राज्यसभा में शाह के भाषण में विपक्ष का हंगामा:खड़गे बोले- पीएम का जवाब देने न आना सदन का अपमान, वॉकआउट किया
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा जारी है। बुधवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन को संबोधित करने पहुंचे। इस पर विपक्ष ने हंगामा करते हुए PM मोदी को बुलाने की मांग की है।
शाह ने कहा- पाकिस्तानी आतंकियों ने जो नुकसान किया, उसके जवाब में भारत सरकार और सेना ने जो मजबूत जवाब ऑपरेशन सिंदूर से दिया।
उन्होंने कहा, ‘विपक्ष पूछ रहा है कि PM कहा हैं? PM इस वक्त ऑफिस में हैं, उन्हें ज्यादा सुनने का शौक नहीं है। मेरे से निपट रहा है, उन्हें क्यों बुला रहे हो।’
राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार दूसरे दिन चर्चा हो रही है। शाह से पहले भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि 2014 से पहले हर जगह बम ब्लास्ट होते थे, लेकिन UPA सरकार पाकिस्तानियों को मिठाई खिलाती रही।
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लाइव अपडेट्स
शाह बोले- सुलेमान ए ग्रेड का आतंकी था
शाह ने कहा- परसों ही तीन आतंकवादी, सुलेमान और अफगान और जिबरान को हमारे सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया। सुलेमान ए ग्रेड का LeT का आतंकी था।
पहलगाम हमले में उसके राइफल से गोलियां चली थीं।सुरक्षाबलों ने उसे कश्मीर छोड़ के भागने नहीं दिया।अफगान और जिबरान भी आला दर्जे के लश्कर आतंकी थे। इससे साफ हो गया है कि पहलगाम हमला लश्कर के इशारे पर ही हुआ। उनको भेजने वाले भी मारे गए, और जिन्होंने हमला किया वो भी मारे गए।
खड़गे-शाह में जोरदार बहस
PM मोदी के राज्यसभा में नहीं आने पर खड़गे ने कहा- सब सदन के मेंबर्स का ये पहले से डिमांड है कि 16 घंटे चर्चा होने के बाद हमको इस सदन में प्रधानमंत्री आकर, प्रकट होकर अपनी बात रखेंगे और हमने जो भी सवाल उठाए हैं, बहुत से सवाल उनसे संबंधित हैं। मैं ये नहीं कहा रहा कि आप सक्षम नहीं हैं। प्रधानमंत्री के रहते हुए भी वो यहां नहीं आ रहे हैं, तो ये सदन का अपमान है। सदन का अपमान करना, सदस्यों का अपमान करना ठीक नहीं है।
शाह ने कहा- सुनिए खड़गे साहब, ज्यादातर जरूरी मुद्दों पर कांग्रेस खड़गे साहब को बोलने नहीं देती है, और वो अभी मुद्दे उठा रहे हैं।
खड़गे बोले- हम क्या यहां खेलने आए हैं। आप PM को यहां आने के लिए मना करते हैं।
शाह बोले- मुझे मालूम है, खड़गे क्यों जा रहे हैं। क्योंकि इतने सालों तक आतंकवाद को खत्म करने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। वे डिबेट में जवाब सुन ही नहीं सकते।
शाह ने कहा- पीड़ित परिवारों को मेरी संवेदनाएं
शाह ने कहा- पहलगाम हमले में हमारे देश के जो निर्दोष नागरिकों को धर्म पूछकर, चुन-चुनकर उनके परिवार के सामने मारा गया, उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो नागरिक हताहत हुए, उनके परिवार के प्रति भी मेरी संवेदनाएं हैं। ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन महादेव , दोनों के लिए जिन सुरक्षाबलों ने भारत का सम्मान बढ़ाया है, मैं उनका अभिनंदन करना चाहता हूं। मैं PM का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने सटीक जवाब दिया।
जयशंकर बोले- हम पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाए
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- हम पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाए। खून-पानी एक साथ नहीं चलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में बहस मंगलवार को जबकि लोकसभा में शुरू हुई थी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, जेडीयू सांसद संजय कुमार झा सहित कई सांसदों ने भाग लिया।
खड़गे ने कहा- लीडरशिप का मतलब है जिम्मेदारी लेना, न कि किसी को दोष देना। वे (मोदी) जवाब नहीं देंगे, वे अपने दोस्तों-मंत्रियों से कहेंगे कि जाओ जो कहना है कहो। 11 साल में कभी बहस में शामिल नहीं होते। एक व्यक्ति को इतना बढ़ावा मत दो, भगवान मत बनाओ। लोकतांत्रिक रूप से आया है, उसे इज्जत दो, पूजा मत करो।
प्रियंका चतुर्वेदी ने इंडिया-पाकिस्तान मैच पर पाबंदी की मांग की
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के साथ हमने पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री, न्यूज चैनल और इन्फ्लुएंसर्स पर पाबंदी लगाई। अब समय आ गया है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट पर भी पाबंदी लगनी चाहिए। गृह मंत्री यदि आईसीसी चेयरमैन को बोल देंगे की इंडिया-पाकिस्तान मैच नहीं होगा तो नहीं होगा और ये ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी होगी।
राउत ने पूछा- पहलगाम हमले के लिए क्या नेहरू, ट्रम्प इस्तीफा देंगे?
