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शाह बोले- कश्मीर में आतंक को पाताल में दफन करेंगे:अब्दुल्ला को कांग्रेस ने देशद्रोही कहा, अब राहुल उनके साथ ही ILU-ILU कर रहे

शाह बोले- कश्मीर में आतंक को पाताल में दफन करेंगे:अब्दुल्ला को कांग्रेस ने देशद्रोही कहा, अब राहुल उनके साथ ही ILU-ILU कर रहे

श्रीनगर29 मिनट पहले
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के पद्दार नागसेनी और किश्तवाड़ में जनसभा को संबोधित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जनसभा की। शाह ने कहा कि मैं हैरान हूं कि सत्ता का लालच क्या-क्या कर सकता है।

उन्होंने कहा, ‘जिस कांग्रेस पार्टी ने इस अब्दुल्ला परिवार को देशद्रोही कहा, आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया और उमर अब्दुल्ला के दादा को सालों तक जेल में रखा। आज मोदी जी के सामने जीतने के लिए राहुल और उमर अब्दुल्ला ILU-ILU कर रहे हैं।’

शाह ने कहा कि उमर अब्दुल्ला कहते हैं कि अफजल गुरु को फांसी नहीं देनी चाहिए। यही बताता है कि राहुल गांधी और उमर अब्दुल्ला की सरकार बनी तो क्या होगा?

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जम्मू-कश्मीर में फिर से गोलियां चलेंगी, पथराव होगा, आतंकियों के जनाजे निकलेंगे, ताजिया जुलूस बंद हो जाएगा, सिनेमा हॉल बंद हो जाएंगे, अमरनाथ यात्रा पर हमला होगा और जम्मू-कश्मीर में जो निवेश आ रहा है, इसकी जगह बेरोजगारी होगी।

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जिनके मंसूबे आतंक फैलाने के, वे वापस चले जाएं शाह ने कहा कि मैं आज यहां कहता हूं जिनके मंसूबे जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के हैं। उनके पास अभी भी समय है। वे वापस चले जाएं, नहीं तो भारतीय सेना और सुरक्षा बल यहां तैनात है। यहीं पर ठिकाने लगा दिए जाओगे।

शाह ने कहा कि मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र को मजबूत किया। मैं पूछना चाहता हूं फारूक अब्दुल्ला से कि आपकी तीन पुश्तों ने राज किया, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज कभी मिला ​था?

किश्तवाड़ में शाह की दूसरी रैली थी। इसके पहले उन्होंने आज ही पाड्डर के नागसेनी में जनसभा की थी। शाह की तीसरी रैली रामबन में होगी। जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर को विधानसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग होगी। ऐसे में यह पहले फेज के लिए चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन आतंकवाद का पोषक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहली जनसभा पाड्डर के नागसेनी में की थी। उन्होंने यहां कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस का गठबंधन आतंकवाद का पोषक रहा है। घाटी में जब-जब NC-कांग्रेस की सरकार आई, तब-तब यहां आतंकवाद को बढ़ावा मिला है।

शाह ने कहा कि दोनों पार्टियां कहती हैं कि उनकी सरकार आई तो अनुच्छेद 370 को फिर से लागू करेंगे। क्या अनुच्छेद 370 वापस होना चाहिए? अनुच्छेद 370 अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है।

भारत के संविधान में अनुच्छेद 370 के लिए कोई जगह नहीं है। कश्मीर में कभी भी दो प्रधानमंत्री, दो संविधान और दो झंडे नहीं हो सकते। वहां केवल एक झंडा होगा और वह हमारा तिरंगा है।

आरक्षण खत्म करना चाहती हैं NC और कांग्रेस शाह ने कहा कि एक और नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस आतंक से लैस जम्मू-कश्मीर बनाना चाहते हैं, तो दूसरी ओर मोदी जी विकसित कश्मीर बनाना चाहते हैं।

