घाटशिला में हेमंत पर बरसे अमित शाह:कांग्रेस और हेमंत की सरकार घुसपैठियों को दे रही शह, हमारी सरकार इन्हें छोड़ेगी नहीं
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा। घाटशिला में रविवार को अपनी पहली जनसभा में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आई तो घुसपैठियों को छोड़ेंगे नहीं। कांग्रेस और हेमंत सोरेन की सरकार इनको शह दे रही है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की बहन-बेटियों के साथ घुसपैठियों ने जो अन्याय किया है, उसे रोकने में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के गठबंधन की सरकार नाकाम रही है। घुसपैठियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब चैन की नींद लेना बंद कर दो, जमीन हड़पना बंद कर दो।
झारखंड में भाजपा की सरकार बनेगी और हम कानून बनाकर झारखंड के भोले-भाले आदिवासियों को उनकी जमीन वापस कराएंगे। ऐसा कानून बनाएंगे कि उसे पिछली तारीख से लागू किया जाए।
घाटशिला के बाद हजारीबाग के बरकट्ठा में सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ युवाओं के रोजगार के मुद्दे को उठाया। रोजगार पर उन्होंने कहा कि राज्य में पेपर लीक हो रहे हैं। ये कौन कर रहा है। सीएम हेमंत के चट्टे-बट्टे की इस काम में लगे हुए हैं। कहा कि राज्य में नौकरी की उम्मीद में 17 युवा जान गंवा दिए, लेकिन इनके चेहरे पर शिकन तक नहीं आई।
हेमंत सोरेन की ओर से एक लाख 36 हजार करोड़ रुपए मांगे जाने पर कहा कि जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी तब राज्य को कितना मिला था, यह पता करने वाली बात है। इस दौरान उन्होंने जनता को भाजपा की योजनाओं से भी अवगत कराया।
महिलाओं को हर माह ₹2100, 300 यूनिट फ्री बिजली का ऐलान
इससे पहले रांची में सुबह भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। खास बात है कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को ध्यान में रखकर 150 संकल्प जारी किया गया है। इसमें 300 यूनिट बिजली फ्री, 500 रुपए में गैस सिलेंडर और सवा करोड़ घरों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का ऐलान किया किया गया है। साथ ही महिलाओं को गोगो दीदी योजना के तहत हर माह 2100 रुपए देने का वादा किया गया है। संकल्प पत्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जारी किया।
महिलाओं और युवाओं पर भाजपा का जोर
- गोगो दीदी योजना के तहत हर महिला को हर माह की 11 तारीख को 2100 रुपए सीधे उनके अकाउंट में दिया जाएगा।
- स्नातक और स्नातकोत्तर बेरोजगारों को दो साल तक प्रतिमाह 2 हजार रुपए भत्ता।
- पहले साल में डेढ़ लाख सरकारी पदों पर नियुक्ति। 5 साल में 2.87 लाख पदों पर नियुक्ति करेंगे।
- पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा।
- अग्निवीरों को सरकारी नौकरी की गारंटी।
- सभी परिवारों 500 रुपए में गैस सिलेंडर का वादा। त्योहार में दो बार फ्री सिलेंडर देंगे।
- भाजपा 300 यूनिट बिजली फ्री देगी।
- सवा करोड़ घरों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का वादा।
- किडनी के मरीजों की फ्री डायलिसिस की सुविधा दी जाएगी।
- सभी आदिवासी परिवारों को आयुष्मान योजना से जोड़ा जाएगा।
हेमंत सरकार पर बरसे शाह
संकल्प पत्र को जारी करते हुए अमित शाह हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि ये संकल्प पत्र लोगों की उम्मीदों को पूरा करेगा। हमरा ट्रैक रिकार्ड है, जो हम कहते हैं वो करते हैं। यह चुनाव झारखंड के भविष्य का चुनाव है।
आज तीन रैली करेंगे अमित शाह
संकल्प पत्र जारी करने के बाद अमित शाह तीन जगहों घाटशिला, सिमरिया और बरकट्ठा में जनसभा करेंगे। घाटशिला सीट से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन और झामुमो के रामदास सोरेन के बीच सीधी टक्कर है। जबकि, बहरागोड़ा से भाजपा के दिनेशानंद गोस्वामी और झामुमो के समीर मोहंती के बीच टक्कर है। गृह मंत्री का फोकस बीजेपी के उन बागियों को साधने पर होगा, जो पार्टी के लिए चुनौती बन गए हैं।
घाटशिला से 11 और बहरागोड़ा से 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में
घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से कुल 11 प्रत्याशी मैदान में है। जबकि, बहरागोड़ा से 15 प्रत्याशी मैदान में है। घाटशिला में मुख्य रूप से जेपीपी पार्टी से सूर्य सिंह बेसरा, भाजपा से बाबूलाल सोरेन और झामुमो से रामदास सोरेन खड़े हैं। वहीं, बहरागोड़ा विधानसभा सीट से भाजपा से दिनेशानंद गोस्वामी, झामुमो से समीर कुमार मोहंती समेत अन्य अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
बागियों को मनाने का प्रयास करेंगे शाह
अमित शाह पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं को मनाने का प्रयास करेंगे। बागियों ने चुनावी मैदान में बीजेपी के बड़े चेहरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जमशेदपुर पूर्वी से शिवशंकर सिंह चुनावी मैदान में है।
इस सीट से झारखंड के पूर्व सीएम और ओडिशा गवर्नर रघुवर दास की बहू पूर्णिमा साहू बीजेपी की प्रत्याशी हैं। शिवशंकर को भी बीजेपी ने मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने नाम वापस लेने से इनकार कर दिया। शिवशंकर ने कहा कि हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि परिवारवाद और भाई-भतीजावाद के खिलाफ है।
वहीं, गणेश महली सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम के उम्मीदवार है। यहां से बीजेपी ने पूर्व सीएम चंपाई सोरेन को उम्मीदवार बनाया है। गणेश महली ने बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर सरायकेला सीट पर जेएमएम प्रत्याशी रहे चंपाई सोरेन को दो बार कड़ी टक्कर दी थी, पर जीत नहीं सके थे।
भाजपा 68 पर लड़ रही, उसके 30 बड़े नेता प्रचार में उतरेंगे
पहले फेज के लिए 9 दिन प्रचार के है। इस दौरान प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों, छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यों के डिप्टी सीएम की सभाएं होंगी। राज्य में 81 सीटें हैं, जिसमें भाजपा 68 पर लड़ रही है। उसके 30 नेताओं की सभाएं शेड्यूल हैं।
केंद्रीय मंत्री व राज्यों के सीएम-डिप्टी सीएम शामिल
जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह, हिमंता बिस्वा सरमा, लक्ष्मीकांत बाजपेयी, धर्मेंद्र प्रधान, योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, नायब सिंह सैनी, मोहन चंद्र मांझी, विष्णु देव साय, नित्यानंद राय, केशव प्रसाद मौर्य, सम्राट चौधरी, शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ बाबूलाल मरांडी, कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा, चंपाई सोरेन, अन्नपूर्णा देवी, संजय सेठ, निशिकांत दूबे, विद्युत वरण महतो, दीपक प्रकाश, आदित्य साहू, रामचंद्र चंद्रवंशी आदि स्टार प्रचारक की सूची में शामिल हैं।
PM मोदी ही चेहरा, इसलिए पोस्टर पर भी सिर्फ उनकी ही तस्वीर
NDA प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ रही है। राज्य में लग रहे पोस्टर और होर्डिंग पर सिर्फ मोदी की ही तस्वीर है। सामान्य पोस्टरों में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के अलावा असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा, गृहमंत्री अमित शाह और शिवराज सिंह की तस्वीर दिखती है। लेकिन, चुनाव का केंद्र नरेंद्र मोदी को ही बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य उनकी लोकप्रियता और प्रभाव को भुनाना है। ताकि, अधिक से अधिक वोटरों को आकर्षित किया जा सके। इसके अलावा, भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठ और आदिवासियों के अधिकारों को भी जोरदार तरीके से उठा रही है।
भाजपा ने 2019 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को सीएम फेस के रूप में पेश किया था। रघुवर झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री थे। उस समय रघुवर दास के खिलाफ कई क्षेत्रों में असंतोष था। सीएनटी, एसपीटी कानूनों में संशोधन और आदिवासी अधिकारों पर लोगों में नाराजगी थी। उनकी कार्यशैली से जनता में असंतोष था। विपक्षी गठबंधन यूपीए ने इसे प्रचार में प्रभावी ढंग से उठाया था। इससे भाजपा की हार हो गई थी।
