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अमृतपाल के साथी राउके ने NSA को दी चुनौती:पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका की दायर, केंद्र सरकार व डिब्रूगढ़ जेल को नोटिस

अमृतपाल के साथी राउके ने NSA को दी चुनौती:पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका की दायर, केंद्र सरकार व डिब्रूगढ़ जेल को नोटिस

चंडीगढ़3 घंटे पहले
कुलवंत सिंह राउके ने एनएसए के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की याचिका।

खालिस्तान समर्थक और खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के साथी कुलवंत सिंह राउके ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। साथ ही खुद पर दूसरी बार लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को चुनौती दी है। उसने खुद पर लगाए NSA को गलत बताया है। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए डिब्रूगढ़ जेल के सुपरिटेंडेंट, केंद्र सरकार और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई पर उन्हें अपना जवाब दाखिल करना होगा। इससे पहले दलजीत सिंह कलसी समेत कुछ लोगों ने चुनौती है।

पहले बिजली निगम में क्लर्क था तैनात

कुलवंत सिंह इस मामले में गिरफ्तार होने से पहले पंजाब स्टेट कॉर्पोरेशन में बतौर क्लर्क तैनात था। वह अमृतपाल सिंह का करीबी है। जब 23 फरवरी 2023 को अमृतपाल और उनके समर्थकों द्वारा कथित तौर पर अजनाला पुलिस स्टेशन परिसर हमला करने का केस दर्ज हुआ था। उसके बाद मार्च महीने में उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया था।

कुलवंत सिंह राउके को पुलिस ने घर से लिया हिरासत में । (फाइल फोटो)

राउके बरनाला से चुनाव लड़ने की तैयारी में

अमृतपाल सिंह के खडूर साहिब से सांसद बनने के बाद उसके साथी भी चुनाव लड़ने की तैयारी में है। कुलवंत सिंह राऊके बरनाला सीट पर होने वाले उप चुनाव में चुनावी दंगल में उतरेंगे। इसका ऐलान कुलवंत सिंह के भाई महासिंह ने 3 महीने पहले किया था। उस समय उन्होंने मीडिया से कहा था कि ‘मैंने शुक्रवार को अपने भाई से फोन पर बात की थी। उसने जेल में रहते हुए बरनाला उप चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हम उसका पूरा समर्थन करेंगे। क्योंकि बरनाला सीट पर आम आदमी पार्टी (AAP) के गुरमीत सिंह मीत हेयर विधायक थे। संगरूर से सांसद बनने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया है।

पिता पर भी लगा था NSA

राउके के पिता को भी पंजाब के उग्रवाद के दौर में 25 मार्च 1993 को पुलिस ने हिरासत में लिया था। वे कभी घर नहीं लौटे। परिवार का कहना है कि हमें नहीं पता कि उन्हें फर्जी मुठभेड़ में मारा गया या वे अभी भी जीवित हैं। हमारे पास उनकी मौत का कोई सबूत नहीं है। उन्हें पुलिस ले गई और वे कभी वापस नहीं आए। उनके पिता को भी 1987 में NSA के तहत जेल में रखा गया था।

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