राज्यसभा में PM के न पहुंचने पर विपक्ष का वॉकआउट:खड़गे बोले- मोदी का न आना सदन का अपमान; ऑपरेशन सिंदूर पर शाह जवाब दे रहे
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित करने पहुंचे। इस पर विपक्ष ने हंगामा करते हुए PM मोदी को बुलाने की मांग की।
इस पर शाह ने कहा- विपक्ष पूछ रहा है कि PM कहा हैं? PM इस वक्त ऑफिस में हैं, उन्हें ज्यादा सुनने का शौक नहीं है। मेरे से निपट रहा है, उन्हें क्यों बुला रहे हो।
इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के दिल्ली में रहते हुए भी वो यहां नहीं आ रहे, ये तो सदन का अपमान है। सदन- सदस्यों का अपमान करना ठीक नहीं है।’ इसके बाद विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।
शाह ने कहा- पाकिस्तानी आतंकियों ने जो नुकसान किया, उसके जवाब में भारत सरकार और सेना ने जो मजबूत जवाब ऑपरेशन सिंदूर से दिया। ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकी मारे गए।
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार दूसरे दिन चर्चा हो रही है। शाह से पहले भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि 2014 से पहले हर जगह बम ब्लास्ट होते थे, लेकिन UPA सरकार पाकिस्तानियों को मिठाई खिलाती रही।
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बिहार में PM की जनसभा पर विपक्ष के सवाल का शाह जवाब दिया
शाह ने कहा कि विपक्ष ने 24 अप्रैल की बिहार में पीएम मोदी की जनसभा पर सवाल किए। मैं बताना चाहता हूं कि पीएम मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार की जनसभा में जो कहा था, वो चुनावी सभा नहीं थी। PM ने कहा था भारत एक-एक आतंकियों की पहचान करेगा, उन्हें सजा देगा, न्याय मिलेगा। उनका बोला हुआ एक-एक शब्द सच हो गया। पीएम ने कहा था आतंकियों के आकाओं को नहीं छाड़ेंगे। सेना ने उन्हें भी नहीं छोड़ा।
शाह ने कहा- 22 अप्रैल का दिन में जीवन में नहीं भूलूंगा
ऑपरेशन सिंदूर पर शाह- 22 अप्रैल को हमला हुआ। उसी दिन मेरी PM से बात हुई। लगभग दो-ढाई बजे मैं वहां गया। वो मेरे जीवन का ऐसा दिन है, जो मैं कभी नहीं भूलूंगा। एक बच्ची, जिसकी शादी 6 दिन पहले हुई थी, वो विधवा हो गई। मैं वो दृश्य नहीं भूल सकता।लोगों को क्यों मारा गया, क्योंकि वो संदेश देना चाहते थे कि कश्मीर आतंक से मुक्त नहीं होगा। मैं इस सदन से उन्हें संदेश देता हूं कि कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होकर रहेगा।
चिदंबरम ने कांग्रेस की मानसिकता दुनिया में उजागर की
शाह ने कहा- विपक्ष ने पूछा आतंकी पाकिस्तानी थे , इसका क्या सबूत है। मैं चिदंबरम से पूछना चाहता हूं कि आप किसको बचाना चाहते थे, आपको शर्म नहीं आती। चिदंबरम ने पूरी दुनिया के सामने कांग्रेस की मानसिकता उजागर कर दी। हम वोट बैंक के लिए आतंकियों को नहीं बचाएंगे। अभी-अभी पृथ्वीराज चव्हाण का बयान आया कि ऑपरेशन का नाम धर्म के नाम पर रखने के अलावा इनको कुछ नहीं आता। मैं यहां से चव्हाण जी से कहना चाहता हूं। आप क्या नाम रखना चाहते थे। जवाब दीजिए। ये लोग हर चीज को हिंदू-मुस्लिम एंगल से देखते हैं। हमारे सेना के युद्ध घोष को इस दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए।
शाह बोले- तीनों आतंकियों के सिर में गोली लगी
शाह ने सदन में कहा- लश्कर के आउटफिट ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसी दिन मैं वहां पहुंचा था। रिव्यू मीटिंग में तय हुआ था, उन्हें जल्द से जल्द पकड़िए। आतंकी देश छोड़ कर न जाए, ये तय करें।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन महादेव में आतंकियों को मारे जाने से पहले सुरक्षाबलों का खाली कारतूस मिले थे। उनके फोरेंसिक जांच की गई। इनके पास से जो राइफल मिले, उसकी भी जांच की गई। इससे पता चला कि उन्हीं के राइफल से पहलगाम में हमला किया गया था।
शाह ने कहा कि आतंकियों के स्केच भी बनाए गए थे, जिन्होंने उनको आसरा दिया था, उस घर के मालिक से भी पूछताछ की गई थी। उन्होंने बताया कि वे तीनों वहीं थे, जो उनके डॉक में रुके थे और उनसे खाना लेकर गए थे।
