दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए नई दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में घर फाइनल हो गया है। वे 4 अक्टूबर को फ्लैगस्टाफ रोड पर मुख्यमंत्री आवास खाली करके नए घर में शिफ्ट हो जाएंगे। आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले केजरीवाल ने कहा था कि वे नवरात्रि के दौरान मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे। पार्टी ने बताया कि केजरीवाल मंडी हाउस के पास फिरोजशाह रोड पर आप के राज्यसभा सांसदों को आवंटित दो बंगलों में से एक में रहने जा सकते हैं।
बंगले पार्टी मुख्यालय से कुछ मीटर की दूरी पर हैं। दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने से पहले वे गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में रहते थे। केजरीवाल ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने कहा था कि मैंने अग्निपरीक्षा देने के लिए इस्तीफा दिया है और जब तक लोग मुझे ईमानदारी का प्रमाण पत्र नहीं दे देते, तब तक वे पद पर नहीं लौटूंगा। इससे बाद पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि एक नेशनल पार्टी के प्रमुख के तौर पर केजरीवाल को आवास मुहैया कराया जाए।
हालांकि, दिल्ली में विधायकों को सरकारी आवास आवंटित नहीं किए जाते हैं। केजरीवाल भी अब सिर्फ नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
जमानत के 4 दिन बाद दे दिया था सीएम पद से इस्तीफा
शराब नीति मामले में 21 मार्च 2024 को ED ने दो घंटे की पूछताछ के बाद केजरीवाल को उनके घर से गिरफ्तार किया था। इसके 177 दिन बाद सुप्रीम काेर्ट ने 13 सितंबर 2024 को उन्हें जमानत दी थी। इसके 4 दिन बाद ही 17 सिंतबर को उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद दिल्ली सरकार में मंत्री रहीं आतिशी ने नई सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया था। वे कालकाजी सीट से तीन बार की विधायक हैं। उन्होंने 21 सितंबर को दिल्ली की 9वीं मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी।
उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने राजनिवास में ही उन्हें शपथ दिलाई थी। वे दिल्ली की सबसे युवा (43 साल) CM हैं। इससे पहले केजरीवाल 45 साल की उम्र में CM बने थे। आतिशी बतौर महिला सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित के बाद दिल्ली की तीसरी महिला CM हैं।
शपथ लेने के बाद आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने इस देश की राजनीति में ईमानदारी और नैतिकता की मिसाल कायम करते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। मुझे नहीं लगता पूरी दुनिया में ऐसा कोई नेता रहा होगा। हम सभी दिल्ली वालों को फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को फिर से सीएम बनाना है।
आतिशी के बाद सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत ने मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। उन्होंने शिक्षा, PWD और वित्त समेत 13 विभाग अपने पास रखे। वहीं, सौरभ भारद्वाज को हेल्थ समेत 8 प्रमुख विभाग का जिम्मा दिया गया।
