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गडकरी बोले- फसल बढ़ने पर बीमारियां भी बढ़ती हैं:कीटनाशकों का छिड़काव जरूरी; पार्टी में बाहर से आ रहे लोगों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए

गडकरी बोले- फसल बढ़ने पर बीमारियां भी बढ़ती हैं:कीटनाशकों का छिड़काव जरूरी; पार्टी में बाहर से आ रहे लोगों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए

मुंबई6 घंटे पहले
नितिन गडकरी नागपुर से लोकसभा सांसद हैं। वे महाराष्ट्र भाजपा की विधानसभा चुनाव प्रबंधन समिति में भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की वोटिंग के 11 दिन पहले केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बागियों को लेकर बयान दिया है। गडकरी से शनिवार को एक इंटरव्यू में बागियों के भाजपा जॉइन करने को लेकर सवाल किया गया था। इसके जवाब में गडकरी ने कहा-

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भाजपा का तेजी से विस्तार हो रहा है। जैसे-जैसे फसल बढ़ती है, उसके साथ बीमारियां भी बढ़ती हैं। भाजपा के पास बहुत सारी फसलें हैं, जो अच्छी पैदावार देती हैं, लेकिन कुछ बीमारियां भी लाती हैं। इसलिए हमें ऐसी बीमार फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करना होगा।

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गडकरी ने कहा कि भाजपा में अलग-अलग कारणों से नए लोग आ रहे हैं। उन्हें ट्रेनिंग देना, विचारधारा के बारे में बताना और कार्यकर्ता बनाना हमारी जिम्मेदारी है। एक हजार कार्यकर्ता खड़े होते हैं, लेकिन कभी-कभी एक कार्यकर्ता कुछ कह देता है और उन हजार कार्यकर्ताओं की मेहनत खराब हो जाती है।

गडकरी बोले- मेरी महाराष्ट्र में कोई भूमिका नहीं

गडकरी से सवाल किया गया कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में हार के बाद नड्डा और अमित शाह ने महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन इन बैठकों में वे मौजूद नहीं थे। इस पर गडकरी ने कहा- मेरी महाराष्ट्र में कोई भूमिका नहीं है। यहां के नेता सक्षम हैं। उन्हें जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं उपलब्ध रहूंगा।

गडकरी ने इंटरव्यू में आगे कहा कि सरकार और प्रशासन को धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। कोई व्यक्ति कभी धर्मनिरपेक्ष हो या ना हो, लेकिन राज्य, सरकार और प्रशासन को धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। इसके अलावा गडकरी ने आर्वी में एक चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस पर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास न करने का आरोप लगाया।

गडकरी ने कहा- कांग्रेस ने कभी भी ग्रामीण भारत के विकास के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। अगर ग्रामीण भारत को प्राथमिकता दी जाती तो किसान आत्महत्या नहीं करते और गांवों में गरीबी नहीं होती। भारत के 75 साल के इतिहास में कांग्रेस ने लगातार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की उपेक्षा की है।

गडकरी के पिछले 2 महीने में 4 बयान चर्चा में रहे

23 सितंबर: चौथी बार सरकार बनने की गारंटी नहीं

गडकरी ने कहा- केंद्र में भाजपा चौथी बार सरकार बनाए इसकी कोई गारंटी नहीं है, लेकिन हमारे सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के चीफ रामदास अठावले अगली सरकार में मंत्री जरूर बनेंगे। हालांकि गडकरी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं केवल मजाक कर रहा था।’ पूरी खबर पढ़ें…

20 सितंबर: राजा ऐसा हो, जो आलोचना झेल सके

गडकरी ने MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा- राजा (शासक) को ऐसा होना चाहिए कि कोई उसके खिलाफ बात करे, तो उसे बर्दाश्त करे। आलोचनाओं का आत्मचिंतन करे। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। पूरी खबर पढ़ें…

15 सितंबर: हमारे यहां न्यूटन के पिता हैं, फाइल पर वजन डालते ही आगे बढ़ जाती है गडकरी ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP) में इंजीनियर्स डे कार्यक्रम में कहा था- ‘हमारे देश में किसी भी काम को पूरा करने के लिए पारदर्शिता की जरूरत होनी चाहिए। कई बार तो हालात ऐसे होते हैं कि सड़कों के गड्ढे भरने के लिए भी बॉस का आदेश चाहिए होता है। हमारे यहां न्यूटन के पिता हैं। फाइल पर वजन डालते ही आगे बढ़ जाती है।

14 सितंबर: विपक्षी नेता ने कहा था PM बनिए, समर्थन देंगे, मैंने ऑफर ठुकराया गडकरी ने कहा था कि मुझे एक घटना याद है। मैं किसी का नाम नहीं लूंगा… उस व्यक्ति ने कहा था कि अगर आप प्रधानमंत्री बनते हैं, तो हम समर्थन करेंगे। मैंने उनसे पूछा कि आप मेरा समर्थन क्यों करेंगे और मुझे आपका समर्थन क्यों लेना चाहिए? PM बनना मेरे जीवन का लक्ष्य नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

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