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ट्रेड यूनियन्स का दावा-25 करोड़ कर्मचारी आज हड़ताल पर:बैंक और डाकघर में काम पर असर, कोलकाता-भुवनेश्वर में रेलवे ट्रैक जाम किया

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ट्रेड यूनियन्स का दावा-25 करोड़ कर्मचारी आज हड़ताल पर:बैंक और डाकघर में काम पर असर, कोलकाता-भुवनेश्वर में रेलवे ट्रैक जाम किया

नई दिल्ली25 मिनट पहले
10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए ‘भारत बंद’ के दौरान वर्कर्स ने प्रोटेस्ट किया।

बैंक, बीमा, डाक और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी सर्विसेज आज यानी 9 जुलाई को देश में कई जगहों पर प्रभावित है। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगी संगठनों ने हड़ताल बुलाई है। यूनियन का दावा है कि देशभर में 25 करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

ट्रेड यूनियंस निजीकरण और 4 नए लेबर कोड्स के विरोध में हैं। ये केंद्र की उन नीतियों का विरोध कर रही हैं, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक मानती हैं।

पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के मुताबिक देश में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में 56 करोड़ कर्मचारी हैं। इसमें इनफॉर्मल सेक्टर में 50 करोड़ और फॉर्मल सेक्टर में 6 करोड़ कर्मचारी हैं।

भारत बंद की 5 तस्वीरें…

कोलकाता पुलिस आग बुझाने की कोशिश करती हुई। प्रदर्शनकारियों ने विरोध में पुतला जलाया था।
केरल के कोट्टायम में दुकानें और शॉपिंग मॉल ‘भारत बंद’ के समर्थन में बंद हैं।
तमिलनाडु में थूथुकुडी निगम के सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि वे बुनियादी सुविधाओं जैसे फेस मास्क के बिना काम करते हैं। उन्हें पर्याप्त वेतन नहीं दिया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सरकारी बसों के ड्राइवर सावधानी के तौर पर हेलमेट पहन रहे हैं।
भुवनेश्वर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने हड़ताल के दौरान रेलवे ट्रैक जाम कर दिया।

लाइव अपडेट्स

25 मिनट पहले

कई राज्यों की बैंक शाखाओं में काम-काज ठप

हड़ताल के चलते महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में बैंक शाखाओं में काम-काज ठप है। मुंबई में हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने बैंक के बाहर नारेबाजी भी की।

40 मिनट पहले

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव बोलीं ‘कई राज्यों से आंदोलन शुरू’

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव अमरजीत कौर ने PTI को बताया कि भारत बंद की आम हड़ताल आज से पूरे देश में शुरू हो गई है। उन्हें पश्चिम बंगाल, केरल, झारखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु और बिहार सहित राज्यों से आंदोलन की रिपोर्ट और तस्वीरें मिली हैं।

59 मिनट पहले

LIC के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की कथित श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में आम हड़ताल के दौरान प्रदर्शन किया।

12:26 PM9 जुलाई 2025

न्यूनतम वेतन 26,000 रुपए और पुरानी पेंशन योजना जैसी मांगों के लिए हड़ताल

न्यूनतम वेतन 26,000 रुपए और पुरानी पेंशन योजना जैसी मांगों के लिए हड़ताल की जा रही है। यूनियनों के मंच ने ये भी आरोप लगाया है कि सरकार पिछले 10 साल से सालाना श्रम सम्मेलन नहीं कर रही है और मजदूरों के हितों के खिलाफ फैसले ले रही है। वो चार लेबर कोड लागू करने की कोशिश कर रही है, जिससे सामूहिक सौदेबाजी कमजोर हो, यूनियनों की गतिविधियां रुकें और ‘बिजनेस करने की आसानी’ के नाम पर नियोक्ताओं को फायदा हो।

11:45 AM9 जुलाई 2025

हावड़ा में वाम संगठनों के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया

11:33 AM9 जुलाई 2025

10 ट्रेड यूनियन्स ने हड़ताल बुलाई है

  1. इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)
  2. ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)
  3. हिंद मजदूर सभा (HMS)
  4. सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU)
  5. ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC)
  6. ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC)
  7. सेल्फ एम्प्लॉयड वीमेन्स एसोसिएशन (SEWA)
  8. ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (AICCTU)
  9. लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF)
  10. यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC)
11:25 AM9 जुलाई 2025

रांची रेलवे स्टेशन के बाहर हड़ताल के दौरान ऑटो स्टैंड पर खड़े ऑटो

11:22 AM9 जुलाई 2025

देश भर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर

रांची में ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान डिपो में खड़ी बसें।

‘भारत बंद’ के विरोध प्रदर्शनों के तेज होने के कारण देश के कई हिस्सों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ा है। ओडिशा में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) की खोरधा जिला इकाई के सदस्यों ने ‘भारत बंद’ के समर्थन में भुवनेश्वर में राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।

11:00 AM9 जुलाई 2025

8 सवाल-जवाब के जरिए इस पूरे मामले को समझें…

सवाल 1: इस हड़ताल में कौन-कौन शामिल हो रहा है?