IB ने 22 मई को बताया था कि आतंकी कहां है।आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने और जांच की। 22 जुलाई को उन्हें ट्रैक करने का काम हुआ। इसके बाद स्ट्राइक किया गया। तीनों आतंकी मारे गए। इत्तफाक देखिए कि तीनों आतंकियों के सिर में गोली लगी। देशभर से लोग मुझे कहते थे कि आतंकियों को सिर में गोली मारिएगा।
शाह बोले- सुलेमान ए ग्रेड का आतंकी था
शाह ने कहा- परसों ही तीन आतंकवादी, सुलेमान और अफगान और जिबरान को हमारे सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया। सुलेमान ए ग्रेड का LeT का आतंकी था।
पहलगाम हमले में उसके राइफल से गोलियां चली थीं।सुरक्षाबलों ने उसे कश्मीर छोड़ के भागने नहीं दिया।अफगान और जिबरान भी आला दर्जे के लश्कर आतंकी थे। इससे साफ हो गया है कि पहलगाम हमला लश्कर के इशारे पर ही हुआ। उनको भेजने वाले भी मारे गए, और जिन्होंने हमला किया वो भी मारे गए।
खड़गे-शाह में जोरदार बहस
PM मोदी के राज्यसभा में नहीं आने पर खड़गे ने कहा- सब सदन के मेंबर्स का ये पहले से डिमांड है कि 16 घंटे चर्चा होने के बाद हमको इस सदन में प्रधानमंत्री आकर, प्रकट होकर अपनी बात रखेंगे और हमने जो भी सवाल उठाए हैं, बहुत से सवाल उनसे संबंधित हैं। मैं ये नहीं कहा रहा कि आप सक्षम नहीं हैं। प्रधानमंत्री के रहते हुए भी वो यहां नहीं आ रहे हैं, तो ये सदन का अपमान है। सदन का अपमान करना, सदस्यों का अपमान करना ठीक नहीं है।
शाह ने कहा- सुनिए खड़गे साहब, ज्यादातर जरूरी मुद्दों पर कांग्रेस खड़गे साहब को बोलने नहीं देती है, और वो अभी मुद्दे उठा रहे हैं।
खड़गे बोले- हम क्या यहां खेलने आए हैं। आप PM को यहां आने के लिए मना करते हैं।
शाह बोले- मुझे मालूम है, खड़गे क्यों जा रहे हैं। क्योंकि इतने सालों तक आतंकवाद को खत्म करने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। वे डिबेट में जवाब सुन ही नहीं सकते।
शाह ने कहा- पीड़ित परिवारों को मेरी संवेदनाएं
शाह ने कहा- पहलगाम हमले में हमारे देश के जो निर्दोष नागरिकों को धर्म पूछकर, चुन-चुनकर उनके परिवार के सामने मारा गया, उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो नागरिक हताहत हुए, उनके परिवार के प्रति भी मेरी संवेदनाएं हैं। ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन महादेव , दोनों के लिए जिन सुरक्षाबलों ने भारत का सम्मान बढ़ाया है, मैं उनका अभिनंदन करना चाहता हूं। मैं PM का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने सटीक जवाब दिया।
जयशंकर बोले- हम पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाए
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- हम पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाए। खून-पानी एक साथ नहीं चलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में बहस मंगलवार को जबकि लोकसभा में शुरू हुई थी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, जेडीयू सांसद संजय कुमार झा सहित कई सांसदों ने भाग लिया।
खड़गे ने कहा- लीडरशिप का मतलब है जिम्मेदारी लेना, न कि किसी को दोष देना। वे (मोदी) जवाब नहीं देंगे, वे अपने दोस्तों-मंत्रियों से कहेंगे कि जाओ जो कहना है कहो। 11 साल में कभी बहस में शामिल नहीं होते। एक व्यक्ति को इतना बढ़ावा मत दो, भगवान मत बनाओ। लोकतांत्रिक रूप से आया है, उसे इज्जत दो, पूजा मत करो।
प्रियंका चतुर्वेदी ने इंडिया-पाकिस्तान मैच पर पाबंदी की मांग की
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के साथ हमने पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री, न्यूज चैनल और इन्फ्लुएंसर्स पर पाबंदी लगाई। अब समय आ गया है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट पर भी पाबंदी लगनी चाहिए। गृह मंत्री यदि आईसीसी चेयरमैन को बोल देंगे की इंडिया-पाकिस्तान मैच नहीं होगा तो नहीं होगा और ये ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी होगी।
राउत ने पूछा- पहलगाम हमले के लिए क्या नेहरू, ट्रम्प इस्तीफा देंगे?
