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हरियाणा में गोपाल कांडा पर घमासान:BJP ने सपोर्ट में उम्मीदवार हटाया, हलोपा नेता बोले- मैंने समर्थन नहीं मांगा; भाजपा नेता बोले- कत्ल किया

हरियाणा में गोपाल कांडा पर घमासान:BJP ने सपोर्ट में उम्मीदवार हटाया, हलोपा नेता बोले- मैंने समर्थन नहीं मांगा; भाजपा नेता बोले- कत्ल किया

सिरसा4 मिनट पहलेलेखक: चेतन सिंह
सिरसा में मीडिया से बात करते गोपाल कांडा।

एयरहोस्टेस गीतिका सुसाइड केस से सुर्खियों में आए कारोबारी गोपाल कांडा को लेकर हरियाणा की सियासत में घमासान मच गया है। भाजपा ने सोमवार को सिरसा से चुनाव लड़ रहे हरियाणा लोकहित पार्टी (HLP) सुप्रीमो के लिए पार्टी उम्मीदवार हटा दिया। इसके खिलाफ सिरसा के भाजपा नेता ने सोशल मीडिया के जरिए कांडा को समर्थन पर सवाल खड़े करते हुए इसे कत्ल करार दे दिया।

वहीं इनेलो ने सिरसा सीट पर चुनाव चिन्ह आवंटन में गड़बड़ी का आरोप लगा चुनाव ही रद्द करने की मांग कर दी है। कांडा को भाजपा के समर्थन पर इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि वे हलोपा नेता से बात करेंगे। कांडा को भाजपा से पहले इनेलो-बसपा गठबंधन भी समर्थन दे चुका है।

सोमवार को नामांकन के आखिरी दिन भाजपा ने अचानक रोहताश जांगड़ा का नामांकन वापस करवा दिया। नामांकन वापसी लेने के बाद जांगड़ा ने कहा- ”संगठन के आदेश पर नामांकन वापस लिया गया है। हम मिलकर कांग्रेस पार्टी को हराएंगे।” भाजपा ने कांडा के समर्थन का औपचारिक ऐलान नहीं किया लेकिन पूर्व सांसद अशोक तंवर ने कहा कि कांडा ने हमारी मदद की थी। कांग्रेस को फायदा न हो, इसलिए हमने नामांकन वापस लिया है।

सिरसा सीट से नामांकन वापस लेते भाजपा उम्मीदवार रोहताश जांगड़ा। उनके साथ पूर्व सांसद अशोक तंवर भी मौजूद रहे।

नामांकन वापसी की खबर कांडा के उस बयान के बाद सामने आई, जिसमें उन्होंने कहा कि जीतने के बाद हरियाणा में BJP की सरकार बनाएंगे। कांडा ने ये भी दावा किया था कि वे BJP की अगुआई वाले NDA गठबंधन का हिस्सा हैं। इसके लिए कांडा ने उनके परिवार के RSS से जुड़े होने का तर्क दिया था।

राज्य में 90 विधानसभा सीटों के लिए 5 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। रिजल्ट 8 अक्टूबर को आएगा। आज नामांकन वापसी का आखिरी दिन है।

भाजपा के समर्थन पर कांडा बोले- हमारा इनेलो-BSP से गठबंधन गोपाल कांडा ने कहा कि मैंने भाजपा से समर्थन मांगा ही नहीं। हलोपा का INLD-BSP के साथ गठबंधन है और उनके साथ ही मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा। गोपाल कांडा ने कहा कि अभय सिंह और मेरा एक मकसद है कि राज सिरसा में आना चाहिए। इसलिए हम चाहते हैं आने वाली जो सरकार वह सिरसा की सरकार होनी चाहिए।

गोपाल कांडा ने कहा कि आज भाजपा और कांग्रेस का हिसाब सबके पास है। कांग्रेसी एक दलित महिला का अपमान करने में पीछे नहीं हटते। सिरसा वालों ने सैलजा को मान-सम्मान दिया। मगर, कांग्रेस अपमानित करने का काम कर रही है। कांडा ने कहा कि हमारे गठबंधन पर तरह-तरह की अफवाहे फैलेंगी। इसलिए लोगों को इन अफवाहों में नहीं आना चाहिए। कांडा ने कहा कि हलोपा का INLD-BSP मिलकर सिरसा की 5 सीटें जीतेंगे।

