शाह पर टिप्पणी मामला- राहुल पर केस नहीं चलेगा:सुप्रीम कोर्ट की रोक; नेता प्रतिपक्ष 2019 में बोले थे-BJP में हत्यारा अध्यक्ष बन सकता है
रांची4 घंटे पहले
2018 में भी राहुल गांधी ने कहा था कि भाजपा में कोई भी हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। – Dainik Bhaskar
2018 में भी राहुल गांधी ने कहा था कि भाजपा में कोई भी हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने झारखंड सरकार और भाजपा नेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
2019 के लोकसभा चुनावों से पहले झारखंड के चाईबासा में अपने एक भाषण के दौरान राहुल ने अमित शाह को हत्यारा बताया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता नवीन झा ने उन पर शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में मानहानि का केस किया था।
सुनवाई के दौरान राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कई न्यायिक फैसलों में कहा गया है कि केवल पीड़ित व्यक्ति ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत किसी तीसरे पक्ष की ओर से दायर की गई थी। मानहानि मामले में ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है।
सिंघवी ने पूछा-
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यदि आप पीड़ित व्यक्ति नहीं हैं, तो शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रॉक्सी कैसे ले सकते हैं?
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2018 में भी राहुल ने शाह को कहा था हत्यारा
2018 में भी चाईबासा में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में राहुल ने कहा था, ‘भाजपा में कोई भी हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। उस वक्त शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर थे। राहुल के इस बयान के बाद भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रताप कटियार ने चाईबासा के CJM कोर्ट में केस दर्ज कराया था।
रांची के MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था मामला
चाईबासा में दायर मामले को सुनवाई के लिए रांची के MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। बाद में चाईबासा में MP-MLA कोर्ट शुरू होने के बाद इसे फिर से चाईबासा ट्रांसफर कर दिया गया था। यहीं सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका को जस्टिस ऋषि कुमार ने खारिज करते हुए हाजिर होने का नोटिस दिया है।
2014 से 2022 तक राहुल पर दर्ज हुए मानहानि केस…
2014 में राहुल गांधी ने संघ पर महात्मा गांधी की हत्या का आरोप लगाया था। एक संघ कार्यकर्ता ने राहुल पर IPC की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज कराया था। ये केस महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में चल रहा है।
2016 में राहुल गांधी के खिलाफ असम के गुवाहाटी में धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा था कि 16वीं सदी के असम के वैष्णव मठ बरपेटा सतरा में संघ सदस्यों ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। इससे संघ की छवि को नुकसान पहुंचा है। ये मामला भी अभी कोर्ट में पेंडिंग है।
2018 में राहुल गांधी के खिलाफ झारखंड की राजधानी रांची में एक और केस दर्ज किया गया। ये केस रांची की सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चल रहा है। राहुल के खिलाफ IPC की धारा 499 और 500 के तहत 20 करोड़ रुपए मानहानि का केस दर्ज है। इसमें राहुल के उस बयान पर आपत्ति जताई गई है, जिसमें उन्होंने ‘मोदी चोर है’ कहा था।
2018 में ही राहुल गांधी पर महाराष्ट्र में एक और मानहानि का केस दर्ज हुआ। ये मामला मझगांव स्थित शिवड़ी कोर्ट में चल रहा है। IPC की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का केस दर्ज है। केस संघ के कार्यकर्ता ने दायर किया था। राहुल पर आरोप है कि उन्होंने गौरी लंकेश की हत्या को BJP और संघ की विचारधारा से जोड़ा।
2018 में एडीसी बैंक के चेयरमैन अजय पटेल ने अदालत में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। राहुल ने आरोप लगाया था कि 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में पांच दिनों में 745.58 करोड़ रुपए के पुराने नोट बदले गए थे। इस बैंक के निदेशकों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हैं।
2017 में बेंगलुरु में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में RSS को कथित तौर पर जोड़ने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ मुंबई में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों के बयान की भावना मानहानिकारक और लोगों की नजर में संघ की छवि खराब करने वाली है।
2018 में राफेल फाइटर जेट सौदे पर राहुल ने बीजेपी का मजाक उड़ाया गया था और ट्वीट करते हुए कैप्शन लिखा था- द सैड ट्रुथ अबाउट इंडिया कमांडर इन थीफ। इस मामले में राहुल के खिलाफ एक गुड़गांव की एक कोर्ट में मानहानि का केस किया गया।
2019 में जबलपुर में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हत्या का आरोप लगाया था। इसको लेकर राहुल के खिलाफ अहमदाबाद कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज करवाया गया।
2019 में झारखंड में राहुल ने कहा- कांग्रेस भाजपा की तरफ हत्यारे को पार्टी अध्यक्ष नहीं स्वीकारेगी। उनके इस बयान पर चाईबासा और रांची में मानहानि का केस किया गया।
2022 में राहुल ने कहा कि सावरकर ने आजादी से पहले अंग्रेजों से माफीनामे पर हस्ताक्षर किया। मामले में सावरकर के पोते विनायक सावरकर ने मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।
