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खट्‌टर के कार्यक्रम में मंच से कुर्सी फेंकी:SC मोर्चा जिला अध्यक्ष को नीचे बैठने के लिए कहने पर विवाद; कार्यकर्ताओं को जोड़ने पहुंचे थे पूर्व CM

खट्‌टर के कार्यक्रम में मंच से कुर्सी फेंकी:SC मोर्चा जिला अध्यक्ष को नीचे बैठने के लिए कहने पर विवाद; कार्यकर्ताओं को जोड़ने पहुंचे थे पूर्व CM

हिसार6 मिनट पहले
झज्जर में कार्यक्रम के दौरान कुर्सी फेंकते SC मोर्चा जिला अध्यक्ष।

हरियाणा में झज्जर के बहादुरगढ़ में आज केंद्रीय मंत्री व पूर्व CM मनोहर लाल खट्‌टर के कार्यक्रम में मंच से कुर्सी फेंकने का मामला सामने आया है। यहां खट्‌टर कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव लड़ने व जीतने की सीख देने पहुंचे थे।

इस दौरान मंच पर बैठे नेताओं में कुर्सी को लेकर विवाद हो गया, और SC मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेश मकड़ोली ने मंच से कुर्सी उठाकर फेंक दी। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें भाजपा नेता भाषण दे रहे हैं, और उनके ठीक पीछे खड़े लोगों में विवाद चल रहा है।

बैठने को लेकर हुआ विवाद राजेश मकड़ोली का मंच पर बैठने को लेकर किसी नेता से विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि राजेश को नेता ने मंच से नीचे जाकर बैठने के लिए कह दिया था। इससे नाराज राजेश उठे और मंच से कुर्सी फेंक कर नीचे उतर गए। इसके बाद नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की और पीछे दौड़े, लेकिन वह कार्यक्रम से निकल गए।

पवन सैनी की गाड़ी को गांव से लौटाते किसान।

नेताओं का हो रहा विरोध दूसरी तरफ भाजपा नेताओं को चुनाव प्रचार में भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। लोग उनसे सरकार के काम का हिसाब मांग रहे हैं। इसी कड़ी में आज अंबाला से नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी पवन सैनी के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन किया। इसके चलते उन्हें गांव से लौटना पड़ा।

वहीं, फरीदाबाद के बड़खल विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करने पहुंचे भाजपा उम्मीदवार खाली हाथ लौट गए। ग्रामीणों ने उन्हें रास्ते में रोककर सड़क की खस्ता हालत के बारे में बताया और सवाल पूछने लगे। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी धनेश अदलखा वहां से लौट गए।

इससे पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल विज, पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, विधायक विनोद भयाना, नारायणगढ़ में भाजपा प्रत्याशी पवन सैनी, जेजेपी नेता व पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और बरवाला से कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास घोड़ेला को विरोध का सामना करना पड़ चुका है। सरकार के रहते किसानों और मजदूरों को दिल्ली जाने से रोकने पर भाजपा और जेजेपी प्रत्याशियों को घेरा जा रहा है।

नेताओं के विरोध से जुड़े मामले सिलसिलेवार ढंग से पढ़ें..

नारायणगढ़ के गांव में पवन सैनी को प्रचार नहीं करने दिया CM नायब सैनी के गृह क्षेत्र अंबाला के विधानसभा क्षेत्र नारायणगढ़ में भाजपा उम्मीदवार पवन सैनी का विरोध किया गया है। पवन सैनी नारायणगढ़ कस्बे में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। लेकिन, उनके आने से पहले ही स्थानीय किसान संगठनों के लोगों को इसकी भनक लग गई।

इसके बाद किसान संगठन के सदस्य पहले ही गांव के रास्ते पर झंडे लेकर जमा हो गए। उन्होंने पवन सैनी की गाड़ी आते ही नारेबाजी शुरू कर दी और उन्हें गांव में नहीं घुसने दिया। इसके बाद पवन सैनी को बिना प्रचार किए रास्ते से ही लौटना पड़ा। उनके सामने किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए।

