राजस्थान के टूरिज्म के पिटारे से इस साल कई नई सौगातें निकली हैं। इनमें जयपुर में टाइगर सफारी, अजमेर की आनासागर झील में क्रूज की सैर, कोटा में चंबल रिवर फ्रंट और बूंदी में हेरिटेज वॉक खास है।
कोटा के चंबल रिवर फ्रंट में चंबल माता की मूर्ति बनाई गई है। मूर्ति के कलश में से एक घंटे में 7 लाख लीटर पानी गिरता है। यह देखना बेहद ही आकर्षक होता है। उदयपुर में सिटी पैलेस के हाथी अगड़ में रियासत काल में महावतों के हाथियों को युद्ध अभ्यास कराने के प्राचीन दृश्य को जीवंत किया गया है।
अब राजस्थान का विलेज टूरिज्म भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। राजस्थान के गांवों की सुबह और शाम का अनुभव करने, वहां के रहन-सहन, खान-पान, धार्मिक आस्था, स्थापत्य कला और विचारों को जानने-समझने के लिए भी टूरिस्ट आ रहे हैं। ब्यावर का देवमाली ऐसा ही एक गांव है, जो राजस्थान के पर्यटन के नक्शे पर तेजी से उभर रहा है।