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कटाक्ष किया कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी कौन लेगा और कौन इस्तीफा देगा? क्या पंडित नेहरू, ट्रम्प या वेंस इस्तीफा देंगे? उन्होंने कहा कि गृह मंत्री शाह को इस्तीफा देना चाहिए। 24 घंटे में उप राष्ट्रपति का इस्तीफा लिया जाता लेकिन 26 लोगों की हत्या के बाद भी किसी का इस्तीफा नहीं और किसी से माफी नहीं ली जाती।
राउत ने कहा- ‘सरदार पटेल को प्रधानमंत्री न बनाकर हमने ऐतिहासिक भूल की। पटेल ने ही पहली बार RSS पर प्रतिबंध लगाया था। अगर सरदार पटेल और 10 साल जीवित होते तो ये लोग आज दिखते नहीं। आपको आभार मानना चाहिए कि पंडित नेहरू की वजह से आज आप यहां बैठे हैं।’
शाह शाम 6:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में बोलेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम 6:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा पर राज्यसभा में जवाब देंगे। गृह मंत्री ऑफिस की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है।
TMC सांसद बोलीं- भारत अमेरिका का गुलाम बन गया
TMC सांसद ममता ठाकुर ने राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा- दुनिया देख सकती है कि भारत किस तरह पाकिस्तान का समर्थन करने वाले अमेरिका का गुलाम बन रहा है। युद्धविराम सफल नहीं रहा।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी बोलीं- एक चुटकी सिंदूर की कीमत आप क्या जानो नरेंद्र बाबू
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में कहा- मोदी जी एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो। कल शाम टेलीविजन पर शुभम द्विवेदी की पत्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी कुछ चीजों के बारे में बोला, लेकिन मारे गए 26 लोगों के बारे में कुछ नहीं कहा। अब मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आप सिंदूर की कीमत क्या जानते हो।
नड्डा बोले- पाकिस्तान विभाजन पर हमने इंदिरा को बधाई दी थी
नड्डा ने कहा कि 1971 में हमने एक स्वर में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी को पाकिस्तान विभाजन पर बधाई दी थी।
नड्डा ने कहा- 2004 से लेकर 2014 तक हर शहर में धमाके होते थे
जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि 2004 से लेकर 2014 तक हर शहर में धमाके होते थे। उस समय की सरकार असंवेदनशील थी। हमारे पास वही पुलिस और सेना थी, लेकिन उस समय कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। 2009 के SCO शिखर सम्मेलन में 2008 में हुए इतने बड़े आतंकी हमले का कोई जिक्र नहीं हुआ।
उस समय की सरकार ने मुंबई हमलों को RSS के साथ साजिश बताया और भगवा आतंकवाद के पीछे पड़े रहे।
नड्डा बोले- पहलगाम पर हमले की पूरी क्रोनोलॉजी समझनी चाहिए
जेपी नड्डा ने कहा कि 2004-2014 का समय देखिए, उस वक्त की सरकार ने कई आतंकी घटनाओं पर कोई एक्शन नहीं लिया। यूपीए के गृहमंत्री कहते थे कश्मीर जाने में डर लगता था। 2005 में श्रमजीवी ब्लास्ट हुआ, कोई एक्शन नहीं हुआ। उस समय की सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। पहलगाम पर सवाल उठाने वाले पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखें। जेपी नड्डा ने कहा कि यूपीए के गृहमंत्री कहते थे कश्मीर जाने में डर लगता था। आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती। हमले होते रहे हम बिरयानी खिलाते रहे। वो आतंकी हमले करते हम डोजियर भेजते रहे। यूपीए सरकार के दौरान जगह-जगह बम धमाके होते थे। पहलगाम पर हमले की पूरी क्रोनोलॉजी समझनी चाहिए। विपक्ष पर अटैक करते हुए कहा कि हाफिज सईद को जी कहकर बुलाते थे।
