महाराष्ट्र में मराठी को लेकर विवाद के बीच ठाणे के भायंदर में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने प्रदर्शन किया। इस बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और स्थानीय विधायक प्रताप बाबूराव सरनाईक वहां पहुंचे, इससे MNS कार्यकर्ता भड़के और उनका विरोध किया।
इससे पहले मंगलवार सुबह पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के ठाणे-पालघर प्रमुख अविनाश जाधव समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। जाधव के नेतृत्व में ये कार्यकर्ता ठाणे के भायंदर में व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन के जवाब में एक रैली करने जा रहे थे। पुलिस ने इस रैली की परमिशन नहीं दी थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैंने पुलिस कमिश्नर से बात की है, उन्होंने बताया कि रैली के लिए नहीं, बल्कि सभा के लिए अनुमति मांगी गई थी।
भायंदर में ही 1 जुलाई को एक गुजराती दुकानदार को मराठी में बात न करने पर MNS कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी। इसके विरोध में व्यापारियों ने कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था।
CM फडणवीस बोले- हमने दूसरा रास्ता सुझाया, लेकिन MNS नहीं मानी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम उन्हें सभा की अनुमति दे रहे थे, लेकिन वे उस रास्ते पर मार्च करना चाहते थे जहां ऐसा करना संभव नहीं था। हमने उन्हें दूसरा रास्ता सुझाया, लेकिन वे नहीं माने। यह कहना गलत होगा कि उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
DCP प्रकाश ने रैली पर रोक लगा दी थी
सोमवार को ही DCP प्रकाश गायकवाड़ ने आदेश जारी कर जाधव के भायंदर आने पर एक दिन की रोक लगा दी। आदेश में कहा गया कि जाधव पर पहले से 28 आपराधिक केस दर्ज हैं और उनकी मौजूदगी से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
पूरा मामला कहां से शुरू हुआ….
मुंबई के मीरा रोड इलाके का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें MNS कार्यकर्ताओं की गुजराती दुकानदार से मराठी न बोलने पर बहस हुई थी। कार्यकर्ता ने उससे कहा था कि तुमने मुझसे पूछा कि मराठी क्यों बोलनी चाहिए? जब तुम्हें परेशानी थी, तब तुम MNS ऑफिस आए थे।’
दुकानदार ने जवाब में कहा था कि उसे नहीं पता था कि मराठी बोलना अब जरूरी हो गया है। इस पर एक कार्यकर्ता गाली देते हुए दुकानदार को धमकाता है कि उसे इस इलाके में कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। बहस के दौरान दुकानदार से मारपीट की गई थी। पूरी खबर पढ़ें…
