‘सांसद जी हेलिकॉप्टर भेजिए, प्रेग्नेंसी का नौवां महीना है’:सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर लीला साहू बोलीं- अभी तक सड़क नहीं बनी; आपने उठवाने को कहा था
सीधी जिले में अपने गांव की सड़क बनवाने के लिए मोर्चा खोलने वाली लीला साहू का एक और वीडियो सामने आया है। वीडियो में गर्भवती लीला कह रही हैं- 9वां महीना है, कल से हमें दर्द हो रहा है। सांसद जी, आप उठवाने की बात कर रहे थे, तो इसलिए प्लीज हमें उठवाने का कष्ट करें। आप हेलिकॉप्टर भेजिए।
रामपुर नैकिन के ग्राम खड्डी खुर्द की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर लीला साहू 9 महीने की गर्भवती हैं। उनके गांव तक अब भी पक्की सड़क नहीं बनी है। बारिश में एम्बुलेंस का पहुंचना भी मुश्किल होता है, इसलिए उन्होंने सांसद से कहा- आपने वादा किया था कि जरूरत पड़ने पर हेलिकॉप्टर भेजेंगे, अब वह समय आ गया है।
4 दिन से बारिश नहीं हुई इसलिए एम्बुलेंस पहुंची लीला साहू ने कहा कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मेरी देवरानी उर्मिला साहू को लेबर पेन हुआ था। मेरे घर से 8 किलोमीटर दूर खड्डी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। वहां से एम्बुलेंस नहीं पहुंची। करीब 30 किलोमीटर दूर ताला से एम्बुलेंस आई और उसे लेकर गई।
लीला ने पूछा था- गांव की सड़क क्यों नहीं बन रही? इससे पहले लीला ने एक वीडियो में नेताओं से सवाल किया था कि उन्होंने 29 सीटें दिलाई हैं, फिर भी उनके गांव की सड़क क्यों नहीं बन रही? विधायक प्रतिनिधि ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि एक गर्भवती महिला को सड़क के लिए गुहार लगानी पड़े, यह प्रशासन के लिए शर्म की बात है।
लीला अपने गांव की सड़क के लिए पिछले साल से संघर्ष कर रही हैं। उनके गांव में सड़क नहीं होने से दो महिलाओं की जान जा चुकी है। इनमें एक उनकी भाभी ममता थीं। दूसरी महिला सीमा थीं। दोनों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
पिछले साल जुलाई में की थी गांव की सड़क की मांग लीला साहू ने जुलाई 2024 में अपने गांव खड्डी खुर्द के बगैया टोला से गजरी को जोड़ने वाली 10 किमी लंबी कच्ची सड़क की खस्ता हालत को उजागर किया था। इसी को लेकर उन्होंने पहला वीडियो डाला था।
इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और सीधी के सांसद राजेश मिश्रा को टैग करते हुए सड़क निर्माण की मांग की थी।
लीला ने बताया कि बारिश में यह सड़क कीचड़ और गड्ढों से भर जाती है, जिसके कारण एम्बुलेंस और अन्य वाहनों का आना-जाना असंभव हो जाता है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद कलेक्टर ने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था, जो अब तक पूरा नहीं हो सका है।
गर्भवती महिलाओं का साथ दूसरा वीडियो डाला था इसके बाद लीला साहू गर्भवती हुईं तो दूसरा वीडियो भी बनाया। उन्होंने कहा- खराब सड़क के कारण गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके गांव में छह अन्य गर्भवती महिलाएं भी थीं। सभी को एम्बुलेंस की अनुपलब्धता का डर सता रहा था। इस हालत ने लीला को और अधिक सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया।
जुलाई में उन्होंने दूसरा वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने सांसद राजेश मिश्रा के पिछले साल के वादे को याद दिलाया और सड़क निर्माण में देरी पर सवाल उठाए।