गोपाल कांडा सिरसा से 2 बार विधायक बन चुके हैं।

अभय चौटाला बोले- समर्थन कोई भी किसी को दे सकता है गोपाल कांडा के समर्थन में भाजपा प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने के सवाल पर इनेलो के अभय चौटाला ने कहा कि इस बात की समीक्षा की जाएगी। गोपाल कांडा ने समर्थन लिया है या नहीं, यह बड़ी बात है। समर्थन तो कोई भी किसी को दे सकता है।

गोपाल कांडा ने अगर भाजपा के साथ मिलने का बयान दिया है तो गोपाल कांडा से पहले बात की जाएगी फिर उस पर साथियों के साथ बैठकर विचार विमर्श किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों इस समय बुरी स्थिति में है। दोनों ही अकेले दम पर सरकार नहीं बना सकते। अगले 2 दिनों में इनेलो उन आजाद उम्मीदवारों से संपर्क करेगी, जो चुनाव जीतने की स्थिति में है। इनेलो-बसपा के गठबंधन का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि प्रदेश में सरकार इनेलो बना सके।

इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला।

भाजपा में बगावत, पूर्व महामंत्री बोले- हमें तो अपनों ने लूटा गोपाल कांडा के पक्ष में भाजपा के समर्थन और प्रत्याशी हटाने पर भाजपा नेताओं में बगावत सुर देखने को मिल रहे हैं। भाजपा नेता एंव पूर्व जिला महामंत्री अमन चोपड़ा ने इशारों में अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है।

अमन चोपड़ा ने शायरी अंदाज में एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए कहा है-” कत्ल ही करना था तो बता दिया होता, हम अपना शीश खुद ही दे देते। हमें तो अपनो ने लूटा गैरों में दम कहा था, किश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था… सिरसा विधानसभा।

सिरसा में कांडा का गोकुल सेतिया से टफ मुकाबला सिरसा सीट पर गोकुल सेतिया कांग्रेस उम्मीदवार हैं। 2019 विधानसभा चुनाव में गोकुल सेतिया ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और गोपाल कांडा को कड़ी टक्कर दी। कांडा महज 603 वोटों से ही उनसे चुनाव जीत पाए थे।

गोकुल सेतिया पूर्व विधायक लक्ष्मण दास अरोड़ा के नाती हैं। अरोड़ा 5 बार विधायक रह चुके हैं। गोकुल की मां सुनीता सेतिया ने 2014 में भाजपा के टिकट पर सिरसा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह चुनाव हार गई थीं।

गोपाल कांडा से गठबंधन न करने से लेकर BJP के समर्थन तक की पूरी कहानी पढ़िए…

हरियाणा में BJP सरकार को समर्थन दे रहे थे कांडा गोपाल कांडा 2019 में सिरसा सीट से विधायक चुने गए थे। इस चुनाव में भाजपा 90 सीटों में से 40 ही सीटें जीत सकीं। सरकार बनाने में जजपा और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ गोपाल कांडा ने भी उन्हें समर्थन दिया।

लोकसभा चुनाव से पहले मार्च में जब मनोहर लाल खट्‌टर की जगह नायब सैनी CM बनाए गए तो जजपा ने भाजपा का साथ छोड़ दिया। कुछ निर्दलीय विधायकों ने भी समर्थन वापस ले लिया। हालांकि कांडा ने समर्थन जारी रखा।

विधानसभा चुनाव में कांडा ने 15 सीटें मांगी थी विधानसभा चुनाव 2024 से ऐन पहले कांडा ने भाजपा को मुश्किलों में डाल दिया था। कांडा ने दिल्ली पहुंच हरियाणा भाजपा के चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। उनकी मीटिंग से बात सामने आई कि कांडा ने भाजपा हाईकमान से भाजपा-हलोपा गठबंधन में 15 सीटों की मांग की थी। हालांकि इससे पहले पंचकूला में आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह साफ कर चुके थे कि हरियाणा में अकेले ही चुनाव लड़ेंगे।

दिल्ली में भाजपा के हरियाणा चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलते गोपाल कांडा। – फाइल फोटो

