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प्रयागराज में छात्र बेकाबू, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस बैकफुट पर:जबरन हटाने पर भड़के 10 हजार स्टूडेंट्स; DM-कमिश्नर UPPSC ऑफिस पहुंचे

प्रयागराज में लोक सेवा आयोग कार्यालय (UPPSC) के सामने छात्रों के प्रदर्शन का आज चौथा दिन है। गुरुवार सुबह प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिसकर्मियों में झड़प हो गई। पुलिसकर्मी सादी वर्दी में धरना दे रहे छात्रों को जबरन उठाने पहुंचे थे। पुलिस को देखते ही छात्र-एक दूसरे पर लेट गए। छात्रों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ बदसलूकी की। गालियां भी दीं।

पुलिस की इस हरकत से छात्र भड़क गए। करीब एक घंटे के अंदर 10 हजार से ज्यादा छात्र आयोग के नजदीक पहुंच गए। पुलिस ने बैरिकेडिंग करके आयोग के रास्ते को सील कर दिया था।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। छात्र आयोग के गेट तक पहुंच गए। अब पुलिस बैकफुट पर है। पुलिस ने आयोग की बिल्डिंग को चारों तरह से घेरकर सुरक्षित किया है।

पुलिसकर्मी उठाने पहुंचे तो छात्र एक दूसरे पर लेट गए।
पुलिसकर्मी उठाने पहुंचे तो छात्र एक दूसरे पर लेट गए।
करीब 5 हजार से ज्यादा छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस उनको रोक नहीं पाई।
करीब 5 हजार से ज्यादा छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस उनको रोक नहीं पाई।
इधर, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- अफसर छात्रों के साथ बातचीत करें और समस्या का हल निकालें। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना भी साधा। कहा- सूप बोले तो बोले, चलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद हैं। अखिलेश राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों की भावनाओं का राजनीतिकरण कर रहे हैं। इस रुख के साथ सपा का समाप्तवादी पार्टी बनना तय है।

इससे पहले, बुधवार रात को भी प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ तीसरी बार डीएम ने बातचीत की, लेकिन इस दौरान कोई हल नहीं निकला। बता दें, पीसीएस प्री और RO/ARO के अभ्यर्थी की मांग है कि आयोग नॉर्मलाइजेशन की प्रकिया को कैंसिल करे और दो-दो दिन की बजाए, दोनों एग्जाम को एक ही दिन में कराया जाए।

छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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