धारा 370 हटने के बाद यहां ​की महिलाओं को जो आरक्षण मिला है। उसे नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस खत्म करना चाहते हैं, तो वहीं मोदी जी महिलाओं के साथ गुर्जर, पहाड़ी, दलित और ओबीसी को भी आरक्षण का अधिकार देना चाहते हैं।

पहाड़ी और गुर्जर भाइयों को जो आरक्षण मिलता है, अनुच्छेद 370 बहाल होने पर वह नहीं मिल पाएगा, लेकिन मैं कश्मीर का माहौल देख रहा हूं। न तो फारूक अब्दुल्ला और न ही राहुल गांधी यहां सरकार बना रहे हैं।

गृह मंत्री बोले- मोदी ने कश्मीर में वंशवाद खत्म किया मोदी जी ने घाटी में वंशवाद को खत्म कर दिया है। पंचायतों के चुनावों ने स्थानीय और योग्य लोगों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने का मौका दिया। याद कीजिए 90 के दशक को, मैं फारूक अब्दुल्ला से पूछना चाहता हूं कि आप यहां के मुख्यमंत्री थे, राजीव गांधी के साथ समझौता करके चुनकर आए। जब हमारी घाटी खून से लथपथ हो गई, तब आप कहां थे?

शाह बोले थे- धारा 370 इतिहास बन गई अमित शाह ने 6 सितंबर को घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा था, ‘जम्मू-कश्मीर भारत का है, था और रहेगा। 10 साल में राज्य का विकास हुआ है और रहा है। आज धारा 370 और 35 (A) बीते दौरे की बात बन गई है। अब ये हमारे संविधान का हिस्सा नहीं है। ये सब पीएम नरेंद्र मोदी के ताकतवर फैसले से हुआ। धारा 370 इतिहास बन गई है। हम इसे कभी आने नहीं देंगे।’

बीजेपी के संकल्प पत्र की 9 बड़ी बातें

  1. महिलाओं के लिए: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर साल 2 फ्री एलपीजी सिलेंडर। मां सम्मान योजना के जरिए हर एक परिवार की सबसे सीनियर महिला को 18 हजार रुपए सालाना की आर्थिक सहायता। महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप का लोन माफ की घोषणा।
  2. स्टूडेंट्स के लिए, युवाओं के लिए: पंडित प्रेम नाथ डोगरा रोजगार योजना के जरिए 5 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना। प्रगति शिक्षा योजना के तहत कॉलेज स्टूडेंट्स को हर साल 3 हजार रुपए यातायात भत्ता। JKPSC और UPSC की तैयारी के लिए 2 साल तक 10 हजार रुपए कोचिंग फीस की आर्थिक सहायता। 10वीं क्लास में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को टेबलेट और लैपटॉप मिलेगा।
  3. राज्य के डेवलपमेंट के लिए: श्रीनगर की डल झील को वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट बनाया जाएगा। श्रीनगर के टैटू ग्राउंड में एम्यूजमेंट पार्क बनाया जाएगा। डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी, पुंछ, उधमपुर और कठुआ के ऊपरी एरिया टूरिस्ट इंडस्ट्री के तौर पर अपडेट होंगे। कश्मीर घाटी में गुलमर्ग और पहलगाम को मॉडर्न टूरिस्ट सिटी बनाया जाएगा। श्रीनगर में तवी रिवरफ्रंट बनाया जाएगा। रणजीत सागर बांध बसोहली के लिए अलग झील विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा। जम्मू में स्पेशल इकोनॉमिक जोन के तौर पर आईटी हब बनाया जाएगा।
  4. पानी और सोलर के लिए: बिजली-पानी के बकाया बिलों की समस्या के लिए योजना लाई जाएगी। हर घर नल से जल (जल जीवन मिशन) के तहत जम्मू-कश्मीर के सभी घरों में पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए परिवारों को मुफ्त बिजली, सोलर उपकरण लगाने के लिए 10 हजार की सब्सिडी की घोषणा।
  5. संविदा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए: एडहॉक, संविदा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नई नीति लाई जा सकती है। आंगनवाड़ी, आशा, एनएचएम, रहबर-ए-खेल कर्मचारियों (Rek), सामुदायिक सूचना केंद्र (CIC) संचालकों, होम गार्ड और राष्ट्रीय युवा कोर जैसे कम्युनिटी वर्करों को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
  6. किसानों के लिए: पीएम किसान सम्मान निधि में 10 हजार दिए जाएंगे, 6 हजार रुपए में अतिरिक्त 4 हजार शामिल होंगे। खेती के कामों के लिए बिजली दरों को 50 फीसदी कम किया जाएगा। अटल आवास योजना के जरिए भूमिहीन लोगों को 5 मरला (करीब एक बीघा) जमीन मुफ्त दी जाएगी।
  7. डेवलपमेंट बोर्ड और IT हब के लिए: जम्मू-कश्मीर में सरकारी योजनाओं की निगरानी के लिए तीन क्षेत्रीय विकास बोर्ड (RDB) स्थापित किए जाएंगे। जम्मू में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) के तौर पर आईटी हब बनाया जाएगा। उधमपुर में फार्मास्युटिकल पार्क और किश्तवाड़ में आयुष हर्बल पार्क की स्थापना।
  8. विस्थापित समाज पुनर्वास योजना के लिए: टीका लाल टपलू विस्थापित समाज पुनर्वास योजना शुरू होगी। कश्मीरी पंडितों, वाल्मीकि, गोरखाओं सहित अन्य विस्थापितों की सुरक्षित वापसी और पुनर्वास में तेजी लाई जाएगी।
  9. 100 खंडहर मंदिरों के लिए: ऋषि कश्यप तीर्थ पुनरुद्धार अभियान के अंतर्गत हिंदू मंदिरों और धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। 100 खंडहर मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। धार्मिक और आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से शंकराचार्य मंदिर (ज्येष्ठेश्वर मंदिर), रघुनाथ मंदिर व मार्तंड सूर्य मंदिर सहित अन्य मौजूदा मंदिरों का और अधिक विकास किया जाएगा।

