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राहुल बोले– यूपी में संविधान नहीं मनु स्मृति लागू:अडाणी, अग्निवीर, पेपर लीक द्रोणाचार्य की तरह युवाओं का अंगूठा काट रहे

लोकसभा में संविधान पर चर्चा का शनिवार को दूसरा दिन है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने संविधान और मनुस्मृति की कॉपी लहराई। राहुल ने कहा- देश मनुस्मृति से नहीं चलेगा। हजार साल पहले जिस तरह एकलव्य का अंगूठा काटा गया। उसी तरह आज देश में केंद्र सरकार युवाओं और गरीबों का अंगूठा काट रही है।

शनिवार को चर्चा की शुरुआत किरेन रिजिजू ने की। रिजिजू ने कहा- कांग्रेस के शासनकाल में एक रक्षा मंत्री ने बयान दिया था कि यूपीए सरकार बॉर्डर पर सड़क इसलिए नहीं बनाती ताकि चीन उसी रास्ते हमारे देश के अंदर न आ जाए। उनका ये बयान रिकॉर्ड में भी है।

उधर DMK सांसद ए राजा की स्पीच पर विवाद हो गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि ए राजा ने हमारी सरकार को गुंडा कहा है। ये असंसदीय शब्द है। इसके बाद सत्ता पक्ष के सासंदों ने खड़े होकर आपत्ति जताई। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि, ए राजा को माफी मांगनी चाहिए। इसके बाद विवादित शब्द को संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया।

संविधान चर्चा पर आज दोपहर राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी शाम को अपनी बात रखेंगे। 13 दिसंबर को पहले दिन चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। उन्होंने 1 घंटे 10 मिनट तक अपनी बात रखी। उनके बाद विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी ने 31 मिनट में उनके हर एक बयान का जवाब दिया। प्रियंका की यह लोकसभा में बतौर सांसद पहली स्पीच थी।

लाइव अपडेट्स
2 मिनट पहले

राहुल ने कहा- हमारी जो विचारधारा है, इंडिया गठबंधन की विचारधारा है, वो देश में संविधान लाई है। हम मिलकर संविधान की रक्षा करते हैं। आज यह बात सबके सामने है कि राजनीतिक समानता खत्म हो गई है। सारे संस्थानों पर कब्जा कर लिया गया है। सोशल-फाइनेंशियल इक्वालिटी नहीं रह गई है। हम देश को दिखाना चाहते हैं कि किन लोगों का और कहां-कहां अंगूठा काटा है। हम दलितों, आदिवासियों, किसानों को यह दिखाना चाहते हैं कि आपने किसका अंगूठा काटा है। मैंने वादा किया था, इसी संसद में हम जातिगत जनगणना को लागू करेंगे। 50 फीसदी रिजर्वेशन की दीवार को हम तोड़ेंगे। आपको जो कहना है कह लो।

5 मिनट पहले

राहुल बोले- यूपी में रेप करने वाले बाहर घूम रहे, पीड़ित घर में बंद

राहुल गांधी ने कहा- मैं कुछ दिन पहले हाथरस गया। वहां 4 साल पहले एक लड़की का बलात्कार होता है। गैंगरेप होता है। तीन-चार लोग ये काम करते हैं। मैं दो-तीन दिन पहले उस लड़की के परिवार के घर में गया। जिन्होंने गैंगरेप किया। वो बाहर घूम रहे हैं। लड़की का परिवार अपने घर में बंद है। बाहर नहीं जा सकता है। अपराधी उनको रोज धमकाते हैं और बाहर घूमते हैं। परिवार ने मुझे बताया कि बेटी का जो अंतिम संस्कार था वो भी नहीं करने दिया। चीफ मिनिस्टर ने खुलकर मीडिया में झूठ बोला।

संविधान में ये कहां लिखा है कि अपराध करने वाले बाहर रहें, जिसका रेप हुआ है उस परिवार को बंद कर दिया जाए। ये मनुस्मृति में लिखा हुआ है, आपकी किताब में लिखा है। यूपी में आप कहते हो कि आपका राज है, आपका राज है तो वहां मनु स्मृति लागू हो रही है। यूपी सरकार ने उन्हें वादा किया था कि हम आपका रीलोकेशन करेंगे, आपको कहीं और रहने की जमीन देंगे। 4 साल हो गए हैं, उनका रीलोकेशन नहीं किया गया है। उन्होंने फोटो दिखाई कि बाहर निकलने पर बलात्कार करने वाले धमकाते हैं। अगर आप नहीं करोगे तो उनका रीलोकेशन हम करेंगे।

9 मिनट पहले

राहुल बोले- जैसे एकलव्य का अंगूठा कटा, सरकार देश के युवाओं का अंगूठा काट रही
अभय मुद्रा में कॉन्फिडेंस अंगूठे की वजह से आता है। ये लोग इसके खिलाफ है। जैसे द्रोण ने एकलव्य का अंगूठा काटा आप देश का अंगूठा काटने में लगे हो। जब आप अडाणीजी को धारावी देते हो तो आप धारावी के उद्योगपतियों, छोटे कारोबारियों का अंगूठा काटते हो। पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, डिफेंस इंडस्ट्री अडाणीजी को देते हो, सारे ईमानदारी से काम करने वाले व्यापारियों का अंगूठा काटते हो। संविधान में लेटरल एंट्री करके युवाओं, पिछड़ों और गरीबों का अंगूठा काटते हो।

