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2 भगोड़े पूर्व सैनिक 19 साल बाद पुडुचेरी से गिरफ्तार:केरल में मां-जुड़वां बेटियों की हत्या करके भागे थे; पेटर्निटी टेस्ट नहीं करवाना चाहते थे

2 भगोड़े पूर्व सैनिक 19 साल बाद पुडुचेरी से गिरफ्तार:केरल में मां-जुड़वां बेटियों की हत्या करके भागे थे; पेटर्निटी टेस्ट नहीं करवाना चाहते थे
पुडुचेरी44 मिनट पहले

CBI ने दोनों आरोपियों को पुडुचेरी से गिरफ्तार किया और कोच्चि लेकर आई।
10 फरवरी 2006 को केरल के कोल्लम जिले में अंचल के पास येरम में एक अविवाहित महिला और उसकी 17 दिन की जुड़वां बेटियों की हत्या हुई थी। हत्या करने वाला अंचल का ही रहने वाला दिबिल कुमार बी था, जो 2006 में भारतीय सेना की 45 ए.डी. रेजिमेंट में था।

इस हत्या में उसकी रेजिमेंट के ही एक और साथी पी राजेश ने मदद की थी। हत्या के बाद दोनों आरोपी रेजिमेंट में वापस न जाकर भाग गए थे। मार्च 2006 में सेना ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था।

हत्या के 19 साल बाद खबर मिली कि कुमार और राजेश पुडुचेरी में पहचान बदलकर रह रहे हैं। सर्चिंग के बाद 3 जनवरी को चेन्नई CBI दोनों को गिरफ्तार करके कोच्चि ले आई।

पुडुचेरी में रहते हुए दोनों ने शादी कर ली थी। एर्नाकुलम चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 18 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

हत्या की वजह था पेटर्निटी टेस्ट

24 साल की रंजिनी अंचल में अपनी मां के साथ रहती थी। रंजिनी और दिबिल कुमार बी रिलेशनशिप में थे। 24 जनवरी 2006 को रंजिनी ने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। जिसके बाद कुमार, रंजिनी से दूरी बनाने लगा।

रंजिनी ने केरल राज्य महिला आयोग से कुमार की शिकायत की, जिसके बाद आयोग ने पेटर्निटी टेस्ट करवाने का आदेश दिया। इसी बात से नाराज कुमार ने रंजिनी और बेटियों की हत्या की साजिश की।

CBI के मुताबिक कुमार ने राजेश को रंजिनी के पास भेजा। राजेश ने रंजिनी के परिवार को भरोसा दिलाया कि वह दोनों की शादी करवाने में मदद करेगा। लेकिन उसने हत्या में कुमार का साथ दिया।

हत्या वाले दिन रंजिनी की मां जुड़वाँ बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र लेने पंचायत ऑफिस गईं थी।लौटने पर उसने घर में बेटी और नातिनों की लाशें देखीं। बाद में पुलिस को खबर दी।

पुडुचेरी में नाम बदलकर छिपे रहे, शादी भी की

केरल पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश की, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। दोनों पर 2-2 लाख का ईनाम भी रखा गया। 2010 में केरल हाईकोर्ट ने केस CBI को सौंप दिया, लेकिन एजेंसी भी उन्हें पकड़ने में नाकाम रही। अंचल से भागकर दोनों आरोपी पुडुचेरी पहुंचे। यहां उन्होंने अपना नाम-पहचान बदली। कुमार ने नया नाम विष्णु और राजेश ने प्रवीण रखा था। उन्होंने शादी की, संपत्ति भी खरीदी।

केरल पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया। आरोपियों की पहचान का पता लगाया और सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरों की तुलना की। एक तस्वीर में कुमार को एक शादी में शामिल होते हुए दिखा, जिसके बाद टीमें पुडुचेरी पहुंचीं और उन्हें अरेस्ट किया।

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