Headlines

उद्धव के हेलिकॉप्टर की 2 बार तलाशी:बोले- मोदी का बैग चेक करो, वहां पूंछ मत झुकाना; EC बोला- शाह-नड्‌डा की भी जांच हुई थी

उद्धव के हेलिकॉप्टर की 2 बार तलाशी:बोले- मोदी का बैग चेक करो, वहां पूंछ मत झुकाना; EC बोला- शाह-नड्‌डा की भी जांच हुई थी

मुंबई51 मिनट पहले
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने 11 नवंबर को यवतमाल और 12 नवंबर को उस्मानाबाद में उद्धव ठाकरे का बैग चेक किया। – Dainik Bhaskar
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने 11 नवंबर को यवतमाल और 12 नवंबर को उस्मानाबाद में उद्धव ठाकरे का बैग चेक किया।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के हेलिकॉप्टर की 24 घंटे में दूसरी बार चेकिंग हुई। उद्धव मंगलवार को उस्मानाबाद में औसा सीट पर प्रचार करने आए थे। इस दौरान चुनाव आयोग के कर्मचारियों ने उनके हेलिकॉप्टर की चेकिंग की। इससे पहले 11 नवंबर को यवतमाल के वनी एयरपोर्ट पर उनके बैग की जांच की गई थी।

चुनाव आयोग की कार्रवाई पर उद्धव ठाकरे नाराज हो गए। उन्होंने मंगलवार को कहा- ‘पिछली बार जब पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली गई थी, तब ओडिशा में एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था। आपने मेरे बैग की जांच की, कोई बात नहीं, लेकिन मोदी और शाह के बैग की भी जांच होनी चाहिए।’

उद्धव ने अधिकारियों के बैग चेक करने का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने कहा- ‘ मेरा बैग चेक कर लीजिए। चाहे तो मेरा यूरिन पॉट भी चेक कर लीजिए, लेकिन अब मुझे मोदी के बैग चेक करते हुए भी आप लोगों का वीडियो चाहिए। वहां आप अपनी पूंछ मत झुका देना। यह वीडियो मैं रिलीज कर रहा हूं।’

उद्धव के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा- ‘2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान सत्ताधारी दल के प्रमुख नेताओं के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली गई थी। 24 अप्रैल, 2024 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के हेलिकॉप्टर की तलाशी बिहार के भागलपुर जिले में और 21 अप्रैल, 2024 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हेलिकॉप्टर की तलाशी बिहार के कटिहार जिले में हुई थी।’

उद्धव ठाकरे और जांच अधिकारी के बीच बातचीत

उद्धव: क्या नाम है आपका?
अधिकारी: मेरा नाम अमोल है।
उद्धव ठाकरे: कहां के रहने वाले हैं?
अधिकारी: अमरावती का रहने वाला हूं।
उद्धव: अमरावती का ठीक है..लेकिन अब तक किन-किन लोगों का अपने बैग चेक किया है? मुझ से पहले किन नेताओं का बैग चेक किया?
अधिकारी: इससे पहले किसी का नहीं किया, मुझे 4 महीने ही हुए हैं।
उद्धव: 4 महीने में आपने एक भी बैग चेक नहीं किया। मैं ही पहला कस्टमर आपको मिला?
अधिकारी: नहीं साहब…ऐसी कोई बात नहीं है।
उद्धव: नहीं आप मेरा बैग चेक करिए, मैं आपको रोकूंगा नहीं। आप मेरा बैग चेक करते हुए बताओ कि क्या आपने अब तक मिंधे (एकनाथ शिंदे) का बैग चेक किया? क्या देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, मोदी, अमित शाह का बैग चेक किया?
अधिकारी: अब तक मौका नहीं मिला।
उद्धव: जब मोदी आएंगे तो उनका बैग चेक करते हुए वीडियो आप मुझे भेजिए। वहां आप अपनी पूंछ मत झुका देना। मेरा यूरिन पॉट भी चेक करिए। फ्यूल की टंकी चेक करना चाहेंगे?
अधिकारी: नहीं साहब।
चुनाव आयोग के अधिकारी अमोल ने उद्धव का सामान चेक किया। इस दौरान उद्धव ने उनसे कई सवाल किए।
चुनाव आयोग के अधिकारी अमोल ने उद्धव का सामान चेक किया। इस दौरान उद्धव ने उनसे कई सवाल किए।
बैग चेक होने पर AAP सांसद बोले- जनता जरूर बदला लेगी
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा- महाराष्ट्र के अंदर किसी की हिम्मत नहीं होती थी कि बाला साहेब ठाकरे की पार्टी के साथ कोई दुर्व्यवहार कर सके, आज उस पार्टी के अगुआ उद्धव ठाकरे के साथ जिस तरह की बदसलूकी की गई, इसका सबक महाराष्ट्र की जनता सिखाएगी।

संजय सिंह ने कहा- क्या उद्धव ठाकरे को चुनाव प्रचार करने की इजाजत नहीं है? क्या वो अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार नहीं कर सकते? अमित शाह का हेलिकॉप्टर कभी चेक हुआ क्या? नरेंद्र मोदी का हेलिकॉप्टर कभी चेक हुआ क्या? आप विपक्षियों को दबाना चाहते हैं।

महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण पर एक नजर…

लोकसभा चुनाव में भाजपा 23 से 9 सीटों पर सिमटी
लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में से INDIA गठबंधन को 30 और NDA को 17 सीटें मिलीं।। इनमें भाजपा को 9, शिवसेना को 7 और NCP को सिर्फ 1 सीट मिली थी। भाजपा को 23 सीटों का नुकसान हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव से NDA को 41 जबकि 2014 में 42 सीटें मिली थीं।

लोकसभा चुनाव के हिसाब से भाजपा को नुकसान का अनुमान
महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भी अगर लोकसभा चुनाव जैसा ट्रेंड रहा तो भाजपा को नुकसान होगा। भाजपा 60 सीटों के आसपास सिमटकर रह जाएगी। वहीं, विपक्षी गठबंधन के सर्वे में MVA को 160 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। भाजपा के लिए मराठा आंदोलन सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा शिवसेना और NCP में तोड़फोड़ के बाद उद्धव ठाकरे और शरद पवार के साथ लोगों की सिम्पैथी है।

विधानसभा चुनाव- 2019

2019 में BJP-शिवसेना गठबंधन था। BJP ने 105 सीटें और शिवसेना ने 56 सीटें जीतीं। गठबंधन से NCP को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं। भाजपा-शिवसेना आसानी से सत्ता में आ जाती, पर मनमुटाव के कारण गठबंधन टूट।
23 नवंबर 2019 को फड़नवीस ने मुख्यमंत्री और अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, बहुमत परीक्षण से पहले 26 नवंबर को ही दोनों ने इस्तीफा दे दिया।
28 नवंबर को शिवसेना (अविभाजित), NCP (अविभाजित) और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी सत्ता में आई।
इसके बाद शिवसेना (अविभाजित) और NCP (अविभाजित) में फूट पड़ गई और ये दो पार्टियां चार धड़ों में बंट गई। फिर भी लोकसभा चुनाव में शरद पवार और उद्धव ठाकरे को फायदा हुआ। अब इसी पृष्ठभूमि पर विधानसभा चुनाव भी हो रहा है। पूरी खबर पढ़े…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024