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दूल्हा घोड़ी नहीं चढ़ेगा, ढोल भी नहीं बजेगा:इंदौर में वीगन शादी, दावत में दूध-दही, पनीर के आयटम नहीं; मैन्यू में स्पेशल कढ़ी, परवल की मिठाई

दूल्हा घोड़ी नहीं चढ़ेगा, ढोल भी नहीं बजेगा:इंदौर में वीगन शादी, दावत में दूध-दही, पनीर के आयटम नहीं; मैन्यू में स्पेशल कढ़ी, परवल की मिठाई

संतोष शितोले। इंदौर6 मिनट पहले
इंदौर का शाह परिवार 18 नवंबर को होने वाली वीगन शादी की तैयारियों में जुटा है। – Dainik Bhaskar
इंदौर का शाह परिवार 18 नवंबर को होने वाली वीगन शादी की तैयारियों में जुटा है।
इंदौर का शाह परिवार दूसरी बार वीगन शादी करने जा रहा है। 18 नवंबर को रिटायर्ड बैंककर्मी गिरीश शाह की छोटी बेटी क्षमा की शादी है। इसमें मेहमानों को डेयरी प्रोडक्ट्स से बनी डिश नहीं परोसी जाएंगी, जो भी डिश बनेगी वह वीगन रहेगी।

इस वीगन शादी में न तो ढोल बजेगा, न ही दूल्हा घोड़ी चढ़कर अपनी दुल्हनिया को लेने जाएगा बल्कि गाड़ी का इस्तेमाल करेगा। परिवार ने शादी का निमंत्रण कार्ड भी नहीं छपवाया है। मेहमानों को डिजिटल निमंत्रण दिया है।

शाह परिवार ने शादी में आने वाले मेहमानों से अपील की है कि वे लेदर का बेल्ट पहनकर न आए। ऊन या सिल्क की बजाय कॉटन के कपड़े पहनकर आने की अपील की गई है। प्रदेश में जैन समाज की ये चौथी वीगन शादी होगी। इससे पहले तीन शादियां हो चुकी हैं। कैसी होनी वाली है ये वीगन शादी…पढ़िए रिपोर्ट…

जानिए, शाह फैमिली कैसे बनी वीगन
गिरीश शाह बताते हैं- हम लोग जैन समुदाय से आते हैं तो हमें लगता था कि हम शाकाहार का पालन कर रहे हैं। घर में दूध, दही, मावा समेत सारे डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते थे। बैंक से रिटायर होने के बाद मैं एनिमल एक्टिविस्ट बन गया। पशु क्रूरता के खिलाफ ऑनलाइन कैंपेन चलाता था।

इस दौरान एक व्यक्ति ने मुझ पर तंज कसा कि आप कैसे शाकाहारी हो? क्या दूध पेड़ से उगता है? यह सुनकर मैं सोच में पड़ गया।

इसके बाद मैंने गूगल पर सर्च किया। रिसर्च के दौरान मुझे वीगन शब्द के बारे में पता चला। इसी दौरान मैंने क्रुएलिटी इन डेयरी इंडस्ट्री से जुड़ा एक वीडियो देखा। इस वीडियो के जरिए मुझे पता चला कि जानवरों पर कितना अत्याचार होता है। इसकी शुरुआत ही डेयरी से होती है। इस वीडियो ने मुझे बेचैन कर दिया। इसके बाद मैंने डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल तुरंत ही बंद कर दिया।

एनिमल प्रोडक्ट का इस्तेमाल दूसरे के बच्चों का दूध छीनने जैसा
भास्कर के इस सवाल पर कि अरबों लोग दूध पीते हैं तो क्या वे गलत हैं? शाह बोले- प्राकृतिक रूप से किसी भी स्तनधारी जीव में दूध तब बनता है, जब वह बच्चे को जन्म देता है। मनुष्य हो या पशु, सभी पर ये बात समान रूप से लागू होती है।

मनुष्य अपनी मां का दूध पीने के बाद दूसरी मां (गाय, भैंस आदि) का दूध पीता है। इंसान का बच्चा दांत आने के बाद भी बुढ़ापे तक दूध पीता है जबकि दूसरे स्तनधारी प्राणियों के बच्चे जैसे गाय या हाथी का बच्चा दांत आने के बाद खाने लगता है। वह उम्र भर दूध नहीं पीते।

ऐसे में किसी अन्य मवेशी का दूध पीना न तो नैतिक दृष्टि से सही है और न ही प्राकृतिक रूप से। एक तरह से मनुष्य, मवेशी के बच्चों को दूध से वंचित कर खुद के लिए उसका इस्तेमाल कर रहा है।

वे कहते हैं कि वीगन बने मुझे इतने साल हो गए लेकिन मेरे मन और शरीर पर इसका विपरीत असर नहीं है। मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं।

अब जानिए, शाह परिवार की शादी का मैन्यू
गिरीश शाह कहते हैं कि शादी में हम मेहमानों को वीगन डिश परोसेंगे। हमारा फंडा ये है कि वीगन के विकल्प के रूप में जो चीजें आसानी से उपलब्ध है, उन्हीं का इस्तेमाल कर डिश बनाई जाए। शाह परिवार की शादी में आने वाले मेहमानों को चाय, दूध, दही, पनीर, गुलाब जामुन, दाल-बाफले, लड्डू, कढ़ी, कुल्फी, चटपटी चाट सब परोसे जाएंगे।

ये सभी दूध रहित होंगे यानी वीगन आइटम से बनाए जाएंगे। नॉर्मल घी की बजाय वीगन घी का इस्तेमाल होगा। मावे की कोई मिठाई नहीं होगी। उसकी बजाय काजू से बनने वाली काजू कतली रहेगी। मिठाई बनाने में वीगन घी का ही इस्तेमाल किया जाएगा। पनीर की सब्जी बनाने के लिए टोफू यानी सोया पनीर का इस्तेमाल होगा।