बीजेपी कैंडिडेट दिनेश अदलखा को गांव वालों ने रोका और सवाल पूछे।

लोगों ने धनेश अदलखा को रास्ते में रोका फ़रीदाबाद के बड़खल विधानसभा में चुनावी प्रचार करने पहुंचे भाजपा प्रत्याशी उल्टे पैर लौट गए। रास्तें उनको रोक कर ग्रामीणों ने उन्हें सड़क की जर्जर हालत के बारे में बताया और सवाल पूछने लगे। लोगों ने भाजपा प्रत्याशी से कीचड़ से भरी सड़क पर चलने को कहा, जिसके बाद भाजपा प्रत्याशी धनेश अदलखा वहां से लौट गए।

आज करीब 12 बजे बड़खल विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी धनेश अदलखा अपने एक कार्यक्रम के लिए नवादा गांव में जा रहे थे, डबुआ से नवादा की तरफ जाने वाले रास्ते पर पिछले काफी समय से नाली और सीवर का पानी भरा हुआ है। जिसकी शिकायत लोगों ने बहुत की लेकिन समाधान नहीं हो पाया।

अनिल विज के प्रोग्राम में हंगामा अंबाला कैंट विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार और पूर्व गृहमंत्री अनिल विज को रविवार शाम जलबेड़ा और शाहपुर गांव में किसानों का विरोध झेलना पड़ा। विज के इन दोनों गांवों में चुनावी कार्यक्रम रखे गए थे। इसकी भनक लगते ही किसान यूनियनों से जुड़े लोग वहां पहुंच गए और झंडे लहराते हुए नारेबाजी करने लगे।

शाहपुर गांव में विरोध जताने वाले लोग भारतीय किसान यूनियन (भगत सिंह गुट) से जुड़े थे। वह यूनियन के झंडे लेकर कार्यक्रम के अंदर पहुंच गए। हंगामे के दौरान विज समर्थकों ने भी ‘अनिल विज जिंदाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। दोनों पक्षों के आमने-सामने हो जाने और नारेबाजी से माहौल गर्मा गया। हंगामा बढ़ता देखकर अनिल विज प्रोग्राम बीच में ही छोड़कर शाहपुर गांव से रवाना हो गए।

किसानों और अनिल विज के समर्थकों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।

दुष्यंत चौटाला को काले झंडे दिखाए हरियाणा के उचाना में शनिवार शाम पूर्व डिप्टी सीएम और जननायक जनता पार्टी (JJP) के उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला का छातर गांव में विरोध हुआ। दुष्यंत का काफिला जैसे ही गांव में पहुंचा तो वहां युवाओं ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी।

युवकों ने आरोप लगाया कि दुष्यंत चौटाला को पिछले विधानसभा चुनाव में यहां के लोगों ने बड़ी जीत दिलाई थी। लोगों ने भाजपा के खिलाफ होकर दुष्यंत के लिए वोटिंग की। दुष्यंत चुनाव जीत गए तो वह खुद भाजपा के साथ चले गए। इसे लेकर लोगों में बहुत नाराजगी है।

युवकों का कहना है कि पिछले चुनाव के बाद छातर गांव ने दुष्यंत चौटाला का सामाजिक बहिष्कार किया था। जिस कारण लोग सामाजिक बहिष्कार किए हुए लोगों को गिरफ्तार करने की बात कर रहे हैं।

दुष्यंत चौटाला को काले झंडे दिखाते ग्रामीण युवक।

जींद में भाजपा उम्मीदवार कृष्ण बेदी से तीखी बहस.. जींद जिले के नरवाना विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP के प्रत्याशी पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी और ग्रामीणों में तीखी बहस हो गई। वे भिखेवाला गांव में चुनाव प्रचार व वोट मांगने गए थे। इस दौरान उनको ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसान आंदोलन के दौरान भाजपा के व्यवहार से लोगों में रोष था।

भिखेवाला में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते हुए बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण बेदी।

वे चुनाव प्रचार के लिए गांव भिखेवाला की चौपाल में पहुंचे थे। वहां एकत्रित लोगों ने कृष्ण बेदी को कहा कि उन्होंने मंत्री रहते हुए कभी उनके गांव की समस्याओं को निपटाने में दिलचस्पी नहीं ली। इसलिए अब विधानसभा चुनाव में गांव के लोग भी कृष्ण बेदी की कोई बात नहीं सुनेंगे।

