राम जन्मभूमि में बन रहे 18 मंदिरों की नई तस्वीरें:तुलसीदास मंदिर का शिखर पूजन हुआ; श्रद्धालुओं के लिए 2 लिफ्ट भी लग रहीं
अयोध्या12 मिनट
राम जन्मभूमि परिसर संत तुलसीदास का मंदिर का शिखर बनकर तैयार हो गया।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भव्य राम मंदिर का निर्माण चल रहा है। परिसर में राम दरबार समेत 18 मंदिर भी तैयार हो रहे हैं। इन मंदिरों के निर्माण में तेजी आई है।
मंदिर परिसर में श्रद्धालु सुविधा केन्द्र (PFC) भवन के निकट श्रीराम चरित मानस के रचयिता तुलसी दास का मंदिर बनाया जा रहा है। मंगलवार को इसके शिखर का पूजन किया गया।
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने मंगलवार को परिसर में बन रहे मंदिरों की तस्वीरें जारी की हैं। जिसमें रामायण कालीन महर्षियों और महापुरुषों के मंदिर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सभी मंदिरों की तस्वीरें तीन तरफ से ली गई हैं, जो देखने में अद्भुत लग रही हैं।
राम जन्मभूमि परिसर में संत तुलसी दास का मंदिर बनकर तैयार हो गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट लिफ्ट लगवा रहा
161 फीट ऊंचे तीन मंजिला राम मंदिर का निर्माण दिसंबर, 2025 तक पूरा करने की योजना है। ग्राउंड फ्लोर से लेकर दूसरे फ्लोर तक की कुल ऊंचाई 60 फीट से अधिक हो जाएगी। ऐसे में श्रद्धालुओं को भूतल से प्रथम और दूसरे तल पर जाने में कोई असुविधा न हो, राम मंदिर ट्रस्ट इसके लिए लिफ्ट भी लगवा रहा है।
मंदिर परिसर में यह महर्षि वाल्मीकि का मंदिर है, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। तीन तरफ से तस्वीर ली गई है।
श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि मंदिर के पश्चिम में दो लिफ्ट भी बन रही हैं।एक लिफ्ट 24 लोगों की क्षमता वाली होगी। उत्तर दिशा में छह लोगों की क्षमता वाली एक लिफ्ट का भी निर्माण किया जाना है। प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ यानी 22 जनवरी 2025 से पहले लिफ्ट का काम पूरा हो जाएगा।
भगवान राम के गुरु महर्षि विश्वामित्र का मंदिर राम जन्मभूमि परिसर में बनकर तैयार हो रहा है।
चार हजार श्रमिक निर्माण कार्य में लगे
ट्रस्ट ने कहा, सभी मंदिरों का निर्माण गुणवत्ता के साथ ही अच्छी गति से चल रहा है। अनुमान है कि निर्धारित समय सीमा में इन्हें तैयार कर लिया जाएगा। ट्रस्ट ने परिसर में बन रहे मंदिरों को समय से पूरा कराने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ा दी है। अब चार हजार मजदूर काम कर रहे हैं।
भगवान राम के कुल गुरु वरिष्ठ के मंदिर का निर्माण राम मंदिर परिसर में हो रहा है, मंदिर का निर्माण 50% से अधिक हो गया है।
महर्षि अगस्त के मंदिर का निर्माण तय समय में पूरा कर लिया जाएगा, मंदिर निर्माण में और गति आई है।
मंदिर परिसर में देवी अहिल्या का मंदिर बन रहा है, राम मंदिर की तर्ज पर इसे भी बंशीपहाड़पुर के पत्थरों से तैयार किया जा रहा है।
तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय ने कहा, सभी निर्माण कार्य दिसंबर 2025 से पहले पूरा होने की संभावना नहीं है। 2025 के अंत तक परिसर में राम दरबार व 18 मंदिर बनकर तैयार हो जाएंगे। मजदूरों की संख्या बढ़ा दी गई है। निर्माण तेजी से चल रहा है।
निषादराज का मंदिर बनकर तैयार हो रहा है, मंदिर में भगवान राम के साथ निषाद राज की तस्वीर को भी उकेरा जाएगा।
राम मंदिर के चारों ओर दक्षिण- पश्चिम कोने पर भगवान सूर्य, पश्चिम- उत्तर में भगवती, उत्तर- पूर्व भगवान शंकर, उत्तर -पश्चिम में गणपति मंदिर, दक्षिण भुजा के बीच हनुमान जी और उत्तरी भुजा के बीच में माता अन्नपूर्णा का मंदिर शामिल हैं।
राम मंदिर परिसर में माता शबरी का मंदिर भी बन रहा है, जिसका निर्माण अंतिम चरण में है।
इसी तरह से शेषावतार के रूप में लक्ष्मण मंदिर, महर्षि विश्वामित्र व महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि अगस्त को समर्पित एक मंदिर स्थापित होंगे। इसके अलावा माता शबरी, माता अहिल्या और निषाद राज के अतिरिक्त गोस्वामी तुलसी दास जी के मंदिर भी शामिल हैं।
