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मालदीव में मोदी जिंदाबाद के नारे लगे:भारत ने मालदीव को ₹4850 करोड़ का कर्ज दिया, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत हुई

मालदीव में मोदी जिंदाबाद के नारे लगे:भारत ने मालदीव को ₹4850 करोड़ का कर्ज दिया, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत हुई

माले46 मिनट पहले
पीएम मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ द्विपक्षीय मीटिंग की।

पीएम मोदी आज दो दिवसीय दौरे पर मालदीव पहुंचे। यहां उनका गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। खुद राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू उन्हें लेने एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। इस दौरान राजधानी माले में लोगों ने ‘मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

इसके बाद मोदी और मुइज्जू ने द्विपक्षीय मीटिंग की। इस दौरान भारत ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (कर्ज) दिया और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बात की।

दोनों देशों के डिप्लोमैटिक संबंधों के 60 साल पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट जारी किया गया। इसके साथ मालदीव में 6 कम्युनिटी डेवलपमेंट परियोजनाओं को शुरू किया गया।

भारत-मालदीव में 8 समझौते पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू के बीच कर्ज, FTA, मत्स्य पालन और वॉटर कृषि, डिजिटल परिवर्तन, फार्माकॉपिया और UPI समेत 8 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

मोदी और मुइज्जू ने माले में रक्षा मंत्रालय के नए भवन का उद्घाटन भी किया। भारतीय पीएम ने मालदीव को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक पौधा गिफ्ट किया।

इसके अलावा भारत की आरोग्य मैत्री पहल के तहत मालदीव को BHISHM मेडिकल क्यूब दिए। भारतीय पीएम की यह तीसरी मालदीव यात्रा है। वे राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के न्योते पर गए हैं।

पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति ‘एक पड़े मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण करते हुए।
भारत-मालदीव संबंधों के 60 साल पूरे पर होने पर मालदीव ने एक डाक टिकट जारी किया।
भारत ने घायलों की इलाज के लिए मालदीव को भीष्म क्यूब सेट गिफ्ट किए।

मोदी बोले- भारत मालदीव का सबसे करीबी पड़ोसी

भारत-मालदीव संबंधों पर बोलते हुए PM मोदी ने कहा कि हमारे लिए दोस्ती हमेशा पहले आती है। भारत मालदीव का सबसे करीबी पड़ोसी है। भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और महासागर विजन में मालदीव की खास जगह है।

मोदी ने कहा कि भारत को मालदीव का सबसे भरोसेमंद दोस्त होने पर गर्व है। चाहे संकट हो या महामारी, भारत हमेशा सबसे पहले उनके साथ खड़ा रहा है। चाहे आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हो या कोविड के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना हो, भारत ने हमेशा साथ मिलकर काम किया है।

मोदी के मालदीव दौरे की फुटेज…

पीएम मोदी के स्वागत में मालदीव के रक्षा मंत्रालय के बाहर उनकी तस्वीर लगाई गई।
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुइज्जू को एयरपोर्ट पर गले लगाया।
एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के स्वागत में पारंपरिक नृत्य करते स्थानीय कलाकार।
भारतीय मूल के कलाकारों की डांस परफॉर्मेंस भी देखी।
भारत-मालदीव संबंधों के 60 साल पूरे होने पर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे

मोदी 26 जुलाई को मालदीव के 60वें स्वतंत्रता समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 साल पूरे होने का जश्न भी मनाया जाएगा।

मोहम्मद मुइज्जू नवंबर 2023 में राष्ट्रपति बने थे, उसके बाद से किसी विदेशी नेता की पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरान डिफेंस और रणनीतिक क्षेत्रों में कई समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे।

यह समझौते भारत की ” नेबरहुड फर्स्ट” पॉलिसी के तहत मालदीव के साथ विकास साझेदारी को और मजबूत करेंगे। मोदी इस यात्रा के दौरान मोदी भारत के सहयोग से तैयार कुछ प्रोजेक्ट का उद्घाटन भी कर सकते हैं।

संबंधों को सुधारने के लिए खास मोदी का दौरा

PM मोदी का दौरा भारत-मालदीव संबंधों को नई दिशा देने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और हिंद महासागर में रणनीतिक स्थिरता बढ़ाने के लिए खास है।

1. द्विपक्षीय संबंधों में सुधार: 2022 और 2023 में मालदीव में भारत के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ कैंपेन चलाया गया था। हालांकि, बाद में राष्ट्रपति मुइज्जू ने अपने रुख में बदलाव किया और भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए।

2. रणनीतिक महत्व: मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का खास पड़ोसी है। यह दौरा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी और ‘विजन सागर’ (SAGAR) को मजबूती देती है। जिसका मकसद क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा है।

3. आर्थिक सहयोग: मालदीव आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पीएम मोदी और मुइज्जू कई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को शुरू कर सकते हैं और कई समझौता पत्रों (MoU) पर हस्ताक्षर करेंगे। दोनों देश UPI जैसे डिजिटल पेमेंट सुविधा को बढ़ावा देने पर भी काम कर रहे हैं।

4. चीन के प्रभाव को काउंटर करना: मुइज्जू की कई नीतियां चीन के प्रति झुकाव दिखाती थीं। ये दौरा भारत और मालदीव के बीच क्षेत्रीय कूटनीति और INS जटायु जैसे रणनीतिक ठिकानों के महत्व को दर्शाता है। साथ ही चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने की भारत की रणनीति का भी हिस्सा है।

5. पर्यटन: 2024 में ‘इंडिया आउट के खिलाफ ‘बॉयकॉट मालदीव’ अभियान शुरू हुआ था। इससे मालदीव में भारतीय पर्यटकों की संख्या में कमी आई। इस दौरे से पर्यटन को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद है।

भारत में चला था बायकॉट मालदीव कैंपेन

बीते कुछ सालों में भारत-मालदीव के रिश्ते उतार चढ़ाव भरे रहे हैं। 2023 में मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ नारे के साथ चुनाव जीता था, लेकिन दिसंबर 2023 में दुबई में UN कॉप-28 सम्मेलन में पीएम मोदी और मुइज्जू की मुलाकात ने रिश्तों में सुधार की शुरुआत की।

दोनों नेताओं ने आर्थिक साझेदारी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई। हालांकि, 2024 की शुरुआत में मालदीव के कुछ मंत्रियों की पीएम मोदी और लक्षद्वीप यात्रा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के बाद भारत में ‘बायकॉट मालदीव’ कैंपेन शुरू हुआ।

जनवरी 2024 में मुइज्जू ने चीन यात्रा के बाद कहा कि मालदीव एक छोटा देश हो सकता है, लेकिन कोई इसे “धमका” नहीं सकता। उन्होंने मई 2024 तक भारतीय सैन्य कर्मियों को हटाने की मांग की थी, जिसके बाद भारत ने सैनिकों को हटाकर उनकी जगह तकनीकी कर्मचारी भेजे।

मुइज्जू की भारत यात्रा से दोनों देशों के रिश्ते सुधरे

2024 में रिश्तों में सुधार हुआ। अक्टूबर 2024 में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान भारत ने मालदीव के लिए 750 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप डील की। इससे मालदीव को फॉरेन करेंसी की कमी से निपटने में मदद मिली।

मई 2025 में भारत ने 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल को रोल ओवर करके मालदीव की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया।

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि दोनों देशों ने रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। इस यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में समझौते होने की उम्मीद है, जिसमें फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा, मछली पालन और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं।

इससे पहले 2015 में श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और 2017 में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रह चुके हैं।

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