मन की बात के रविवार को 115वें एपिसोड में पीएम नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसे फ्रॉड से बचने के लिए तीन स्टेप रुको, सोचो और एक्शन लो अपनाने की बात कही।
उन्होंने कहा- कॉल आते ही रुकें। घबराएं नहीं, शांत रहें, जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं, किसी को अपनी निजी जानकारी न दें। स्क्रीन शॉट लें और रिकॉर्डिंग जरूर करें।
दूसरा चरण है- ‘सोचो’। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर धमकी नहीं देती, वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती, न पैसे मांगती है। अगर ऐसा है तो समझिए कुछ गड़बड़ है। इसके बाद तीसरा चरण ‘एक्शन लो’ फॉलो करें। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 डायल करें।
पिछले महीने इस प्रोग्राम के 10 साल पूरे हुए हैं। इससे पहले शनिवार को पीएम मोदी के मन की बात पर एक किताब “मोदी संवाद” का विमोचन भी किया गया।
पीएम मोदी ने मन की बात में इन मुद्दों पर बात की
- एनिमेशन और वर्चुअल टूरिज्म पर एनिमेशन सेक्टर आज ऐसी इंडस्ट्री बन चुका है कि जो दूसरी इंडस्ट्रीज को ताकत दे रहा है। इन दिनों VR टूरिज्म बहुत फेमस हो रहा है। वर्चुअल टूर के जरिए अजंता की गुफाएं देख सकते हैं। कोणार्क मंदिर के कॉरिडोर में टहल सकते हैं, या फिर, वाराणसी के घाटों का आनंद ले सकते हैं। टूरिस्ट डेस्टिनेशन का VR टूर लोगों के मन में जिज्ञासा पैदा करता है। आज इस सेक्टर में एनिमेटर्स, स्टोरी टेलर्स, राइटर्स, वॉइस ओवर एक्सपर्ट्स, म्यूजिशियन और गेम डेवलपर्स की मांग बढ़ती जा रही है। इसलिए, देश के युवाओं से कहूंगा कि अपनी क्रिएटिविटी को विस्तार दें।
- छोटा भीम की तरह दूसरी एनिमेटेड सीरीज कृष्णा, मोटू-पतलू, बाल हनुमान के भी दुनियाभर में प्रशंसक हैं। भारत के एनिमेटेड किरदार और फिल्में अपने कंटेंट और क्रिएटिविटी की वजह से पूरी दुनिया में पसंद की जा रही हैं। भारत एनिमेशन के क्षेत्र में क्रांति लाने की राह पर है। भारत का गेमिंग स्पेस भी तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय खेल भी पूरी दुनिया में मशहूर हो रहे हैं।
- आत्मनिर्भर भारत अभियान पर आत्मनिर्भरता हमारी पॉलिसी ही नहीं, हमारा पैशन बन चुका है। आत्मनिर्भर भारत अभियान, एक जन अभियान बन रहा है। हम हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। इसी महीने लद्दाख के हानले में हमने एशिया की सबसे बड़ी ‘इमेजिंग टेलीस्कोप MACE’ का भी उद्घाटन किया। ये 4300 मीटर की ऊंचाई पर है। जानते हैं इसकी भी खास बात क्या है- यह मेड इन इंडिया है।
- बिरसा मुंडा-सरदार पटेल की जयंती पर मेरे जीवन के सबसे यादगार पल क्या रहे, तो कितने ही वाकये याद आते हैं। लेकिन इसमें भी एक पल खास है। वो पल था जब पिछले साल मैं 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मजयंती पर उनकी जन्मस्थली झारखंड के उलिहातू गांव गया। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसे इस पवित्र भूमि की मिट्टी को अपने मस्तक से लगाने का सौभाग्य मिला।