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कटाक्ष किया कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी कौन लेगा और कौन इस्तीफा देगा? क्या पंडित नेहरू, ट्रम्प या वेंस इस्तीफा देंगे? उन्होंने कहा कि गृह मंत्री शाह को इस्तीफा देना चाहिए। 24 घंटे में उप राष्ट्रपति का इस्तीफा लिया जाता लेकिन 26 लोगों की हत्या के बाद भी किसी का इस्तीफा नहीं और किसी से माफी नहीं ली जाती।
राउत ने कहा- ‘सरदार पटेल को प्रधानमंत्री न बनाकर हमने ऐतिहासिक भूल की। पटेल ने ही पहली बार RSS पर प्रतिबंध लगाया था। अगर सरदार पटेल और 10 साल जीवित होते तो ये लोग आज दिखते नहीं। आपको आभार मानना चाहिए कि पंडित नेहरू की वजह से आज आप यहां बैठे हैं।’
शाह शाम 6:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में बोलेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम 6:30 बजे ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा पर राज्यसभा में जवाब देंगे। गृह मंत्री ऑफिस की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है।
TMC सांसद बोलीं- भारत अमेरिका का गुलाम बन गया
TMC सांसद ममता ठाकुर ने राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा- दुनिया देख सकती है कि भारत किस तरह पाकिस्तान का समर्थन करने वाले अमेरिका का गुलाम बन रहा है। युद्धविराम सफल नहीं रहा।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी बोलीं- एक चुटकी सिंदूर की कीमत आप क्या जानो नरेंद्र बाबू
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में कहा- मोदी जी एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो। कल शाम टेलीविजन पर शुभम द्विवेदी की पत्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी कुछ चीजों के बारे में बोला, लेकिन मारे गए 26 लोगों के बारे में कुछ नहीं कहा। अब मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आप सिंदूर की कीमत क्या जानते हो।
नड्डा बोले- पाकिस्तान विभाजन पर हमने इंदिरा को बधाई दी थी
नड्डा ने कहा कि 1971 में हमने एक स्वर में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी को पाकिस्तान विभाजन पर बधाई दी थी।
नड्डा ने कहा- 2004 से लेकर 2014 तक हर शहर में धमाके होते थे
जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि 2004 से लेकर 2014 तक हर शहर में धमाके होते थे। उस समय की सरकार असंवेदनशील थी। हमारे पास वही पुलिस और सेना थी, लेकिन उस समय कोई राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। 2009 के SCO शिखर सम्मेलन में 2008 में हुए इतने बड़े आतंकी हमले का कोई जिक्र नहीं हुआ।
उस समय की सरकार ने मुंबई हमलों को RSS के साथ साजिश बताया और भगवा आतंकवाद के पीछे पड़े रहे।
नड्डा बोले- पहलगाम पर हमले की पूरी क्रोनोलॉजी समझनी चाहिए
जेपी नड्डा ने कहा कि 2004-2014 का समय देखिए, उस वक्त की सरकार ने कई आतंकी घटनाओं पर कोई एक्शन नहीं लिया। यूपीए के गृहमंत्री कहते थे कश्मीर जाने में डर लगता था। 2005 में श्रमजीवी ब्लास्ट हुआ, कोई एक्शन नहीं हुआ। उस समय की सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। पहलगाम पर सवाल उठाने वाले पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखें। जेपी नड्डा ने कहा कि यूपीए के गृहमंत्री कहते थे कश्मीर जाने में डर लगता था। आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती। हमले होते रहे हम बिरयानी खिलाते रहे। वो आतंकी हमले करते हम डोजियर भेजते रहे। यूपीए सरकार के दौरान जगह-जगह बम धमाके होते थे। पहलगाम पर हमले की पूरी क्रोनोलॉजी समझनी चाहिए। विपक्ष पर अटैक करते हुए कहा कि हाफिज सईद को जी कहकर बुलाते थे।
नड्डा बोले- PM मोदी ने जो कहा, उसे कर दिखाया
नड्डा ने कहा कि PM मोदी की राजनीतिक इच्छाशक्ति देखिए। पहलगाम हमले के बाद मोदी ने कहा था कि पाकिस्तान ने बहुत बड़ी गलती कर दी थी। उन्होंने पूरी दुनिया को संदेश दिया कि आतंकवादियों को कल्पना से बड़ी सजा मिलेगी।
