लिए चारा और पीने का पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई मदद नहीं की है।
हरियाणा: अगले तीन दिन के मौसम का हाल
- 10 सितंबर : मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर को पंचकूला और यमुनानगर में अधिकतर एरिया में हल्की बारिश की संभावना है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और कैथल में कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
- 11 सितंबर : पंचकूला और यमुनानगर में अधिकतर एरिया में हल्की बारिश की संभावना है। अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और कैथल में कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
- 12 सितंबर : पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में अधिकतर एरिया में बारिश के आसार हैं तो वहीं कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत और सोनीपत में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा बाकी जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
UP: आगरा शहर की सड़कों पर भरा यमुना का पानी
आगरा में बाढ़ है। यमुना नदी का पानी शहर की सड़कों पर भरा है। ताजमहल को जाने वाली रोड पर 2 से 3 फीट तक भरा है। पानी में फंसकर कई गाड़ियां बंद हो गईं। पानी में घुसकर लोग बाइक पैदल घसीटते दिखे।
राजस्थान: राज्य के 63% बांध फुल
इस सीजन में अब तक 63 फीसदी से ज्यादा बांध ओवर-फ्लो हो चुके हैं। राजस्थान में छोटे-बड़े 693 बांधों में से 437 बांध फुल हो चुके हैं, जबकि 164 बांध ऐसे है, जहां 25 से लेकर 90 फीसदी तक भरे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इस बार बीसलपुर बांध से 24 जुलाई से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
हरियाणा: राज्य में अब तक 563.3mm बारिश
8 सितंबर तक हरियाणा में औसतन 381.7mm बारिश होनी थी, लेकिन अब तक 563.3mm बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 48% ज्यादा है। सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 1076.4mm दर्ज की गई, जबकि सबसे कम बारिश सिरसा जिले में 346.2mm हुई है।
राजस्थान: कुल 693.1mm बरसात हो चुकी
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 20 सालों में क्लाइमेट चेंज का असर राजस्थान जैसे सूखे राज्य पर असर दिखा रहा है। इस सीजन (1 जून से 8 सितंबर) तक 693.1mm बारिश हो चुकी है, जबकि मानसून अभी विदा नहीं हुआ है। साल 1917 के मानसून सीजन में राजस्थान में कुल 844.2mm बारिश रिकॉर्ड हुई थी, जो राजस्थान में मानसून सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है।
UP: बलिया में बाढ़ के बीच नाव बनी लाइफ लाइन
बलिया में गंगा, सरयू और टोंस नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। तीनों नदियों के उफान से 61 गांवों के करीब 70 हजार लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई जगह सड़कों पर नावें चल रही हैं और घरों में पानी घुस गया है। लोगों के बीच नाव आने जाने के लिए लाइफ-लाइन बनी है।
गंगा नदी चक्की नौरंगा पर सबसे ज्यादा तबाही मचा रही है, जबकि निहोरा नगर, कृष्णा नगर, बेदुआ, मुहम्मदपुर, महावीर घाट और गायत्री कॉलोनी जैसे निचले इलाकों में लोग पानी से जूझ रहे हैं। गंगा का जलस्तर गायघाट गेज पर 59.25 मीटर, सरयू का चांदपुर गेज पर 58.86 मीटर और टोंस का पीपराघाट गेज पर 60.50 मीटर दर्ज किया गया है, जो सभी खतरे के निशान से ऊपर है।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में कच्चा मकान गिरने से पति-पत्नी की मौत, बेटा गंभीर
प्रयागराज के मेजा में बारिश के चलते एक कच्चा मकान गिर गया। इसके नीचे दबने से पति-पत्नी की मौत हो गई। जबकि बेटा गंभीर हो गया। हादसा अमिलिया कला गांव में सोमवार रात 11.40 बजे हुआ। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण पहुंचे और असहन जहां खान (60), पत्नी सलेहा बेगम (55) और बेटे को अस्पताल लेकर भागे। जहां पति-पत्नी की मौत हो गई जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मेजा थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनो शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे।
बारिश से गुजरात में डूबा इंडिया-पाकिस्तान का नडाबेट बॉर्डर
उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र में पिछले तीन दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। इससे इससे कच्छ के रेगिस्तान में पहली बार बाढ़ आ गई है। इसका एक हिस्सा उत्तर गुजरात के बनासकांठा से भी लगता है, जहां इंडो-पाक का नडाबेट बॉर्डर है। यह पूरा रेगिस्तानी इलाका है, जो अब समुद्र में तब्दील हो गया है। नडाबेट गुजरात के बनासकांठा जिले का हिस्सा है, जिसकी जमीनी सीमा पाकिस्तान से लगती है। यह पर्यटन स्थल भी है, जहां आम लोग बार्डर देखने आते हैं।
दिल्ली: यमुना का जलस्तर घटा, चेतावनी स्तर के करीब