CM सैनी ने कहा था- कांडा से गठबंधन करेंगे गोपाल कांडा के दिल्ली से लौटने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सिरसा के दौरे पर गए थे। वे सबसे पहले सिरसा में गोपाल कांडा के आवास पर पहुंचे। दौरे के दौरान नायब सैनी ने मीडिया को यह कहकर चौंका दिया था कि हरियाणा में भाजपा गोपाल कांडा की हलोपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि गोपाल कांडा की हलोपा, एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) का हिस्सा है।

सीएम नायब सैनी ने सिरसा पहुंचकर गोपाल कांडा से मुलाकात की थी। – फाइल फोटो

भाजपा हाईकमान ने कांडा को पार्टी के विलय के लिए कहा भाजपा हाईकमान कांडा से गठबंधन को लेकर राजी नहीं हुआ। जिसके बाद कांडा को दिल्ली बुलाया गया। यहां इमरजेंसी मीटिंग में कांडा को ऑफर किया गया कि वे अपनी हरियाणा लोकहित पार्टी का विलय भाजपा में कर लें। फिर वे सिरसा से भाजपा के चुनाव निशान कमल के फूल पर चुनाव लड़ें। हालांकि कांडा ने उनका ऑफर ठुकरा दिया।

हालांकि कांडा ने कहा कि मैंने कभी भाजपा से कोई सीट नहीं मांगी। हमारा शुरू से ही बिना शर्त समझौता है। इस बार हरियाणा में कांग्रेस नहीं बल्कि भाजपा की सरकार आएगी। भाजपा प्रदेश में जीत की हैट्रिक बनाएगी और हमारा गठबंधन भाजपा को सपोर्ट करेगा। कांडा के पार्टी विलय न करने पर अड़ने के बाद भाजपा ने उनकी सिरसा सीट से रोहताश जांगड़ा को उम्मीदवार घोषित कर दिया।

भाजपा ने सिरसा में उम्मीदवार उतारा, कांडा ने इनेलो-बसपा से गठबंधन किया अगले ही दिन गोपाल कांडा की पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) में गठबंधन हो गया। INLD पहले ही बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। इसके बाद इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने गोपाल कांडा को सिरसा सीट से गठबंधन का उम्मीदवार घोषित कर दिया।

सिरसा में गोपाल कांडा के निवास स्थान पर हलोपा और इनेलो के गठबंधन की जानकारी देते अभय सिंह चौटाला।

गठबंधन के बाद कांडा ने कहा- हम कांग्रेस के खिलाफ इनेलो से गठबंधन के बाद गोपाल कांडा ने कहा था कि सिरसा के अंतर्गत आने वाले रानियां और ऐलनाबाद में हलोपा का जनाधार है। ऐलनाबाद उपचुनाव में भाई गोबिंद कांडा को अच्छे वोट मिले थे। इसलिए अभय चाहते हैं कि हलोपा ऐलनाबाद और रानियां में इनेलो की मदद करे, बदले में वह सिरसा में मदद करेंगे। हम दोनों ही पार्टियां कांग्रेस के खिलाफ हैं।

हरियाणा कांग्रेस ने भाजपा और इनेलो का चुनाव चिन्ह की पोस्ट डाल सोशल मीडिया पर कहा कि इनका पुराना याराना है।

गोपाल कांडा की पूरी कहानी पढ़िए…

ओपी चौटाला के करीबी रहे कांडा गोपाल कांडा के करोड़पति बनने का असली सफर वर्ष 2000 के आसपास गुरुग्राम से शुरू हुआ। उस समय हरियाणा में ओमप्रकाश चौटाला की अगुआई में इनेलो की सरकार थी। उस दौर में गोपाल कांडा इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला के बेहद करीब थे। चौटाला सरकार के दौरान ही कांडा ने सिरसा जिले में तैनात रहे एक IAS अफसर से हाथ मिलाया। वह IAS अफसर गुरुग्राम में हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा, अब इसका नाम HSVP हो चुका है) में प्रशासक लग गया।