इपहलगाम हमले के 13 दिन में ही आतंकियों को करारा जवाब दिया। पहले ये होता था हम देखेंगे, हम जवाब देंगे। पहलगाम पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को करारा संदेश दिया। 300 किमी. अंदर जाकर पाकिस्तान के एयरबेस को तबाह किया। 22 मिनट में ही हमने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले का जवाब दिया।
नड्डा बोले- पिछली सरकार में आतंक और व्यापार साथ-साथ चलते रहे
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में UPA सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “2005 के दिल्ली सीरियल बम ब्लास्ट, 2006 के वाराणसी आतंकी हमले और मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों के बाद भी उस समय की सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। मुद्दा यह है कि उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच आतंक, व्यापार और पर्यटन सब कुछ चलता रहा।
हमें उस समय की सरकार के तुष्टिकरण की हदें समझनी होंगी। 2008 में इंडियन मुजाहिदीन ने जयपुर में बम धमाकों के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए खास उपायों पर सहमति बनी। वो हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उन्हें बिरयानी खिलाने चले। इतना ही नहीं, उस सरकार ने LoC पार करने के लिए ट्रिपल-एंट्री परमिट तक की अनुमति दे दी थी।”
नड्डा बोले- विपक्ष अपने गिरेबां में झांके
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा बोले ने कहा कि विपक्ष को पहलगाम में पूछने से पहले अपने गिरेबां पर झांकना चाहिए। इन्होंने क्या-क्या किया। 2004-2014 का समय देखिए, उस वक्त की सरकार ने कई आतंकी घटनाओं पर कोई ऐक्शन नहीं लिया। 2005 के दिल्ली सीरियल बम विस्फोटों, 2006 के वाराणसी आतंकी हमले, 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम विस्फोटों में कोई कार्रवाई नहीं की।
उस समय की सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद भी UPA सरकार की पाकिस्तान के साथ व्यापार चलता रहा और बातचीत चलती रही।
जया बोलीं- पहलगाम का पीड़ित परिवार सरकार को माफ नहीं करेगा
सपा सांसद जया बच्चन ने राज्यसभा में कहा कि इसी सदन में छाती ठोक के बोला गया था कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो चुका है। इसी वजह से देश के अलग-अलग कोने से पर्यटक घूमने गए थे और वो मारे गए। उनके परिवार वाले केंद्र सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे।
इमरान मसूद बोले- मोदी ट्रम्प के दावे को झूठा क्यों नहीं बता रहे
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दावों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘PM मोदी खुलकर क्यों नहीं कहते कि डोनाल्ड ट्रम्प झूठ बोलते हैं? उनके पास इतना साहस क्यों नहीं है?’
कांग्रेस सांसद हुड्डा बोले- PM मोदी ट्रम्प के दावे का खंडन करें
कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘यह 29वीं बार है जब ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने युद्धविराम में भूमिका निभाई। अगर ट्रम्प बार-बार वैश्विक मंचों पर यह कह रहे हैं कि युद्धविराम व्यापार के बदले हुआ था, तो यह भारत की छवि के खिलाफ है। प्रधानमंत्री को भी इस बयान का खुलकर खंडन करना चाहिए, ताकि भारत की वैश्विक छवि को नुकसान न पहुंचे।’
रामदास अठावले बोले- विदेश मंत्री ने ट्रम्प के हस्तक्षेप की बात नकारी
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर ने आज राज्यसभा में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से हमारी कोई बातचीत नहीं हुई। जब ट्रम्प ने कहा कि युद्धविराम होना चाहिए, तो हमने स्पष्ट कर दिया था कि हमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
मनोज झा बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा महज नारा नहीं बल्कि जिम्मेदारी है
पहलगाम में जो हुआ, वो देश की सामूहिक पीड़ा थी। हम इतिहास से सबक नहीं लेते। सदन की ओर से माफीनामा जाना चाहिए। खुफिया एजेंसी को जानकारी थी तो उस पर क्या किया। राष्ट्रीय सुरक्षा महज नारा नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। देश में कोई आपदा आती है तो हम सब एक हो जाते हैं। सैन्य सेवा और राजनीतिक नेतृत्व अलग-अलग चीज है।
