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MUDA के ऑफिस में ED की छापेमारी:कमिश्नर और स्पेशल लैंड एक्यूजीशन के ऑफिस की तलाशी, पैरामिलिट्री फोर्स के साथ आई थी

MUDA के ऑफिस में ED की छापेमारी:कमिश्नर और स्पेशल लैंड एक्यूजीशन के ऑफिस की तलाशी, पैरामिलिट्री फोर्स के साथ आई थी

बेंगलुरु1 घंटे पहले
कर्नाटक के CM सिद्दारमैया और उनके परिवार पर आरोप है कि उन्होंने MUDA से मिलकर जमीन आवंटन में प्रॉफिट कमाया।

ED के 12 अधिकारियों की एक टीम ने शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मैसुरु अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) के ऑफिस में छापेमारी की। ED ने MUDA कमिश्नर रघुनंदन और स्पेशल लैंड एक्यूजीशन के ऑफिस की भी तलाशी ली।

बताया जा रहा है कि कि एजेंसी कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एजेंसी घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों की जांच करेगी।यह छापेमारी MUDA के चेयरमैन के मारी गौड़ा के इस्तीफे के बाद हुई है।

ED सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के साथ आई थी। टीम ने मैसुरु में कई अन्य जगहों पर भी छापेमारी की है। हालांकि, वे जगहें सीधे तौर पर मुख्यमंत्री या उनके परिवार से जुड़ी नहीं है।

2 दिन पहले MUDA चेयरमैन ने दिया था इस्तीफा

मैसुरु अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) के चेयरमैन मारी गौड़ा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी हैं।

दो दिन पहले 16 अक्टूबर को MUDA के चेयरमैन मारी गौड़ा ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने रेजिग्नेशन लेटर में लिखा था कि CM ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा था। लेकिन उन्होंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है।

उन्होंने यह कदम MUDA जमीन घोटाले की लोकायुक्त जांच के बीच उठाया था।​​ ​​​​गौड़ा CM सिद्धारमैया के करीबी हैं। उन्होंने 40 साल से ज्यादा समय तक काम उनके साथ काम किया है। ED के साथ ही ​मैसुरु लोकायुक्त भी घोटाले की जांच कर रहे हैं।

जांच शुरू होने के बाद से अब तक सिद्धारमैया की पत्नी MUDA की तरफ से मिले 14 प्लॉट वापस करने की बात कह चुकी हैं, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे राहुल खड़गे ने भी अपने ट्रस्ट को दी गई 5 एकड़ जमीन लौटा चुके हैं।

सिद्धारमैया पर जमीन घोटाले मामले में केस चलेगा कर्नाटक CM सिद्धारमैया के खिलाफ जमीन घोटाले से जुड़े मामले में केस चलेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने 21 सितंबर को कहा- ‘याचिका में जिन बातों का जिक्र है, उसकी जांच जरूरी है। केस में मुख्यमंत्री का परिवार शामिल है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है।’

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 218 के तहत सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी थी। CM ने 19 अगस्त को इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

कर्नाटक राज्यपाल सचिवालय की ओर से सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने को लेकर जारी नोटिस।

MUDA केस क्या है साल 1992 में अर्बन डेवलपमेंट संस्थान मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) ने रिहायशी इलाके विकसित करने के लिए किसानों से जमीन ली थी। इसके बदले MUDA की इंसेंटिव 50:50 स्कीम के तहत जमीन मालिकों को विकसित भूमि में 50% साइट या एक वैकल्पिक साइट दी गई।

MUDA पर आरोप है कि उसने 2022 में सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को मैसूरु के कसाबा होबली स्थित कसारे गांव में उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले मैसुरु के एक पॉश इलाके में 14 साइट्स आवंटित की। इन साइट्स की कीमत पार्वती की जमीन की तुलना में बहुत ज्यादा थी।

हालांकि, इस 3.16 एकड़ जमीन पर पार्वती का कोई कानूनी अधिकार भी नहीं था। ये जमीन पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने उन्हें 2010 में गिफ्ट में दी थी। MUDA ने इस जमीन को अधिग्रहण किए बिना ही देवनूर स्टेज 3 लेआउट विकास किया था।

MUDA घोटाले को लेकर भाजपा और JDS ने 3 अगस्त से सात दिनों की बेंगलुरु से मैसुरु तक पदयात्रा की। इसमें JDS नेता एचडी कुमारस्वामी और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र भी शामिल हुए।

सिद्धारमैया पर क्या-क्या आरोप लगे हैं

  • सिद्धारमैया की पत्नी को MUDA की ओर से मुआवजे के तौर पर मिले विजयनगर के प्लॉट की कीमत केसारे गांव की उनकी जमीन से बहुत ज्यादा है।
  • स्नेहमयी कृष्णा ने सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसमें उन्होंने सिद्धारमैया पर MUDA साइट को पारिवारिक संपत्ति का दावा करने के लिए डॉक्युमेंट्स में जालसाजी का आरोप लगाया गया है।
  • 1998 से लेकर 2023 तक सिद्धारमैया कर्नाटक में डिप्टी CM या CM जैसे प्रभावशाली पदों पर रहे। भले ही सीधे तौर पर वे इस घोटाले से न जुड़े हों, लेकिन उन्होंने अपने पावर का इस्तेमाल कर करीबी लोगों की मदद की।
  • सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने साल 2004 में डेनोटिफाई 3 एकड़ जमीन अवैध रूप से खरीदी थी। 2004-05 में कर्नाटक में फिर कांग्रेस-JDS गठबंधन की सरकार में सिद्धारमैया डिप्टी CM थे।
  • योजना के तहत, जिन लैंड ओनर्स की भूमि MUDA द्वारा अधिग्रहित की गई है। उन्हें मुआवजे के रूप में अधिक मूल्य की वैकल्पिक साइटें आवंटित की गई हैं। साथ ही रियल एस्टेट एजेंट्स को भी इस स्कीम में जमीन दी गई है।
  • भूमि आवंटन घोटाले का खुलासा एक RTI एक्टिविस्ट ने करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में 50:50 योजना के तहत 6,000 से अधिक साइटें आवंटित की गई हैं।
  • भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह 3 हजार से 4 हजार करोड़ रुपए का घोटाला है। इसमें सिद्धारमैया का परिवार शामिल है। कांग्रेस इस पर चुप्पी साधे हुए है। राज्यपाल ने जांच के आदेश दिए हैं, उनका शुक्रिया।

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