मोदी-शाह समेत 40 स्टार प्रचारक बनाए भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है। लिस्ट में शिवराज चौहान, योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी का भी नाम है।

कश्मीर में कुछ सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर सकती है भाजपा जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि घाटी के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में जमीनी हालात को देखते हुए भाजपा कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे जम्मू-कश्मीर में इस समय भाजपा की जबरदस्त लहर है। मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा की सरकार बनेगी। प्रचंड बहुमत के साथ जम्मू-कश्मीर में भाजपा अपनी सरकार बनाएगी।

कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव पूर्व गठबंधन किया कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने चुनाव पूर्व गठबंधन किया है। NC 52 सीटों पर और कांग्रेस 31 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है। दोनों पार्टियों ने दो सीटें छोड़ी हैं, एक घाटी में CPI (M) के लिए और दूसरी जम्मू संभाग में पैंथर्स पार्टी के लिए।

जम्मू संभाग में नगरोटा, बनिहाल, डोडा और भद्रवाह और घाटी में सोपोर की पांच सीटों पर NC और कांग्रेस दोनों ही अपने उम्मीदवार उतारेंगे, जिसे गठबंधन ‘दोस्ताना मुकाबला’ कह रहा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला ने 22 अगस्त को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन का ऐलान किया था।

2014 में हुए थे आखिरी विधानसभा चुनाव जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे। तब BJP और PDP ने गठबंधन सरकार बनाई थी। 2018 में गठबंधन टूटने के बाद सरकार गिर गई थी। इसके बाद राज्य में 6 महीने तक राज्यपाल शासन (उस समय जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुसार) रहा। इसके बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।

राष्ट्रपति शासन के बीच ही 2019 के लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें BJP भारी बहुमत के साथ केंद्र में लौटी। इसके बाद 5 अगस्त 2019 को BJP सरकार ने आर्टिकल-370 खत्म करके राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांट दिया था। इस तरह जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।

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