पहलगाम में जो हुआ वो आतंकी हमला हुआ, उसके बाद लिखा जाता है कि उन्होंने धर्म पूछा जाति नहीं। वो मकसद में कामयाब हो गए थे। उनकी गोली में नफरत की बारूद भी थी। हालांकि भारत ने इसको नकार दिया।
पीएम ने कहा- मैं भारत का पक्ष रखने आया हूं। ये संसद तो सबकी है। भारत का पक्ष को इंटरनेशनल फोरम में रखना चाहिए। सवाल भारत माता से नहीं भारत सरकार से थे। ये लोग हर बात में नेहरू जी को ले आते हैं। अगर नेहरू इतने सालों बाद भी इतना परेशान कर रहे हैं तो उनमें कुछ तो बात होगी।
राहुल ने कहा- ट्रम्प के आगे पीएम मोदी बोल नहीं पा रहे
प्रधानमंत्री ने ट्रम्प का नाम नहीं लिया। ये सबको मालूम है क्या हुआ है और प्रधानमंत्री बोल नहीं पा रहे हैं। अगर PM ने बोल दिया, तो ट्रम्प खुलकर बोलेंगे और पूरी सच्चाई रख देंगे, इसलिए प्रधानमंत्री बोल नहीं पा रहे हैं। ट्रम्प बार-बार एक ही बात को इसलिए दोहरा रहे हैं, क्योंकि वो ट्रेड डील में नरेंद्र मोदी को दबाएंगे। आप देखना कैसी ट्रेड डील बनती है।
प्रियंका बोलीं- पीएम और विदेश मंत्री का गोल-मोल जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के युद्धविराम और टैरिफ पर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, अगर आप ध्यान से सुनें तो वे ‘गोल-मोल’ शब्द हैं। राहुल गांधी ने कल भी कहा था, उन्हें सीधे कहना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति झूठ बोल रहे हैं।
वो कान खोल के सुन ले, ट्रम्प-मोदी की बातचीत नहीं हुई
पाकिस्तान को कितना नुकसान हुआ, उसके सारे सबूत
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, जो लोग ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उठा रहे हैं। उनके लिए तीन बातें हैं-
पहली- यूट्यूब पर जाइए आपको तमाम वीडियो मिल जाएंगे कि पाकिस्तान के कितने आतंकी मारे गए। उनके अंतिम संस्कार में कौन शामिल था। दूसरी- पाकिस्तान को हमने कितना नुकसान पहुंचाया, उसके भी सबूत हैं। उनके एयरबेस के हालात देखें क्या स्थिति हो गई थी। तीसरी- बहावलपुर और मुरीदके के बारे में पूरी दुनिया जानती है कि यहां आतंकवाद का अड्डा है। हमने इसे ध्वस्त किया।
जयशंकर ने फिर दोहराया- खून और पानी साथ नहीं बहेंगे
सिंधु जल संधि पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं कर देता। खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे।
जयशंकर बोले- सिंधु जल संधि समझौता हैरान करने वाला था
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, सिंधु जल संधि कई मायनों में एक अनूठा समझौता है। मैं दुनिया में ऐसे किसी भी समझौते के बारे में नहीं सोच सकता जहां किसी देश ने अपनी प्रमुख नदियों को उस नदी पर अधिकार के बिना दूसरे देश में बहने दिया हो। इसलिए यह एक असाधारण समझौता था और, जब हमने इसे स्थगित कर दिया है, तो इस घटना के इतिहास को याद करना महत्वपूर्ण है। कल मैंने लोगों को सुना, कुछ लोग इतिहास से असहज हैं। वे चाहते हैं कि ऐतिहासिक चीजों को भुला दिया जाए। शायद यह उन्हें शोभा नहीं देता, वे केवल कुछ चीजों को याद रखना पसंद करते हैं।
कांग्रेस सांसद बोले- क्या ट्रम्प और मोदी के बीच कोई कम्यूनिकेशन नहीं
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, ऐसा लग रहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। उनमें से कोई सच नहीं बोल रहा है। इससे पता चलता है कि दोनों सरकारों के बीच संतुलन नहीं है। क्या मार्को रुबियो और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है? हम चाहते थे कि प्रधानमंत्री मोदी स्पष्ट रूप से बताएं कि क्या उन्होंने इस संदर्भ में राष्ट्रपति ट्रम्प से बात की है।
अखिलेश यादव बोले- सरकार यह नहीं देख रही कि असली दुश्मन कौन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान पर सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, भारत सरकार यह नहीं देख रही है कि असली दुश्मन कौन है। सभी आतंकवादी पाकिस्तान से आते हैं, लेकिन पाकिस्तान के पीछे कौन खड़ा है? चीन है। क्या हर बार युद्ध जैसी स्थिति होने पर हमें इसी स्थिति से गुजरना होगा?
