पंजाब के नए मंत्री बने अरोड़ा को मिले 3 विभाग:कुलदीप धालीवाल की छुट्टी, बोले- मुझे CM ने इस्तीफा देने के लिए कहा था
राज्यसभा छोड़कर लुधियाना से उपचुनाव जीतने वाले संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार के नए NRI, उद्योग और वाणिज्य मंत्री बन गए हैं। गुरुवार को राजभवन में हुए समारोह में उन्होंने 17वें मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। लुधियाना वेस्ट उपचुनाव जीतने के बाद संजीव अरोड़ा को मंत्री बनाए जाने का वादा किया गया था। इसी वजह से उनकी कैबिनेट में एंट्री हुई है।
AAP सरकार के करीब साढ़े 3 साल के कार्यकाल में यह 7वां कैबिनेट विस्तार है। NRI विभाग पहले कुलदीप धालीवाल के पास था, लेकिन उन्होंने अब इस्तीफा दे दिया है। वहीं उद्योग विभाग तरुणप्रीत के पास था, जिसको वापस लेकर अरोड़ा को दिया गया है। तरुणप्रीत के पास अब केवल पंचायत एवं संस्कृति विभाग बचा है।
इस्तीफे के बाद धालीवाल ने कहा- मुझे CM भगवंत मान ने कहा था कि किसी और को मौका देना है। मैंने कहा ठीक है। मैंने सीएम को इस्तीफा दिया है। मैं महकमों की लड़ाई में शामिल नहीं हूं।
अरोड़ा के कैबिनेट में शामिल होने के बाद और कुलदीप धालीवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में 16 मंत्री हो गए हैं। अब भी मंत्रिमंडल में एक सीट खाली रह गई है।
इस्तीफे के बाद धालीवाल ने कहीं 4 अहम बातें
1. अब अजनाला में बैठकर काम करूंगा मंत्रीपद से इस्तीफा देने के बाद धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मेरे हलके के लोगों ने मुझे वोट डालकर चुना है। उस इलाके के विकास के लिए अपनी पूरी जान लगा दूंगा। हलके को नंबर एक बनाना है। अब मैं अगले डेढ़ साल तक अजनाला में बैठकर काम करूंगा। पार्टी जहां भी मेरी ड्यूटी लगाएगी, वहां पर काम करूंगा। मंत्रीपद से हटाने के बारे में धालीवाल ने कहा कि यह तो पार्टी को पता होगा। जो भी व्यक्ति काम करता है, उसे मौका दिया जाना चाहिए।
2. महकमों की लड़ाई में शामिल नहीं हूं धालीवाल ने कहा- मैं महकमों की लड़ाई में शामिल नहीं हूं। मैं अपनी पार्टी का वफादार सिपाही हूं। मैंने 10 साल में एक दिन भी छुट्टी नहीं ली। मैंने आज ही इस्तीफा दिया है। मुझे CM भगवंत मान ने कहा था कि किसी और को मौका देना है। मैंने कहा ठीक है। मैंने सीएम को इस्तीफा दिया है।
3. अरविंद का बड़ा करीबी, भगवंत मान दोस्त धालीवाल ने कहा- मुझे कहा गया कि आपको और कोई काम देना है। मैं अरविंद केजरीवाल का करीबी हूं। भगवंत मान मेरे 1992 से दोस्त हैं। उनकी वजह से ही मैं अमेरिका से आया था। जब मैं पार्टी में आया था तो उस समय मैंने पार्टी को नहीं कहा था कि मुझे एमएलए बनाओ, पार्टी ने ही सब कुछ दिया है।
4. पदों का कोई महत्व नहीं, 100 परसेंट काम किया आगे धालीवाल ने कहा- मैं खुली किताब की तरह हूं। मैंने एक साल में 11 हजार एकड़ जमीन छुड़ाई है। मेरे लिए पंजाब पहले है। पदों का कोई महत्व नहीं है। मेरे मन को तसल्ली है कि जितना समय पार्टी ने दिया, मैंने उसमें 100 परसेंट काम किया। हम घबराने वाले नहीं हैं।
पहले गवर्नर के बाहर होने से टला था समारोह विधायक चुने जाने के पहले से अरोड़ा का मंत्रिमंडल में शामिल होना तय था। क्योंकि, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अरोड़ा के चुनाव प्रचार के दौरान घोषणा थी, कि लोग उन्हें विधायक बनाएं, हम उन्हें मंत्री बनाएंगे। इससे पहले 1 जुलाई को अरोड़ा ने अपनी राज्यसभा की मेंबरशिप से इस्तीफा दिया। यह समारोह पहले भी हो सकता था, लेकिन उस समय गवर्नर गुलाब चंद कटारिया उदयपुर के दौरे पर थे। अब वे चंडीगढ़ आ गए हैं। इसके बाद गुरुवार को शपथ समारोह होना तय हुआ।
यहां जानिए कब-कब हुआ मंत्रिमंडल में विस्तार…
- सितंबर 2024 में मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल : हरदीप मुंडिया, बरिंदर कुमार गोयल, तरुणप्रीत सौंध, डॉ. रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत को शामिल किया गया। चेतन जौड़ामाजरा, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, अनमोल गगन मान को हटाया गया।
- जनवरी 2023 में डॉ. बलबीर को स्वास्थ्य मंत्रालय मिला: फौजा सिंह सरारी के इस्तीफे के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय डॉ. बलबीर सिंह को मिला, उन्हें शिक्षा विभाग भी दिया गया।
- मई 2023 में इंदरबीर सिंह निज्जर का इस्तीफा : व्यक्तिगत कारणों से मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर ने मंत्रिपद से इस्तीफा दिया। बलकार सिंह और गुरमीत सिंह खुडि्डयां को नया मंत्री बनाया गया।
- जुलाई 2022 में पांच नए मंत्री बनाए: सरकार बनने के लगभग चार महीने बाद ही CM भगवंत मान ने पांच नए AAP विधायकों को मंत्री पद पर नियुक्त किया।
- मई 2022 में विजय सिंगला को हटाया गया: सेहत मंत्री विजय सिंगला पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया।
लुधियाना वेस्ट के उपचुनाव में जीते संजीव अरोड़ा पंजाब में 2022 के विधानसभा चुनाव में लुधियाना वेस्ट से गुरप्रीत सिंह गोगी विधायक बने थे, लेकिन जनवरी 2025 में उनकी खुद की पिस्तौल से गोली चलने से घर पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद यह सीट खाली हो गई थी। इस सीट को भरने के लिए निर्वाचन आयोग ने जून में उपचुनाव करवाए।
इस उपचुनाव में AAP ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया। इसके प्रचार में CM भगवंत मान और पार्टी सुप्रीमो केजरीवाल ने लोगों से वादा किया था कि अगर अरोड़ा विधायक बने तो उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। इसके बाद लोगों ने अरोड़ा को दिल खोलकर वोट दिए। अरोड़ा ने 10,637 मतों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण आशु से 43.34% अधिक वोट मिले।
उपराष्ट्रपति को सौंप चुके हैं इस्तीफा उपचुनाव में जीत के बाद संजीव अरोड़ा ने राज्यसभा के सांसद पद से इस्तीफा दे दिया हैं। अरोड़ा ने मंगलवार को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति आवास में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें अपना त्यागपत्र सौंपा। वहीं, अब अरोड़ा के इस्तीफा देने से पार्टी की ओर से राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल इस मौके को भुनाते हुए राज्यसभा जा सकते हैं।
