राजस्थान सरकार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 रद्द नहीं करेगी। सरकार ने गुरुवार (9 जनवरी) को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर खंडपीठ) में जवाब पेश कर दिया है।
इस मामले जस्टिस समीर जैन की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अब इस भर्ती में किसी भी ट्रेनिंग-पोस्टिंग पर रोक लगा दी हैा है। आगे की सुनवाई के लिए 10 फरवरी 2025 की डेट दी गई है।
इससे पहले सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कोर्ट में जवाब पेश किया है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को पकड़ा है। डमी व नकल करने वाले करीब 40 ट्रेनी एसआई को हमने सस्पेंड भी किया। फिलहाल भर्ती रद्द नहीं कर सकते।
सरकार के जवाब पर कृषि मंत्री किरोड़ीलाल ने कहा कि इस बार में सरकार के मुखिया पूछो। क्योंकि कमेटी के निर्णय को नकारने का अधिकार तो केवल मुख्यमंत्री को ही है।
भजनलाल सरकार ने सत्ता संभालने के बाद बाद ही एसआई भर्ती परीक्षा की जांच एसओजी को दी थी। इसके बाद अप्रैल् 2024 से इस केस में गिरफ्तारियां शुरू हुईं थीं।
हाईकोर्ट ने पूछा क्यों रद्द नहीं कर रहे?
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया- कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आप भर्ती को रद्द क्यों नहीं कर रहे हैं? आप निर्णय क्यों नहीं ले रहे हैं? पब्लिक से जुड़ा मामला है। इसमें इतना भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर अब कोर्ट ही सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौररान कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को न्याय मित्र नियुक्त किया है। हाईकोर्ट ने किसी भी तरह की फील्ड पोस्टिंग और ट्रेनिंग पर रोक लगा दी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने 18 नवंबर को एसआई भर्ती परीक्षा-2021 में सिलेक्ट एसआई की पोस्टिंग पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी सरकार ने ट्रेनी एसआई को पोस्टिंग दे दी थी। हालांकि, पोस्टिंग के कुछ दिनों के भीतर ही 48 घंटे से अधिक एसओजी की गिरफ्त में रहे ट्रेनी एसआई को सस्पेंड कर दिया गया था।
गुरुवार को हाईकोर्ट में सरकार के जवाब के बाद किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि मैं तो शुरू से कहता आ रहा हूं कि भर्ती रद्द होनी चाहिए।
फर्जी तरीके से भर्ती आदमी कैसे लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करेगा- किरोड़ीलाल
किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि- सरकार ने जो कैबिनेट सब-कमेटी बनाई, उसने भी रिकमंड कर दिया था। उसे नकारने का अधिकार मुख्यमंत्री को है। उन्होंने नकार दिया। क्योंकि मामला कोर्ट में है इसलिए मैं ज्यादा नहीं बोल सकता हूं। सरकार के जो मुखिया है आप उनसे पूछो।
भर्ती रद्द करने को लेकर एसओजी ने कहा दिया, पुलिस मुखिया ने कह दिया, एडवोकेट जनरल ने कह दिया। अब राइडर किसका है, यह तो मुख्यमंत्री ही बता सकते हैं। जनभावना भी अधिकतर लोगों की यही है कि भर्ती रद्द होनी चाहिए। जो आदमी फर्जी भर्ती हुआ है, वह क्या लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करेगा।
क्या है मामला
सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। एसओजी की जांच में कई डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला भी सामने आया था। जांच में सामने आया है कि फर्जीवाड़ा करके कई अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली है। करीब 50 ट्रेनी एसआई को एसओजी अरेस्ट कर चुकी है, जिनमें से 25 को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