संसद घेरने वाली थीं, गडकरी से मुलाकात की ठानी लीला साहू ने अपनी गर्भावस्था के बावजूद कहा था कि डिलीवरी के बाद वह दिल्ली जाएंगी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर सड़क निर्माण की मांग करेंगी। हालांकि, उनके इस बयान को कुछ लोगों ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा से जोड़ा, लेकिन लीला ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल गांव की भलाई के लिए है। लीला ने कहा-
यह मामला सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे गांव का है। हमारी मांग सिर्फ 10 किलोमीटर की सड़क है, जो हमारे लिए जीवन रेखा है।” हालांकि, दिल्ली यात्रा की योजना अभी तक पूरी नहीं हुई।

गर्भवती महिलाओं के साथ कुछ गलत हुआ तो सांसद जिम्मेदार लीला ने भास्कर से कहा- जब पिछला वीडियो वायरल हुआ था तब सांसद राजेश मिश्रा ने मुझे कहा था कि आपके गांव के लिए सड़क की मंजूरी मिल गई है। बारिश के बाद सड़क बनाने का काम शुरू हो जाएगा। मगर, कुछ नहीं हुआ तो मैंने एक वीडियो बनाकर सांसद जी को उनके वादे की याद दिलाई थी।
लीला कहती है कि सांसद में रोड बनवाने की हिम्मत नहीं है तो फिर झूठा वादा क्यों किया। पहले बता दिया होता, तो मैं उनसे ज्यादा बड़े नेताओं से मिलती। मैं गर्भवती हूं और मेरे साथ गांव की और भी महिलाएं गर्भवती हैं। इस खराब सड़क की वजह से यदि गर्भवती महिलाओं के साथ कुछ हुआ तो उसकी जिम्मेदारी सांसद की होगी।
सांसद ने कहा था- डेट बताओ, अस्पताल में भर्ती करा देंगे लीला के वीडियो के जवाब में सांसद राजेश मिश्रा ने कहा- डिलीवरी की तारीख बताओ, हम एक हफ्ते पहले उठवा कर अस्पताल में भर्ती करा देंगे। उनके इस बयान की खूब आलोचना हुई। इस पर लीला ने जवाब दिया-
सांसद जी, क्या आप हर गर्भवती महिला के लिए हेलीकॉप्टर भेजेंगे? हमें सड़क चाहिए, ताकि एंबुलेंस गांव तक आ सके।

हेलिकॉप्टर की बात सीधी सांसद के एक बयान से आई दरअसल, भाजपा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा था कि उस गांव में बहुत सारी महिलाएं होंगी, जिनकी डिलीवरी भी हुई होगी। आज तक ऐसी घटना हुई क्या? मोहन यादव की सरकार है मध्यप्रदेश में।
PWD मंत्री बोले थे- सड़क निर्माण की एक प्रक्रिया है मुद्दा गरमाने के बाद PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा था कि सीधी में एक लीला साहू हैं, तो सोशल मीडिया पर डिमांड आ गई। ऐसे तो ना जाने कितने लोग हैं, जिनकी डिमांड है तो आपको क्या लगता है? PWD का बजट इतना होता है? या किसी भी विभाग के पास इतना पैसा होता है?
किसी ने एक पोस्ट किसी जगह पर डाल दी और हम सड़क बनाने पहुंच जाएंगे। PWD कौन-सी सड़क बनाएगा, कौन-सी नहीं बनाएगा यह प्रक्रिया भी संविधान के तहत, कानून के तहत तय हुई है।
मंत्री राकेश सिंह ने भी कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर सड़क नहीं बनाई जा सकती, क्योंकि विभाग के पास बजट और प्रक्रिया की सीमाएं हैं। हालांकि, लीला की लगातार कोशिशों और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया।
चुरहट विधायक अजय सिंह ने अपने खर्च पर मुरम डलवाया इसी महीने जिला प्रशासन ने बारिश के बावजूद खड्डी खुर्द के बगैया टोला से गजरी को जोड़ने वाली सड़क पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इस काम में जेसीबी मशीन और रोलर लगाए गए, जिसका वीडियो लीला ने सोशल मीडिया पर साझा किया।
खासतौर से चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल ने इस सड़क के निर्माण के लिए अपने निजी फंड से रुपए उपलब्ध कराए। लीला ने अपने वीडियो में खुशी जाहिर करते हुए कहा- अब हमारे घर तक एम्बुलेंस पहुंच जाएगी। यह सड़क न केवल गर्भवतियों के लिए, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों और अन्य ग्रामीणों के लिए भी राहत लेकर आई है।
