NCP (अजित) गुट के दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने शनिवार शाम X पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा- बुजदिल डराया करते है अक्सर दिलेर को, धोखे से मार देते हैं गीदड़ भी शेर को।
इससे पहले 18 अक्टूबर को जीशान ने x पोस्ट में लिखा था- जो छिपा है, जरूरी नहीं कि वह सो रहा हो। जो सामने दिख रहा है, जरूरी नहीं कि वह बोलता हो। इससे एक दिन पहले 17 अक्टूबर को भी जीशान ने X पोस्ट किया था।
इसमें उन्होंने लिखा था- मेरे पिता ने गरीब मासूम लोगों की जान और घरों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी। आज मेरा परिवार टूट गया है, लेकिन उनकी मौत का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और निश्चित रूप से इसे व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। मुझे न्याय चाहिए, मेरे परिवार को न्याय चाहिए।
जीशान मुंबई की बांद्रा ईस्ट विधानसभा सीट से विधायक हैं। इसी साल 30 अगस्त को कांग्रेस ने जीशान को पार्टी से निष्कासित किया था। कांग्रेस ने ये एक्शन महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग और पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते लिया था।
बाबा सिद्दीकी की 12 अगस्त की रात बेटे जीशान के ऑफिस के बाहर गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में अबतक 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। 3 आरोपी फरार हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में 2 हिस्ट्रीशीटर, 25 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेजे गए
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 18 अक्टूबर को 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार हुए पांचों आरोपी मुख्य साजिशकर्ता शुभम लोनकर और मास्टरमाइंड मोहम्मद जीशान अख्तर के संपर्क में थे।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में नितिन गौतम सप्रे (32), संभाजी किसान पारधी (44), प्रदीप दत्तू थोम्ब्रे (37), चेतन दिलीप पारधी और राम फूलचंद कनौजिया (43) शामिल हैं। सप्रे डोंबिवली से है। चेतन-संभाजी, थोम्ब्रे ठाणे जिले के अंबरनाथ और कनौजिया रायगढ़ के पनवेल का रहने वाला है।
नितिन गौतम सप्रे और फूलचंद कनौजिया हिस्ट्रीशीटर हैं। नितिन साल 2015 में हुए एक मर्डर केस में शामिल था। इसके अलावा हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से मामले में उसका नाम है। सप्रे पहले भी जेल में जा चुका है। पूरी खबर पढ़ें…
बाबा सिद्दीकी को फेसबुक-ट्विटर से ट्रैक करते थे शूटर्स मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि शूटर्स बाबा सिद्दीकी को आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ट्रैक करते थे। पुलिस के मुताबिक बाबा सिद्दीकी अपने प्रोग्राम के अपडेट फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर डाला करते थे। आरोपी दो महीने से बाबा सिद्दीकी के सोशल मीडिया अपडेट फॉलो कर रहे थे।
मुंबई पुलिस के एक इंस्पेक्टर ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए ये दावा किया था कि बाबा सिद्दीकी की डिजिटल रेकी की जा रही थी। सोशल मीडिया ट्रैक करने का काम गोली चलाने वालों ने नहीं किया था। इसमें दूसरे लोग शामिल थे। वे बाबा की लोकेशन ट्रैक करके शूटर्स को गाइड करते थे। पूरी खबर पढ़ें…