जैसे एकलव्य ने प्रैक्टिस की थी, वैसे ही हिंदुस्तान के युवा सुबह 4 बजे उठकर एग्जाम्स की तैयारी करते हैं। पहले हजारों युवा सुबह उठकर रनिंग करते थे, आर्मी में जाने की ट्रेनिंग करते थे। पेपरलीक, अग्निवीर से आप उन युवाओं का अंगूठा काटते हो। दिल्ली के बाहर आपने किसानों पर लाठीचार्ज किया, आंसूगैस छोड़ी। आप अडाणी-अंबानी को फायदा पहुंचाते हो और किसान का अंगूठा काटने का काम करते हो। हम कहते हैं डरो मत, आप कहते हो कि आपका अंगूठआ काट देंगे। संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि मनमानी होनी चाहिए, पेपर लीक हो, अग्निवीर हो। ये सब नहीं लिखा है संविधान में कि हिंदुस्तान के युवाओं का अंगूठा काटकर उनका हुनर छीन लिया जाए।

14 मिनट पहले

राहुल बोले- जैसे एकलव्य का अंगूठा कटा, आप गरीबों के साथ वही कर रहे हो
राहुल गांधी ने कहा- एकलव्य चला गया और उसने फिर से तपस्या शुरू की। कुछ साल बाद द्रोण और पांडव उसी जंगल से निकले। एक कुत्ता भौंक रहा था, कहानी आपने सुनी है, सुना देता हूं। अचानक कुत्ते की आवाज शांत हो गई। द्रोणाचार्य और पांडव गए और उन्होंने देखा कि तीरों के जाल में कुत्ता फंसा हुआ था। मुंह में तीर था, शांत था कुत्ता मगर कुत्ते को चोट नहीं लगी। एकलव्य ने अहिंसा के साथ कुत्ते को शांत किया था। द्रोण ने पूछा किसने सिखाया। उसने जवाब दिया कि मैंने तपस्या की है। आफने मुझे गुरु बनने से मना किया था तो मैंने आपकी मिट्टी की मूर्ति सामने रखी और प्रैक्टिस करके सीखा। द्रोण खुश नहीं हुए। उन्होंने कहा- तुम्हें मुझे गुरु दक्षिणा देनी है। मुझे तुम्हारा हुनर, भविष्य , तुम्हारा अंगूठा चाहिए। एकलव्य ने अंगूठा काटकर दे दिया।

18 मिनट पहले

राहुल ने संसद में एकलव्य-द्रोणाचार्य की कहानी सुनाई
जब मैं छोटा था, दिल्ली के चारों ओर जंगल हुआ करता था। जो आज यहां रहते हैं, उन्हें ताज्जुब होगा कि एम्स के बिलकुल बगल से जंगल शुरू होता था। वैसे ही जंगल में हजारों साल पहले 6-7 साल का बच्चा 4 बजे उठकर तपस्या करता था। सुबह वो धनुष उठाकर चलाता था। घंटों और सालों उसने तपस्या की। आस-पास लोगों को पता चलने लगा कि लड़का है। वो लड़का एकलव्य था, वो अपने गुरू के पास गया। उसने कहा कि गुरु द्रोणाचार्य जी मैं सालों से धनुष चलाना सीख रहा हूं। मैंने अपनी शक्ति इसमें डाली है। आप मेरे गुरु बनिए। द्रोणाचार्य जी ने एकलव्य को कहा कि आप ऊंची जाति के नहीं हो। आप ऊंची जाति के नहीं हो। मैं आपका गुरु नहीं बनूंगा, आप यहां से चले जाइए।

23 मिनट पहले

राहुल बोले- संघ कहता है कि संविधान में भारतीयों के लिए कुछ नहीं
भारत के संविधान के बारे में सबसे बुरी बात यह है कि इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है। यह आपके नेता ने कहा था। जिसकी आप पूजा करते हैं। ये सावरकर के शब्द हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि आप अपने नेताओं के शब्दों के साथ खड़े होते हैं। जब आप संविधान पर संसद में बात करते हैं तो आप सावरकर को निराश करते हैं।

27 मिनट पहले

राहुल बोले- संविधान हमारे देश की धारणा का एक दस्तावेज
मेरे पिछले कुछ भाषणों में मैंने अभय मुद्रा पर बात की है। निर्भयता की बात की है। लोग संविधान को दुनिया में सबसे लंबा लिखित दस्तावेज कहते हैं। यह हमारे देश की धारणा का एक दस्तावेज है। जब हम संविधान को खोलते हैं, तब हम अंबेडकर, गांधी, नेहरू के विचारों को सुनते हैं। यह विचार आते कहां से हैं। ये हमारी पुरातन संस्कृति और सभ्यता से आते हैं। ये शिव, गुरुनानक, बुद्ध, कबीर से आते हैं।

51 मिनट पहले

कांग्रेस सांसद बोले- वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करेंगे

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