139 हस्तियों को पद्म पुरस्कार:शारदा सिन्हा समेत 7 को पद्म विभूषण; पंकज उधास, सुशील मोदी समेत 19 को पद्म भूषण; 113 को पद्मश्री
नई दिल्ली10 घंटे पहले
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को 2025 के लिए 139 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। शारदा सिन्हा, ओसामु सुजुकी समेत 7 हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान दिया गया है।
वहीं पूर्व हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश, पंकज उधास और सुशील मोदी समेत 19 हस्तियों को पद्म भूषण के लिए चुना गया। इनके अलावा, राजस्थान की लोक गायिका बतूल बेगम, दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरजा भटला समेत 113 हस्तियों को इस बार पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।
पद्म पुरस्कार विजेताओं में से 23 महिलाएं हैं। इनमें 10 विदेशी/NRI/PIO/OCI कैटेगरी के लोग भी हैं। 13 हस्तियां ऐसी हैं, जिन्हें मरणोपरांत पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
पद्म पुरस्कारों की पूरी लिस्ट देखें
4 हस्तियों को मरणोपरांत पद्म भूषण
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, मनोहर जोशी, अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय, गजल गायक पंकज उधास को मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया है।
पद्मश्री पुरस्कार में कई गुमनाम हस्तियां, क्रिकेटर आर अश्विन का नाम भी
पद्मश्री पुरस्कार ऐसे 113 लोगों को दिया जा रहा है, जिनमें कई गुमनाम हैं। इनमें 100 साल की स्वतंत्रता सेनानी लिबिया लोबो सरदेसाई, कठपुतली कला में माहिर 96 साल की भीमव्वा व पर्यावरणविद चैतराम, 300 साल पुराने महेश्वरी हैंडलूम को पुनर्जीवित करने वाली सैली होल्कर और सर्वाइकल कैंसर के लिए काम करने वाली स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरजा भटला शामिल हैं।
साथ ही कुवैत की योगा ट्रेनर और ब्राजील के मैकेनिकल इंजीनियर से हिंदू आध्यात्मिक और वेदांत गुरु बने जोनास मासेटी का नाम भी है। 100 साल की लीबिया लोबो सरदेसाई को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।
पश्चिम बंगाल के 57 साल के गोकुल चंद्र दास को यह अवॉर्ड मिला है। इन्होंने 150 महिलाओं को ढाक बजाने की ट्रेनिंग दी। राजस्थान की लोक गायिका बतूल बेगम, दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरजा भटला, सामाजिक कार्यकर्ता भीम सिंह भावेश ,दक्षिण भारतीय संगीतकार पी. दत्चनमूर्ति, नगालैंड के फल किसान एल. हैंगथिंग का भी पद्मश्री की लिस्ट में नाम है।
SBI की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य और हाल ही में रिटायर हुए क्रिकेटर आर अश्विन को पद्म श्री दिया गया है।
100 साल की लिबिया, 96 की भीमव्वा को पद्मश्री
1. लिबिया सरदेसाई, स्वतंत्रता सेनानी: गोवा की आजादी में सरदेसाई की भूमिका
100 साल की स्वतंत्रता सेनानी लिबिया लोबो सरदेसाई ने पुर्तगाल से गोवा की स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाई। 1955 में पति वामन सरदेसाई के साथ मिलकर भूमिगत रेडियो स्टेशन ‘वोज दा लिबर्टाडे’ शुरू किया। जंगलों में छिपकर इसके जरिये स्वतंत्रता समर्थक संदेश प्रसारित किए थे।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ 100 साल की स्वतंत्रता सेनानी लिबिया लोबो।
2. चैतराम देवचंद पवार, आदिवासी पर्यावरणविद: 100 गांवों में 5 हजार पेड़ लगाए