जवाब:ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के अमरजीत कौर ने कहा- 25 करोड़ से ज्यादा वर्कर इस हड़ताल में शामिल होने वाले हैं। किसान और ग्रामीण मजदूर भी इस प्रदर्शन का समर्थन करेंगे।

इसमें बैंक, डाक, कोयला खनन, बीमा, परिवहन, फैक्ट्रियां और निर्माण जैसे कई सेक्टरों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, किसान और ग्रामीण मजदूर भी इस विरोध में शामिल होंगे। रेलवे और टूरिज्म जैसे सेक्टरों को इस हड़ताल से बाहर रखा गया है।

सवाल 2: ट्रेड यूनियनों ने ये हड़ताल क्यों बुलाई है?

जवाब: ट्रेड यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियां मजदूरों और किसानों के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि सरकार कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने के लिए पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का निजीकरण कर रही है, मजदूरों के हक छीन रही है और चार नए लेबर कोड्स के जरिए मजदूरों के हड़ताल करने और सामूहिक सौदेबाजी जैसे अधिकारों को कमजोर कर रही है।

सवाल 3: इस हड़ताल से क्या-क्या प्रभावित होगा?

जवाब: इस हड़ताल से कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। खास तौर पर:

  • बैंकिंग: सरकारी और कोऑपरेटिव बैंक बंद रह सकते हैं या सेवाएं सीमित हो सकती हैं।
  • डाक सेवाएं: कामकाज ठप हो सकता है, जिससे डाक डिलीवरी में देरी हो सकती है।
  • परिवहन: सरकारी बसें और स्टेट ट्रांसपोर्ट सेवाएं रुक सकती हैं, जिससे परेशानी होगी।
  • कोयला खनन: कोयला खनन और औद्योगिक इकाइयों में काम रुक सकता है।
  • बीमा सेक्टर: LIC और दूसरी बीमा कंपनियों के दफ्तरों में कामकाज प्रभावित होगा।

सवाल 4: क्या स्कूल और कॉलेज भी बंद रहेंगे?

जवाब: स्कूल और कॉलेजों के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं है कि वे पूरी तरह बंद रहेंगे। परिवहन सेवाओं के प्रभावित होने की वजह से आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। अगर आप किसी स्कूल या कॉलेज से जुड़े हैं, तो बेहतर होगा कि स्थानीय प्रशासन या संस्थान से संपर्क करें।

सवाल 5: क्या इस हड़ताल को कोई और समर्थन दे रहा है?

जवाब: हां, इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और कृषि मजदूरों के संगठनों का भी समर्थन मिला है। वे ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, रैलियां और सभाएं आयोजित करेंगे। इसके अलावा कुछ विपक्षी पार्टियां भी इस हड़ताल का समर्थन कर रही हैं।

सवाल 6: पहले भी ऐसी हड़ताल हुई हैं क्या?

जवाब: हां, ट्रेड यूनियनों ने पहले भी ऐसी देशव्यापी हड़तालें की हैं। नवंबर 2020, मार्च 2022 और फरवरी 2024 में भी इसी तरह की हड़तालें हुई थीं, जिनमें लाखों कर्मचारियों और किसानों ने हिस्सा लिया था।

सवाल 7: क्या ये हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी?

जवाब: यूनियनों का कहना है कि ये हड़ताल शांतिपूर्ण होगी और इसका मकसद सरकार का ध्यान मजदूरों-किसानों की समस्याओं की ओर खींचना है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने की हड़ताल से कुछ जगहों पर तनाव या असुविधा की स्थिति बन सकती है।

सवाल 8: सरकार का इस हड़ताल पर क्या रुख है?

जवाब: अभी तक सरकार की ओर से इस हड़ताल पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन पहले की हड़तालों को देखें तो सरकार अक्सर इन्हें “सीमित प्रभाव” वाली बताती रही है। इस बार भी सरकार और यूनियनों के बीच तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि यूनियनें सरकार की नीतियों को बदलने की मांग कर रही हैं।

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