इंदौर के केटरर्स की टीम दूसरी बार बनाएगी वीगन डिशेज
वीगन डिशेज इंदौर के केटरर धर्मा गुरु और उनकी टीम बनाएगी। शाह ने बताया- 2022 में बड़ी बेटी की शादी के दौरान किसी परिचित के जरिए मुझे धर्मा गुरु का पता चला। उन्होंने हमें वीगन डिश खिलाई तो बहुत अच्छा लगा। फिर बड़ी बेटी शादी के केटरिंग का ठेका उन्हें ही दिया गया। इस बार भी वे ही बनाएंगे।

मेहमानों से किया आग्रह- कॉटन के कपड़े पहनकर आएं
परिवार ने मेहमानों से अपील की है कि शादी में लेदर का उपयोग भी नहीं होगा। आप भी सहयोग करें। अगर आप सिल्क, ऊन, लेदर वाले आइटम शादी वाले दिन उपयोग नहीं करेंगे तो शादी सार्थक होगी।

इस पर अधिकांश मेहमानों ने समर्थन दिया है। शादी में घोड़ा, पटाखे और प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा। घोड़े के स्थान पर कार का उपयोग किया जाएगा।

शाह परिवार वीगन फूड आइटम्स का ही इस्तेमाल करता है।
शाह परिवार वीगन फूड आइटम्स का ही इस्तेमाल करता है।
दुल्हन बोली- स्वाद के लिए पशु क्रूरता बर्दाश्त नहीं
18 नवंबर को दुल्हन बनने जा रही क्षमा शाह टीसीएस कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। होने वाले पति आयेश वकील हैं। क्षमा ने कहा- मुझे खुशी है कि हम लोग इस अभियान से जुड़ पाए। दस साल पहले पापा के बाद मम्मी, मैंने और बहन, सभी ने दो-तीन महीने में ही वीगन को अपना लिया था।

शाकाहारी से वीगन बनने में कोई चैलेंज सामने आया? इस सवाल के जवाब में क्षमा कहती है- कोई खास चैलेंज नहीं रहे क्योंकि इनके विकल्प हैं। पशु क्रूरता को लेकर इन्हें बचाना हमारी जिम्मेदारी भी है।

वीगन बनने में पति का रहा पूरा सपोर्ट
गिरीश शाह की पत्नी और प्रोफेसर डॉ. राजश्री कहती हैं- वीगन बनने के बाद चाय और दही के विकल्प को लेकर मैं कन्फ्यूज थी। इसके बाद मैंने रिसर्च की। मुझे पति का काफी सहयोग मिला। वे मुझे वीगन से संबंधित वीडियो भेजते थे। इन वीडियो को देखकर मैंने दूध, दही और मावे के विकल्प की तलाश की।

वे कहती हैं- सभी को लगता है कि बिना दूध के चाय कैसे बनती है तो मैं बादाम के अलावा मूंगफली और ओट्स से दूध बनाती हूं। सोया मिल्क का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

जो लोग घर आते हैं, मैं उन्हें इस दूध से बनी चाय जरूर पिलाती हूं। वे अंतर ही नहीं कर पाते कि ये चाय दूध की नहीं है। इसके अलावा इस दूध का दही बनाने के लिए अमचूर, नींबू या मिर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं। वह कहती हैं कि सबसे अच्छा दही मूंगफली के दूध का होता है।

बड़ी बेटी बोली- पति का सपोर्ट मिलता है
शाह परिवार की बड़ी बेटी लब्धि भी 10 साल से वीगन डाइट फॉलो करती हैं। 2022 में हुई लब्धि की शादी में भी वीगन मेन्यू ही रखा था। उन्होंने बताया- मुझे पति सजल वासल और ससुराल पक्ष का वीगन के लिए पूरा सहयोग मिलता है। पति भी 90% वीगन डाइट फालो करते हैं।

सजल का कहना है कि वीगन फूड अपनाने के बाद कई नई चीजें देखने, खाने और समझने को मिली।

एक्टिवा और हेलमेट पर वीगन की अपील, रिटर्न गिफ्ट भी जूट का
गिरीश शाह ने बताया कि वीगनिज्म की शुरुआत ब्रिटेन में 1944 में हुई थी। ब्रिटेन के समाजवादी चिंतक डोनाल्ड वाट्सन ने भारत में प्रचलित अहिंसा से प्रभावित होकर वेजिटेरियन से वीगन शब्द लिया। इसके बाद 1 नवंबर को हर साल वर्ल्ड वीगन डे मनाया जाता है।

शाह कहते हैं- हमारा पूरा परिवार Go Vegan अभियान से जुड़ा है। गिरीश शाह जिस स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं, उस पर उन्होंने वीगन अपनाने के स्लोगन लिखवाए हैं। इसके जरिए वे लोगों को वीगन अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे ही हेलमेट पर भी कई स्लोगन लिखे हैं।

लोगों को प्रेरित करने के लिए वे 11 राज्यों के 40 से ज्यादा शहरों की यात्रा कर चुके हैं। शाह, बेटी की शादी में मेहमानों को जूट के थैले का रिटर्न गिफ्ट देंगे। इस पर ‘Go Vegan’ लिखकर वीगन अपनाने की अपील की गई है। परिवार का एक ही संदेश है कि फल, सब्जी, अनाज और उनसे बनने वाली खाद्य सामग्रियों का उपयोग करें और पूरी तरह वीगन बनें।

गिरीश शाह ने अपने स्कूटर पर वीगन अपनाने के लिए कई स्लोगन लिखे हैं।

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