धुले के चैतराम ने पर्यावरण संरक्षण व सामुदायिक प्रयासों के जरिए महाराष्ट्र व गुजरात के 100 से अधिक गांवों की सूरत बदली। 90 के दशक में संयुक्त वन प्रबंधन के जरिये 400 हेक्टेयर वन संरक्षण किया। 5 हजार से अधिक पेड़ लगाए। 8 लुप्तप्राय: प्रजातियों और 48 पक्षी प्रजातियों को आश्रय
साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चैतराम को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया था।
3. भीमव्वा डोड्डाबालप्पा, कला (कर्नाटक): कठपुतली से रामायण दिखाती हैं
96 साल की भीमव्वा कर्नाटक की परंपरागत छाया कठपुतली कला में माहिर हैं। चमड़े की इस कठपुतली कला को टोगलु गोंबेयाटा कहते हैं। वे 70 वर्षों से रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य कठपुतली के माध्यम से प्रदर्शित कर रही
भीमव्वा कर्नाटक की परंपरागत छाया कठपुतली कला में माहिर हैं।
अल सबाह ने गल्फ में योग को तो मैसेट ने ब्राजील में भारतीय दर्शन को फैलाया
शेख एजे अल सबा: कुवैत की योग प्रैक्टिशनर अल सबाह को योग मेडिसिन में पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया। इन्होंने अपने देश में पहला लाइसेंस प्राप्त योग स्टूडियो की स्थापना की। इसके जरिए अल सबा ने गल्फ देशों में आधुनिक विधियों से योग को बढ़ावा दिया। साथ ही शेम्स यूथ योगा डेवलप किया।
जोनास मैसेट: ब्राजील के मैकेनिकल इंजीनियर से हिंदू आध्यात्मिक गुरु बने जोनास ने भारतीय अध्यात्म, दर्शन और संस्कृति को बढ़ावा दिया। साथ ही उन्होंने वेदांत ज्ञान पर वैश्विक स्तर पर शिक्षा आसान बनाई। मैसेट ‘विश्वनाथ’ के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने 2014 में विश्व विद्या की स्थापना की। इसका कार्यालय रियो डी जनेरियो में है।
MP के 5 हस्तियों को पद्मश्री
हरचंदन सिंह भट्टी, भोपाल: भट्टी ने 1981 में भारत भवन से जुड़कर जनजातीय संग्रहालय की कल्पना की। वे 25 साल से लोकरंग महोत्सव के मंच डिजाइन कर रहे हैं।
जगदीश जोशीला, खरगोन: जोशीला ने निमाड़ी का शब्दकोश और व्याकरण तैयार किया। हिंदी में उन्होंने टंट्या मामा, अहिल्या बाई और आदि शंकराचार्य जैसे चर्चित उपन्यास लिखे हैं।
सैली होल्कर, महेश्वर: सैली ने रेहवा सोसाइटी, वीमेन वीव्स और हैंडलूम स्कूल जैसी संस्थाएं शुरू कीं। महेश्वरी बुनाई और महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहित भी करती हैं।
भेरूसिंह चौहान, महू: चौहान ने 9 साल की उम्र से लोकगायन (निर्गुण कबीर गायन) शुरू किया। अब तक 80 से अधिक सरकारी कार्यक्रमों में प्रस्तुति दे चुके हैं।
डॉ. बुधेंद्र कुमार जैन, सतना: डॉ. जैन सतना जिले के चित्रकूट के सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक हैं। वे जनरल मेडिसिन / इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं।
3 श्रेणियों में दिया जाता है पद्म पुरस्कार
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों- पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण में प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस, इंडस्ट्री, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं।
पिछले साल चिरंजीवी, वैजयंती माला को मिला था सम्मान
पिछले साल पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, साउथ फिल्म एक्टर चिरंजीवी, एक्ट्रेस वैजयंतीमाला, भरतनाट्यम नृत्यांगना पद्मा सुब्रह्मण्यम पद्म विभूषण प्राप्त करने वाली कुछ प्रमुख हस्तियां थीं। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला जज एम फातिमा बीबी को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
