Headlines

मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस सांसद का शाह को लेटर:कहा- केंद्र के लिए मणिपुर मायने नहीं रखता; गुजरात में ऐसा होता तो आप दुखी होते

मणिपुर में हिंसा के बीच इनर मणिपुर सीट से कांग्रेस सांसद डॉ. ए बिमोल अकोइजाम ने 10 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेटर लिखा। उन्होंने पूछा कि अगर इस तरह का हिंसक संकट देश के मुख्य राज्यों जैसे यूपी, बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र में होता, तब भी क्या केंद्र सरकार इसे जारी रहने देती।

अकोइजाम ने कहा, ‘मणिपुर की मौजूदा स्थिति 1947 में भारत के विभाजन की याद दिलाती है। यह 2021 से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस ​​के रूप में मनाने के सरकार के हालिया प्रयासों को देखते हुए विशेष रूप से दर्दनाक है।’

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘मुझे बहुत अफसोस है कि केंद्र के लिए मणिपुर में लोगों का जीवन कोई मायने नहीं रखता। अगर ऐसा कुछ आपके अपने गृह राज्य गुजरात में होता तो आपको बहुत दुख होता, जैसा कि किसी भी अन्य गुजराती को महसूस होता।’

इंफाल में हिंसा के खिलाफ 10 सितंबर को छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने उनपर आंसू गैस के गोले दागे।

मणिपुर में 15 सितंबर तक इंटरनेट बैन, दो दिन कॉलेज बंद मणिपुर में 3 मई 2023 से कुकी-मैतेई समुदाय के बीच जातीय संघर्ष जारी है। इस महीने 1 सितंबर से मैतेई इलाकों में ड्रोन और रॉकेट हमलों के बाद हिंसा और बढ़ गई है। हमलों के खिलाफ 8 सितंबर से लोगों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।

सरकार ने राज्य में 15 सितंबर तक इंटरनेट बैन कर दिया है। 12 सितंबर तक कॉलेज बंद हैं। इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट सहित तीन जिलों में कर्फ्यू लगा है। केंद्र ने मणिपुर में 2,000 और CRPF जवान भेजने का फैसला किया है। पुलिस ने बुधवार (11 सितंबर) को बताया कि राज्य में स्थिति तनावपूर्ण है। हालांकि, स्थिति अभी काबू में है।

छात्रों का हिंसक प्रदर्शन, 60 घायल; 10 पॉइंट्स में मामला समझिए

  • मणिपुर के लोग राज्य के डीजीपी, सुरक्षा सलाहकार, केंद्रीय सुरक्षा बलों को हटाने, 16 महीने से छिड़े गृह युद्ध जैसे हालात खत्म करने और सुरक्षा बलों की यूनिफाइड कमांड को केंद्रीय गृह मंत्रालय के हाथ से लेकर मुख्यमंत्री को सौंपने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये सभी हमारी सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं। ड्रोन और रॉकेट अटैक के बाद से हम 24 घंटे डर के माहौल में जी रहे हैं।
  • 8 सितंबर को मैतेई समुदाय के छात्रों ने इंफाल में किशमपट के टिडिम रोड पर 3 किलोमीटर तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी राजभवन और CM हाउस तक पहुंच गए। ये गवर्नर और CM को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। सुरक्षाबलों ने छात्रों को अगले दिन यानी 9 सितंबर को ज्ञापन सौंपने की मांग पूरी कर दी, इसके बाद भी स्टूडेंट्स सड़क पर रात भर प्रदर्शन करते रहे।
  • 9 सितंबर को सैकड़ों स्टूडेंट्स ने राजभवन पर पत्थरबाजी की। इस दौरान सुरक्षाकर्मी भागते दिखे। सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोका। कई राउंड आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट दागे। इसमें 20 स्टूडेंट्स घायल हो गए।​​​​
  • 10 सितंबर को छात्रों का प्रदर्शन और हिंसक हो गया। उन्होंने राज्य सरकार को अपनी छह मांगें सौंपी थीं। इन्हें पूरा करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन जब सरकार से कोई जवाब नहीं मिला तो करीब 2500 छात्र-छात्राएं आक्रोशित हो गए। राजभवन की ओर मार्च कर रहे स्टूडेंट्स की सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। छात्रों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया और गुलेल से छर्रे मारे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए।

1 सितंबर से तीन ड्रोन हमले, अब तक 8 की मौत मणिपुर में 1 सितंबर से 7 सितंबर तक, एक हफ्ते के बीच हिंसा की चार घटनाएं हुईं। इनमें 8 लोगों की मौत और 12 घायल हो गए। चार में से तीन हमले ड्रोन और रॉकेट से किए गए थे। चारों घटनाएं सिलसिलेवार पढ़ें…

1 सितंबर: 1 साल से जारी हिंसा में पहली बार ड्रोन अटैक, 2 मौतें मणिपुर में मई 2023 से हिंसा जारी है। हालांकि, इस साल सितंबर में पहली बार ड्रोन हमला देखने को मिला। इंफाल वेस्ट जिले के कोत्रुक गांव में 1 सितंबर को उग्रवादियों ने पहाड़ी के ऊपरी इलाके से कोत्रुक और कडांगबांड घाटी के निचले इलाकों में फायरिंग की और ड्रोन से हमला किया। इसमें 2 लोगों की मौत और 9 घायल हुए। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024