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देशभर में मकर संक्रांति:महाकुंभ में अमृत स्नान; अहमदाबाद में पतंगबाजी; तमिलनाडु में पोंगल, घरों में रंगोली सजाई गई
नई दिल्ली/प्रयागराज/अहमदाबाद27 मिनट पहले
देश भर में आज मकर संक्रांति मनाई जा रही है। यूपी के प्रयागराज के महाकुंभ में आज पहला अमृत स्नान है। सुबह 10 बजे तक 1 करोड़ 38 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं।
वहीं राजस्थान में पतंगबाजी का उत्सव मनाया जा रहा है। जयपुर के परकोटा स्थित गोविंद देवजी मंदिर में आज पतंगों की झांकी सजाई गई है। भक्त दर्शन के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
गुजरात के अहमदाबाद में भी काइट फेस्टिवल मनाया जा रहा है। महोत्सव में भाग लेने के लिए देश के 11 राज्यों से 52 और 47 देशों से 143 पतंगबाज पहुंचे हैं।
तमिलनाडु में पोंगल के मौके पर घरों में रंगोली सजाई गई। चेन्नई एयरपोर्ट में लाइटिंग की गई। वहीं असम में लोग बिहू का त्योहार मना रहे हैं।
देशभर में मकर संक्रांति, पोंगल, बिहू उत्सव की
पीएम मोदी ने नई दिल्ली में लोहड़ी और मकर संक्रांति के उत्सव में भाग लिया।
प्रयागराज के कुंभ में मकर संक्रांति के मौके पर साधु-संतों ने संगम में अमृत स्नान
तमिलनाडु के त्रिची में महिलाओं ने घर को रंगोली से सजाया। इस दौरान रंगों से देवी मां की तस्वीर बनाई।
तमिलनाडु के थूथुकुडी में लोग पोंगल उत्सव मना रहे हैं। पोंगल त्योहार फसल के मौसम के आगमन का प्रतीक है।
असम के नगांव में लोगों ने पारंपरिक मेजी (अलाव) जलाया। असम में फसल के उत्सव का त्यौहार बिहू नाम से जाना जाता
गुजरात के अहमदाबाद में मकर संक्रांति पर लोग छत पर पतंग उड़ा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के गंगासागर में मकर संक्रांति के अवसर पर लोगों ने गंगा में डुबकी
मकर संक्रांति के मौके पर अमृतसर के गोल्डन टेंपल में श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
मकर संक्रांति से जुड़ी मान्यताएं
इस संक्रांति पर ठंड का समय रहता है, इसलिए इस दिन गर्म तासीर वाली तिल-गुड़ के लडडू खाने की परंपरा है और जरूरतमंद लोगों को तिल-गुड़ मिल सके, इसलिए संक्रांति पर दान करने की परंपरा है।
सूर्य से विटामिन डी मिलता है, जो हड्डियों और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। ठंड के दिनों में हम गर्म कपड़े पहनते हैं, इस वजह सूर्य की धूप सीधे शरीर तक नहीं पहुंच पाती है, जिससे हमें विटामिन डी नहीं मिल पाता है। संक्रांति पर पतंग उड़ाई जाती है, ताकि लोग कुछ समय सूर्य की सीधी धूप में रहें और स्वास्थ्य लाभ हासिल कर सके।
इस संक्रांति पर गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा जैसी पवित्र नदियों में स्नान और स्नान के बाद नदी के घाट पर दान-पुण्य करने की परंपरा है।