उस अफसर से दोस्ती का फायदा उठाते हुए गोपाल कांडा ने गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी। यह वो दौर था, जब गुरुग्राम में डेवलपमेंट शुरू ही हुआ था। दिल्ली से सटा होने के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियों ने वहां अपने कॉर्पोरेट दफ्तर बनाने शुरू किए तो गुरुग्राम के प्रॉपर्टी बाजार में ऐसा बूम आया कि रातोंरात लोगों के वारे-न्यारे हो गए।

गोपाल कांडा को इसका जमकर फायदा मिला। चौटाला सरकार के दौरान ही गोपाल कांडा के बाकी राजनेताओं से भी अच्छे संबंध बन गए। साल 2000 में कांडा ने ओपी चौटाला को नोटों की गडि्डयों से तौला था। तब ऐसी चर्चा रही कि कांडा ने चौटाला के वजन के बराबर तराजू में 80 लाख रुपए रखे थे।

2009 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीते 2004 के विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी, इनेलो हार गई और राज्य में भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा की अगुआई में कांग्रेस की सरकार बनी। बिजनेस की समझ रखने वाले गोपाल कांडा ने जल्दी ही हुड्‌डा सरकार में पैठ बना ली। उसके साथ ही वह इनेलो और चौटाला परिवार से दूर होते चले गए।

वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में गोपाल कांडा ने सिरसा विधानसभा सीट से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत गए। वह 2005 से 2009 तक हुड्‌डा सरकार में उद्योग मंत्री रहे सिरसा के दिग्गज लक्ष्मण दास अरोड़ा को हराकर विधानसभा पहुंचे।

विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तो कांग्रेस पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाई। तब कांग्रेस ने 40 सीटें जीतीं। इनेलो 32 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उस समय गोपाल कांडा ने सियासी हालात का फायदा उठाते हुए निर्दलीय जीतने वाले 5-6 विधायकों को रातोंरात हुड्‌डा को समर्थन दिलवा दिया। लगातार दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बने हुड्‌डा ने कांडा को बतौर इनाम गृह राज्य मंत्री बनाया।

गोपाल कांडा का सिरसा- रानियां रोड पर महल, जिसे कांडा महल के नाम से जाना जाता है। यह महल करीब ढाई एकड़ में फैला है और इसके अंदर हैलीपैड की सुविधा भी है।

एयरहोस्टेस सुसाइड केस में बरी हो चुके गोपाल कांडा एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा के सुसाइड केस में 11 साल बाद बरी हुए थे। गीतिका ने 23 साल की उम्र में 5 अगस्त, 2012 को दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने ही फ्लैट में सुसाइड कर लिया था। उस वक्त हरियाणा में कांग्रेस सरकार थी। भूपेंद्र हुड्‌डा CM थे। कांडा ने निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रखा था। बदले में उन्हें गृह राज्यमंत्री का पद मिला था।

पुलिस को गीतिका के घर से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने सुसाइड के लिए गोपाल कांडा और उसकी एयरलाइंस कंपनी, MDLR की मैनेजर अरूणा चड्‌ढा को जिम्मेदार ठहराया। गीतिका ने लिखा कि मैं अपने आप को खत्म कर रही हूं। मेरा विश्वास टूट गया है। मेरे साथ धोखा किया गया। गोपाल कांडा और अरूणा चड्ढा ने मेरा विश्वास तोड़ा। मगर, गीतिका सुसाइड केस में नाम आने के बाद कांडा को मंत्री पद छोड़ना पड़ा।। फिर 18 महीने तिहाड़ जेल में बिताने पड़े। हालांकि एक साल पहले दिल्ली कोर्ट से वे बरी हो गए।

एक सीट पर उम्मीदवार बदल चुकी भाजपा

पिहोवा सीट से भाजपा उम्मीदवार बनाए कवलदीप अजराना की पाकिस्तानी आर्मी संग खुशी मनाते हुए फोटो वायरल हुए थे।

इससे पहले भाजपा ने अचानक कुरुक्षेत्र की पिहोवा सीट से उम्मीदवार कवलदीप सिंह अजराना को बदल दिया था। अजराना का पीएम नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषण का वीडियो और पाकिस्तानी आर्मी के साथ फोटो वायरल हुए हुए थे। उनकी जगह जय भगवान शर्मा डीडी को टिकट दिया गया था।

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