इस दौरान ग्रामीणों व कृष्ण बेदी के बीच खूब सवाल जवाब हुए। ग्रामीणों ने यहां तक कह दिया कि जिस प्रकार का अपमान भारतीय जनता पार्टी व उसके मंत्रियों ने किसानों- मजदूरों का किया, ठीक उसी प्रकार अब वे विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ करेंगे। इस दौरान कृष्ण बेदी लोगों को समझाते हुए नजर आए। लेकिन लोग उनकी बात सुनने के लिए राजी नहीं हुए।

अनूप धानक के साथ बहस करते ग्रामीण।

उकलाना में अनूप धानक का विरोध, बोले- जब आप मंत्री थे हमारे से बदबू आती थी, अब कैसे याद आई हिसार जिले की उकलाना विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अनूप धानक को शनिवार को विरोध का सामना करना पड़ा। धानक प्रभुवाला और कंडूल गांव में पहुंचे तो यहां ग्रामीणों ने नारेबाजी की। प्रभुवाला में ग्रामीणों ने कहा कि आप पिछले 10 वर्षों से हलके के विधायक रहे।

एक बार भी उनका हाल-चाल लेने नहीं आए। जब मंत्री बने हुए थे तो हमारे से बदबू आती थी। अगर खुशी में मिठाई देने जाते तो वह भी खाने की बजाय दीवार पर रख देते थे। आज ग्रामीणों की याद कैसे आ गई। कंडूल गांव में ग्रामीणों ने कहा कि 10 वर्षों में उनके गांव में करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है। किसी के यहां शोक जताने तक नहीं आए।

विनोद भयाना का विरोध करते ग्रामीण।

किसान बोले- शुभकरण को गोली क्यो मारी, भयाना ने कहा- वोट मत देना वहीं, हांसी के गांव घिराय में किसानों ने विनोद भयाना के कार्यक्रम में हंगामा करते हुए पूछा कि किसान आंदोलन में आपकी सरकार ने शुभकरण को गोली क्यों मरवाई। हांसी में डीपी वत्स और बृजेंद्र सिंह ने किसान आंदोलन के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकाला था।

आपकी सरकार किसान विरोधी है जो कृषि यंत्रों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। हांसी से भाजपा उम्मीदवार बोले- इस बात का विरोध करना है तो वोट मत देना मगर बहसबाजी मत करो।

कांग्रेस उम्मीदवार रामनिवास घोड़ेला।

कांग्रेस प्रत्याशी के विरोध में पंचायत बुलाई; किसान बोले- CLU कांड के आरोपी को टिकट दी हरियाणा के बरवाला से कांग्रेस उम्मीदवार रामनिवास घोड़ेला को टिकट देने के विरोध में किसानों ने 20 सितंबर को पंचायत बुलाई है। किसान नेता जोगेंद्र मय्यड़ ने बताया कि कांग्रेस ने चेंज ऑफ लैंड यूज कांड के आरोपी को टिकट दी है। हमने मीटिंग करके सर्वसम्मति से 31 सदस्यीय कमेटी बनाई है। ये कमेटियां स्वयं गांव-गांव जाएंगी और मीटिंग के लिए निमंत्रण देंगी।

इससे पहले, किसानों ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर रामनिवास घोड़ेला को टिकट न देने के लिए कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया की टिकट का विरोध किया था।

2009 से 2014 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे विनोद भयाना, रामकिशन फौजी, विधायक जरनैल सिंह, स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह, विधायक नरेश सेलवाल ने CLU करवाने के लिए वक्फ बोर्ड की जमीन रिलीज करवाने के लिए और विधायक रामनिवास घोड़ेला ने सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत ईंट भट्टों पर बच्चों को पढ़ाने का काम NGO को दिलवाने के लिए घूस की मांग की थी।

इस मामले में स्टिंग ऑपरेशन किया गया था। उस स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर इनेलो ने 2014 में इन सबके खिलाफ भ्रष्ट आचरण की शिकायत लोकायुक्त से की। तत्कालीन लोकायुक्त ने 16 दिसंबर, 2015 को उपरोक्त सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत SIT गठित करके जांच के आदेश दिए थे।

27 जुलाई, 2015 को तत्कालीन एडीजीपी एवं SIT के इंचार्ज वी कामराजा ने इन सबको भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दोषी माना और इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की थी। जिसके बाद स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने सभी के खिलाफ केस दर्ज किया।

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