ऑपरेशन सिंदूर में F-16 के नुकसान पर अमेरिका चुप:कहा- पाकिस्तान सरकार से बात करो; अमेरिकी कंपनी बनाती है F-16 फाइटर जेट
अमेरिका ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के F-16 फाइटर जेट्स के नुकसान पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। NDTV के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि F-16 जेट्स के बारे में जानकारी के लिए पाकिस्तान सरकार से बात करें।
दरअसल, एयरफोर्स चीफ एपी सिंह ने शनिवार को बताया था कि मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने जैकोबाबाद एयरपोर्ट पर F-16 रखने वाले हैंगर पर हमला किया था। इसमें आधा हैंगर तबाह हो गया था, जिससे उसमें मौजूद कुछ विमान भी डैमेज हुए होंगे।
उन्होंने यह भी कहा था कि सुक्कुर में ड्रोन हैंगर और भोलारी में एक स्पेशल विमान हैंगर को भी निशाना बनाया गया था। इन हमलों में कम से कम एक बड़ा विमान और कुछ F-16 के नुकसान का अनुमान है।
अमेरिकी कंपनी बनाती है F-16 फाइटर जेट
अमेरिका की टेक्निकल सपोर्ट टीमें (TSTs) पाकिस्तान में 24 घंटे तैनात रहती हैं और वहां के F-16 विमानों पर नजर रखती हैं। ये टीमें अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हुए समझौतों के तहत काम करती हैं। लेकिन इस बार अमेरिका ने कोई साफ जवाब नहीं दिया।
यह 2019 से अलग है, जब बालाकोट हमले के बाद अमेरिका ने कहा था कि पाकिस्तान के सभी F-16 सुरक्षित हैं।
F-16 अमेरिका का मशहूर और शक्तिशाली फाइटर जेट है, जिसे 1970 के दशक में जनरल डायनेमिक्स ने बनाया था। अब इसे अमेरिकी डिफेंस कंपनी लॉकहीड मार्टिन बनाती है। पाकिस्तान समेत 25 से ज्यादा देश F-16 का इस्तेमाल करते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानिए….
भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। सेना ने कहा था कि इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, भारत ने कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में अटैक किया थे।
इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था।
पाकिस्तान नुकसान के दावों को नकार चुका है
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के फाइटर जेट्स के नुकसान के दावों को नकार चुके हैं। उन्होंने शनिवार को कहा था कि भारतीय वायु सेना प्रमुख के दावे पर यकीन नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा था कि यह दुखद है कि भारतीय सेना के अफसरों को राजनीति की नाकामियों का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ख्वाजा ऑफिस ने कहा था,
तीन महीनों तक भारत ने इस तरह का कोई दावा नहीं किया था, जबकि पाकिस्तान ने तुरंत ही इस मामले की जानकारी इंटरनेशनल मीडिया को दी थी। कई स्वतंत्र जांचकर्ताओं ने माना है कि कई भारतीय विमान खोए गए हैं।

आसिफ ने दावा किया कि लड़ाई के दौरान बॉर्डर पर भारतीय सैनिकों को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सच का पता लगाना है, तो दोनों देशों को अपने विमान भंडार को स्वतंत्र जांच के लिए खोल देना चाहिए, लेकिन भारत ऐसा करेगा, इस पर उन्हें शक है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि झूठ गढ़ने से जंग नहीं जीती जा सकती।
