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PM मोदी मालदीव से तमिलनाडु पहुंचें:₹4900 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया; कल राजेंद्र चोल की 1000वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देंगे

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PM मोदी मालदीव से तमिलनाडु पहुंचें:₹4900 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया; कल राजेंद्र चोल की 1000वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देंगे

चेन्नई8 मिनट पहले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ब्रिटेन और मालदीव दौरा खत्म करने के बाद दो दिनों के तमिलनाडु दौरे पर पहुंचें। उन्होंने तूतीकोरिन में ₹4,900 करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में नया टर्मिनल भवन, हाईवे परियोजनाएं, पोर्ट और रेलवे विकास, और पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट शामिल हैं।

PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘आज कारगिल विजय दिवस है। मैं सबसे पहले कारगिल के वीरों को नमन करता हूं। मुझे सौभाग्य मिला है कि चार दिवसीय विदेश यात्रा के बाद मुझे भगवान श्री राम की इस पावन धरती पर आने का अवसर मिला है। मेरी इस यात्रा के दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर समझौता हुआ।’

प्रधानमंत्री मोदी तूतीकोरिन में पारंपरिक धोती और शर्ट पहनकर पहुंचें। वे रविवार को ऐतिहासिक चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की 1000वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने X पर पोस्ट में बताया कि वे अस्पताल में हैं, इसलिए उनकी जगह तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु प्रधानमंत्री से मिलेंगे।

तूतीकोरिन एयरपोर्ट पर ₹450 करोड़ की लागत से17,340 वर्गमीटर में नया टर्मिनल बनाया गया है।

इन योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ

1. तूतीकोरिन एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन

  • ₹450 करोड़ की लागत से बना 17,340 वर्गमीटर में फैला नया टर्मिनल एक साथ 1,350 यात्रियों को संभाल सकेगा और सालाना 20 लाख यात्रियों के लिए तैयार किया गया है। भविष्य में इसे 25 लाख यात्रियों तक बढ़ाया जा सकेगा।

2. दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं

  • सेथियाथोप-चोलापुरम NH-36 सेक्शन का 4-लेन निर्माण, जिसकी लागत ₹2350 करोड़ से अधिक है। इसमें बाइपास, पुल और फ्लाईओवर शामिल हैं, जिससे डेल्टा जिलों की यात्रा में 45 मिनट की कमी आएगी।
  • NH-138 के 5.16 किमी हिस्से का 6-लेन विस्तार, जिसकी लागत ₹200 करोड़ है। यह तूतीकोरिन पोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ेगा और लॉजिस्टिक लागत को कम करेगा।

3. बंदरगाह पर नया कार्गो टर्मिनल

  • चिदंबरनार पोर्ट पर ₹285 करोड़ की लागत से बना नॉर्थ कार्गो बर्थ–III 6.96 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला है। इससे सूखा माल (ड्राई कार्गो) संभालने की क्षमता बढ़ेगी और पोर्ट की कार्यक्षमता में सुधार होगा।
चिदंबरनार पोर्ट पर ₹285 करोड़ की लागत से बना नॉर्थ कार्गो बर्थ–III 6.96 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला है।

4. रेलवे परियोजनाएं

  • मदुरै–बोडिनायकनूर सेक्शन (90 किमी) का विद्युतीकरण होगा।
  • नागरकोइल टाउन–कन्याकुमारी (21 किमी), तिरुनेलवेली–मेलप्पालयम सेक्शन (3.6 किमी) और अरलवयमोझी–नागरकोइल सेक्शन (12.87 किमी) में डबल लाइन रेल ट्रैक बनेगा।

5. बिजली क्षेत्र में बड़ा निवेश

  • प्रधानमंत्री ₹550 करोड़ की लागत से बनने वाली इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह कुदनकुलम परमाणु संयंत्र की यूनिट 3 और 4 से बिजली को देशभर में पहुंचाने में मदद करेगा।

27 जुलाई- PM राजेंद्र चोल की 1000वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देंगे

गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर, तमिलनाडु के अरियालुर जिले में है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है

दौरे के दूसरे दिन 27 जुलाई को प्रधानमंत्री तिरुचिरापल्ली के गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की 1000वीं जयंती पर आयोजित ‘आदि तिरुवाधिरै उत्सव’ में भाग लेंगे और उनके सम्मान में एक स्मृति सिक्का जारी करेंगे।

राजेंद्र चोल (1014-1044 ई.) को भारत के सबसे शक्तिशाली सम्राटों में गिना जाता है। उन्होंने दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया तक समुद्री अभियान चलाकर चोल साम्राज्य का विस्तार किया। उन्होंने अपनी राजधानी गंगईकोंडा चोलपुरम में बनाई और वहां एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण करवाया, जो आज यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है।

इस वर्ष आदि तिरुवाधिरै उत्सव का विशेष महत्व है क्योंकि यह चोल सम्राट के जन्म नक्षत्र तिरुवाधिरै (आर्द्रा) के साथ मेल खा रहा है, जो 23 जुलाई से शुरू हुआ है। यह उत्सव तमिल शिव भक्ति परंपरा और 63 नयनमार संतों की विरासत को भी सम्मानित करता है।

6 अप्रैलः PM ने रामेश्वरम में नए पम्बन ब्रिज का उद्घाटन किया, स्टालिन नहीं पहुंचे

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अप्रैल को तमिलनाडु पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रामेश्वरम में एशिया के पहले वर्टिकल लिफ्ट स्पैन रेलवे ब्रिज (नए पम्बन ब्रिज) का उद्घाटन किया था। भाषा विवाद के कारण तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन कार्यक्रम में नहीं आए थे।

2.08 किमी लंबा ब्रिज रामेश्वरम (पम्बन द्वीप) को भारत की मुख्य भूमि तमिलनाडु के मंडपम से जोड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ही नवंबर 2019 में इसकी नींव रखी थी। भविष्य को ध्यान में रखते हुए इसे डबल ट्रैक और हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए डिजाइन किया गया है।

स्टील से बने नए ब्रिज पर पॉलीसिलोक्सेन कोटिंग की गई है, जो इसे जंग और समुद्र के नमकीन पानी से बचाएगी। पुराना पुल 2022 में जंग लगने की वजह से बंद कर दिया गया था। इसके बाद से रामेश्वरम और मंडपम के बीच रेल कनेक्टिविटी खत्म हो गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

PM मोदी बोले-मेडिकल की पढ़ाई तमिल भाषा में कराएं

इस दौरान आयोजित जनसभा के दौरान PM मोदी ने भाषा विवाद का जिक्र किए बिना DMK नेताओं और CM एमके स्टालिन को नसीहत दी थी। PM ने कहा- मैं राज्य सरकार से मांग करता हूं कि वे डॉक्टरी की पढ़ाई तमिल भाषा में कराएं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के कई नेताओं की चिटि्ठयां मेरे पास आती हैं। आश्चर्य की बात है कि कोई नेता तमिल में सिग्नेचर नहीं करता। तमिल का गौरव बने, इसलिए इन लोगों को स्थानीय भाषा में सिग्नेचर करना चाहिए।

DMK सरकार हिंदी को लागू नहीं करना चाहती

तमिलनाडु सरकार पिछले 6 महीने से नई शिक्षा नीति के तहत राज्य में ट्राय लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का विरोध कर रही है। पॉलिसी के तहत तमिल, अंग्रेजी के अलावा हिंदी को भी शिक्षा के माध्यम में शामिल करने का प्रस्ताव है। DMK चीफ और CM स्टालिन इसका विरोध कर रहे हैं।

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