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वायुसेना के 92वें स्थापना दिवस पर चेन्नई में एयर शो:राफेल-सूर्यकिरण, सारंग समेत 72 एयरक्राफ्ट शामिल होंगे; लिम्का बुक में नाम दर्ज करवाने की तैयारी

वायुसेना के 92वें स्थापना दिवस पर चेन्नई में एयर शो:राफेल-सूर्यकिरण, सारंग समेत 72 एयरक्राफ्ट शामिल होंगे; लिम्का बुक में नाम दर्ज करवाने की तैयारी

चेन्नई17 मिनट पहले
4 अक्टूबर को एयर शो की रिहर्सल हुई, जिसमें सेना की एयरोबैटिक टीम ने अलग-अलग फॉर्मेशन बनाए।

भारतीय वायुसेना 8 अक्टूबर को अपना 92वां स्थापना दिवस मनाने वाली है। इससे पहले 6 अक्टूबर को चेन्नई के मरीना बीच पर एयर शो का आयोजन किया जा रहा है। इस शो में राफेल, सूर्यकिरण और सारंग समेत 72 एयरक्राफ्ट करतब दिखाएंगे। 4 अक्टूबर को एयर शो की फुल ड्रेस रिहर्सल भी की गई।

एयर वाइस मार्शल के प्रेमकुमार के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इसलिए इस कार्यक्रम को बड़े मरीना बीच पर रखा गया है। शो को देखने के लिए 15 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

शो में एडवांस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड, और डकोटा और हार्वर्ड जैसे हैरिटेज एयरक्राफ्ट के भी शामिल होने की संभावना है।

रिहर्सल की तस्वीरें…

भारतीय वायुसेना चंडीगढ़, प्रयागराज के बाद तीसरी बार दिल्ली से बाहर शो आयोजित कर रही है।
भारतीय वायुसेना के मुताबिक शो को देखने के लिए 15 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
एयर शो की रिहर्सल में राफेल एयरक्राफ्ट ने भी हिस्सा लिया।
तस्वीर सारंग हेलिकॉप्टर्स की है, ये आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन बनाने के लिए मशहूर हैं।
रिहर्सल के दौरान सारंग हेलिकॉप्टर्स ।
तस्वीर सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम के एयरक्राफ्ट्स की है। ये स्मोक के जरिए फॉर्मेशन क्रिएट करते हैं।

चेन्नई में 21 साल बाद हो रहा एयर शो 21 साल के बाद चेन्नई में कोई फ्लाईपास्ट और एरियल डिस्प्ले शो हो रहा है। भारतीय वायुसेना तीसरी बार स्थापना दिवस पर होने वाला एयर शो दिल्ली से बाहर आयोजित कर रही है। पिछले साल यह शो 8 अक्टूबर 2023 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम क्षेत्र में हुआ था। 2022 में इसे चंडीगढ़ में रखा गया था।

वायुसेना प्रमुख बोले- 2047 तक सभी हथियार भारत में बनाने का लक्ष्य एयरफोर्स डे से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारत को सैन्य उपकरण बनाने के मामले में टेक्नोलॉजी और स्पीड के मामले में चीन से आगे निकलने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा था कि वायुसेना का लक्ष्य स्वदेशीकरण कार्यक्रम के तहत 2047 तक अपने सभी हथियारों का प्रोडक्शन भारत में ही करना है।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को आपूर्ति में देरी की भरपाई के लिए हर साल 24 तेजस हल्के लड़ाकू विमानों का प्रोडक्शन करना चाहिए।

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