- देश में बढ़ती फिटनेस अवेयरनेस पर देश में लोग फिटनेस को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। स्कूल फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। फिट इंडिया स्कूल आवर भी एक अनोखी पहल है। स्कूल अपने फर्स्ट पीरियड में फिटनेस एक्टिविटीज करवा रहे हैं। ‘मन की बात’ के श्रोताओं ने मुझे अपने अनुभव भेजे हैं। कुछ लोग तो बहुत ही रोचक प्रयोग कर रहे हैं। एक उदाहरण है फैमिली फिटनेस आवर का, यानि एक परिवार, हर वीकेंड एक घंटा फैमिली फिटनेस एक्टिविटी के लिए दे रहा है। एक और उदाहरण है, यानि कुछ परिवार अपने बच्चों को ट्रेडिशनल गेम्स सिखा रहे हैं, खिला रहें हैं।
- विदेश में बढ़ती संस्कृति की लोकप्रियता पर हजारों मील दूर, रूस के शहर याकूत्स्क में भी भारतीय कला की मधुर धुन गूंज रही है। यहां एक थिएटर में लोग कालिदास का अभिज्ञान शाकुंतलम देखने पहुंचे। कुछ हफ्ते पहले, मैं लाओस भी गया था। वहां मैंने कुछ अद्भुत देखा- ‘लाओस की रामायण’। उनकी आंखों में वही भक्ति, उनके स्वर में वही समर्पण, जो रामायण के प्रति हमारे मन में है। कुवैत में अब्दुल्ला अल-बारुन ने रामायण और महाभारत का अरबी में अनुवाद किया है। यह सिर्फ अनुवाद नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों के बीच का सेतु है। उनका प्रयास अरब जगत में भारतीय साहित्य की नई समझ विकसित कर रहा है। पेरू की अर्लिंडा ग्रेसिया वहां के युवाओं को भरतनाट्यम सिखा रही हैं और मारिया वाल्डेज ओडिसी। इन कलाओं से प्रभावित होकर, दक्षिण अमेरिका के कई देशों में ‘भारतीय शास्त्रीय नृत्य’ की धूम मची हुई है।
- फोक आर्ट के लिए काम कर रहे कलाकारों पर डी. वैयकुन्ठम करीब 50 साल से चेरियाल फोक आर्ट को लोकप्रिय बनाने में जुटे हुए हैं। तेलंगाना की इस कला को आगे बढ़ाने का यह प्रयास अद्भुत है। छत्तीसगढ़ में नारायणपुर के बुटलूराम माथरा जी अबूझमाड़िया जनजाति की लोक कला को संरक्षित करने में जुटे हुए हैं। पिछले चार दशक से वे इस मिशन में लगे हुए हैं। एक प्रयास उधमपुर के गोरीनाथ जी भी कर रहे हैं। एक सदी से भी अधिक पुरानी सारंगी के जरिए वे डोगरा संस्कृति और विरासत के विभिन्न रूपों को सहेजने में जुटे हैं।
- पहला एपिसोड टेलीकास्ट होने के एक हफ्ते के अंदर 125% तक बढ़ गया था। पीएम ने खादी खरीदने की अपील की थी।
- 2015 में पूर्व अमेरिकी प्रधानमंत्री बराक ओबामा ने भी शो अपनी बात रखी थी।
- अप्रैल 2023 में मन की बात का 100वां एपिसोड का टेलीकास्ट यूनाइडेट नेशन हेडक्वॉर्टर न्यूयॉर्क में भी हुआ था।
- 27 करोड़ लोग इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, 6 करोड़ लोग डिजीटली मन की बात को सुनते हैं। 130 से ज्यादा टीवी चैनल और 800 से ज्यादा रेडियो स्टेशन इस शो को टेलीकास्ट करते हैं।
22 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होता है मन की बात कार्यक्रम मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकॉस्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं।
मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर द्वारा किया जाता है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था।
पिछले एपिसोड में कहा था- मन की बात मंदिर में पूजा करने जैसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 114वें एपिसोड में कहा था- हमारी यात्रा को 10 साल हो चुके हैं। यह कार्यक्रम विजयादशमी के दिन शुरू हुआ था। 10 साल पूरे होने के समय नवरात्रि का पहला दिन होगा। मन की बात के कई पड़ाव हैं, जिन्हें मैं भूल नहीं सकता। यह कार्यक्रम मेरे लिए मंदिर में पूजा करने जैसा है। पढ़ें पूरी खबर…
