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पंजाब के पूर्व CM का हत्यारा जेल से बाहर आया:भाई के भोग में शामिल हुआ राजोआना; 2 हफ्ते में होगा दया याचिका पर फैसला

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पंजाब के पूर्व CM का हत्यारा जेल से बाहर आया:भाई के भोग में शामिल हुआ राजोआना; 2 हफ्ते में होगा दया याचिका पर फैसला

लुधियाना6 मिनट पहले
लुधियाना के राजोआना कलां गांव स्थित मंजी साहिब गुरुद्वारे में भाई के भोग कार्यक्रम में पहुंचा बलवंत सिंह राजोआना। – Dainik Bhaskar
लुधियाना के राजोआना कलां गांव स्थित मंजी साहिब गुरुद्वारे में भाई के भोग कार्यक्रम में पहुंचा बलवंत सिंह राजोआना।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारा बलवंत सिंह राजोआना बुधवार (20 नवंबर) को जेल से बाहर आ गया। वह लुधियाना के राजोआना कलां गांव में मंजी साहिब गुरुद्वारे में अपने भाई के भोग कार्यक्रम में शामिल हुआ। पटियाला जेल से उसे कड़ी सुरक्षा में लुधियाना लाया गया है।

कुलवंत सिंह की 14 नवंबर को मौत हो गई थी। बलवंत सिंह राजोआना ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से भोग में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी थी। कोर्ट ने एक दिन पहले मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए उसकी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक की पैरोल मंजूर की।

ये दूसरा मौका है, जब राजोआना जेल से बाहर है। इससे पहले जनवरी 2022 में हाईकोर्ट ने उसे पिता की मौत के बाद भोग और अंतिम अरदास में शामिल होने की इजाजत दी थी।

राजोआना की जेल से बाहर आने की तस्वीरें

राजोआना कलां गांव में पहुंचने पर बलवंत सिंह राजोआना ने पुलिस वैन से निकलते ही लोगों को हाथ जोड़कर नमस्कार किया।
राजोआना कलां गांव में पहुंचने पर बलवंत सिंह राजोआना ने पुलिस वैन से निकलते ही लोगों को हाथ जोड़कर नमस्कार किया।
राजोआना कलां गांव पहुंचा बलवंत सिंह राजोआना का काफिला।
राजोआना कलां गांव पहुंचा बलवंत सिंह राजोआना का काफिला।
लुधियाना के राजोआना कलां गांव में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
लुधियाना के राजोआना कलां गांव में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
पटियाला जेल से लुधियाना के लिए निकला बलवंत सिंह राजोआना का काफिला।
पटियाला जेल से लुधियाना के लिए निकला बलवंत सिंह राजोआना का काफिला।
दया याचिका 12 साल से पेंडिंग

राजोआना की दया याचिका पिछले 12 वर्षों से पेंडिंग है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अदालत ने हाल ही में कहा कि इस मामले का निर्णय लेना कार्यपालिका का अधिकार है, और इसमें न्यायपालिका हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

बलवंत सिंह के वकीलों ने उनकी सजा को उम्रकैद में बदलने के लिए अपील की है। उनका कहना है कि इतने लंबे समय तक मौत की सजा का इंतजार करना मानसिक यातना के समान है। उनकी पैरोल भी इसी संदर्भ में भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति के पास सुप्रीम कोर्ट ने भेजा मामला

2 दिन पहले ही बलवंत सिंह राजोआना की दया याचिका सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के पास भेजी है। कोर्ट ने राष्ट्रपति के सचिव को आदेश दिया है कि इसे राष्ट्रपति के सामने रखें। साथ ही उनसे अनुरोध करें कि 2 हफ्ते में इस पर फैसला ले लें।

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